September 12, 2026
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    राजनांदगांव

    राजनांदगांव (1783)

    राजनांदगांव। शौर्यपथ /संगीत के क्षेत्र में एक अलग पहचान बना रहीं गायिका अरुणा चावड़ा एक बार फिर एक भक्ति गीत महामाया देवी आरती के रिलीज के लिए तैयार है। उनका नया गीत 29 जून को यूट्यूब चैनल और अन्य सभी डिजिटल ऑडियो प्लेटफॉर्म जैसे जिओ सावन, विंक म्‍यूकजि़क, आई ट्यून्स पर रिलीज किया जाएगा। इस गीत को लक्ष्मण धारी मिश्रा ने लिखा है। स्क्रिप्ट लिरिक्स गीतकार आशुतोष झा के हैं और कंपोज अरुणा चावड़ा द्वारा किया गया है। गायिका अरुणा चावड़ा बताती हैं कि उनके आवाज से प्रभावित होकर अश्रु आनंद के द्वारा उन्हें काफी सारे गाने का प्रोजेक्ट बॉलीवुड इंडस्ट्री में मिला। अरुणा चावड़ा का इससे पहले होली गाना "गाओ फाग रे हाई" फ्लो रिकॉर्ड से रिलीज किया गया जो फैंस को काफी पसंद आया है।अरुणा चावड़ा छत्तीसगढ़ की उभरती गायिका और म्यूजिक कंपोजर में से एक हैं। उनके दो और गाने ज़ी म्यूजिक कंपनी और छत्तीसगढ़ी फिल्म में रिलीज होने को तैयार है। अरुणा चावड़ा का जन्म अंबिकापुर में ओमप्रकाश मिश्रा के घर हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अंबिकापुर से की। बचपन से संगीत में लगाव के कारण वे अपनी संगीत की उच्च शिक्षा के लिए इंदिरा गांधी कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ आ गई। इस संगीत विश्वविद्यालय से उन्होंने एमए क्लासिक, एमए पॉप म्यूजिक, इन लाइट म्यूजिक आदि कई प्रकार के उच्च शिक्षा ग्रहण की उसके बाद अरुणा चावड़ा का संगीत का सफर शुरू हुआ और पुरस्कारों का सफर की शुरुआत हुई। विवाह उपरांत इस गतिविधि में उनके पति अमित चावड़ा का भी विशेष योगदान रहा है। जिसकी बदौलत वह आज इस मुकाम पर पहुंची है। गायकी के क्षेत्र में उन्हें विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। --------------

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल राजनांदगांव ने जिला पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा और सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक और पुलिस विभाग को साधुवाद और बधाई दिए कि एक चोरी के मामले में इतनी गहन और सूक्ष्म निरीक्षण और विवेचना कि, जिससे कि ऐसा चोरों का गैंग पकड़ाया, जो अपनी पहचान बदल के बड़े अपराधों को अंजाम देता था और जिनके तार बांग्लादेश से जुड़े हैं और पूरी संभावना है कि वे घुसपैठिए है जो अवैध रूप से हमारे देश में घुस के बड़े-बड़े अपराध को अंजाम दे रहे थे।
    साथ ही साथ विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल ने अनुरोध किया कि ऐसे ही बहुत से घुसपैठिए और अपराधी अवैध रूप से हमारे जिले में रहकर देश की कानून व्यवस्था को तोड़ के अनेक प्रकार का अपराध कर रहे हैं। ज्यादातर ऐसे अपराधी और घुसपैठिये जिनमें रोहिंग्या लोगों के होने की संभावना भी हो सकती हैं। जिले के बीहड़ ग्रामीण क्षेत्रों में या सीमावर्ती इलाकों में रह रहे हैं, उनकी भी सघन तलाशी अभियान चलाया जाये, ताकि भविष्य में जिले में शांति व्यवस्था कायम रहे और हमारा राजनांदगांव सुरक्षित रह सके।
    इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत सत्संग प्रमुख शिव शर्मा, बजरंग दल के संभाग प्रमुख अरुण गुप्ता, जिला सह मंत्री लव कुमार मिश्रा, उपाध्यक्ष राज बहादुर सिंह, नगर अध्यक्ष अनूप श्रीवास, उपाध्यक्ष दुर्गा यादव, बाबा मेश्राम, संतोष तुरहाते, लक्ष्मी नारायण पसीने, जिला गौ रक्षा प्रमुख रिंकू तिवारी, बजरंग दल के जिला अखाड़ा प्रमुख सुनील सेन, नगर संयोजक राज सोनकर, गगन साहू, प्रवीण शर्मा, आशीष तिवारी, कमलेश वैष्णव, कौशल किशोर पांडे उपस्थित थे।

    ० 1760 किलोग्राम गांजा सहित ट्रक आयसर वाहन कुल कीमती 1 करोड़ 8 लाख रूपये जप्त
    ० थाना गैदाटोला पुलिस की कार्यवाही

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज विवेकानंद सिन्हा व पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण के निर्देशन में अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमति सुरेशा चौबे के मार्गदर्शन में अवैध गांजा परिवहन के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत थाना गैदाटोला को लगभग 18 मि्ंटल गांजा पकड़ने में सफलता मिली। 26 जून 2021 सुबह लगभग 9.30 बजे सूचना मिली कि ग्राम घुपसाल के पास एक वाहन आयसर ट्रक सड़क किनारे किचड़ में फंसी हुई है, जिसकी दुर्घटना होने की संभावना पर सूचना तस्दीक हेतु थाना गैंदाटोला से टीम रवाना हुई। घटना स्थल जाकर वाहन क्रमांक एचआर 55-एए 3680 आयसर का निरीक्षण किया, जिसमें नमक की बोरिया भरी हुई थी। बोरियों का हटाकर बारिकी से देखने पर अंदर अवैध मादक पदार्थ गांजा पैकेटनुमा बोरियां भरी हुई थी, जिसे निकालकर देखे उसके अंदर गाजा भरा हुआ था, सभी पैकेट नुमा बोरियों को बाहर निकालकर चैक किया जिसमें 44 बोरियों में प्रत्येक बोरियों में 10-10 किलो का 4 पैकेट भरा हुआ।
    जुमला गांजा 1780 किलो ग्राम किमती 88 लाख का होना पाया गया तथा घटना में उपयोग किये वाहन क्रमांक को जप्त कर फरार वाहन चालक व वाहन मालिक के विरूद्ध अपराध क्रमांक 54/21 धारा 20 (ख) नारकोटिक्स एक्ट कायम कर विवेचना में लिया गया। वाहन से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर द्बक्तरार चालक व शाहन मालिक सत्तपाल पिता चमनलाल पता मकशुदाबाद नजद्बक्तगढ़ दिल्ली की गिरफ्तारी हेतु टीम रवाना किया गया। जिले में इतने व्यापक स्तर पर अवैध मादक पदार्थ गांजा पर राजनांदगांव की कार्यवाही से तस्करी के हौसले परत है। जिले में आगे भी अवैध मादक पदार्थो के विरूद्ध कार्यवाही जारी रहेगी।
    उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी अंबागढ़ चौकी आर्शीवाद रहाटगांवकर, सनि श्याम ठावरे, थाना अंबागढ़ चौकी सनि विजय टेम्भुलकर, प्रधान आरक्षक चंद्रेश सिन्हा, प्रधान आरक्षक गजाधर मुआर्य, आरक्षक आशीष तम्बोली, आरक्षक प्रवण पैकरा थाना गैंदाटोला की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।

    ० अन्य राज्यों से आने वाले सभी यात्रियों की करें कोविड-19 जांच : कलेक्टर
    ० कलेक्टर एवं एसपी ने पाटेकोहरा चेकपोस्ट में कोविड-19 जांच केन्द्र का किया निरीक्षण

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोविड-19 के नये डेल्टा प्लस वेरियेंट को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। जिले के सीमावर्ती राज्यों में कोविड-19 के नये वेरियेंट मिलने से सीमाक्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा एवं पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने कोविड-19 की नये वेरियेंट को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र सीमा पाटेकोहरा चेकपोस्ट में कोविड-19 जांच केन्द्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री सिन्हा ने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले सभी यात्रियों का सैम्पलिंग अनिवार्य रूप से होना चाहिए। सीमा में आने वाले प्रत्येक व्यक्तियों की कोविड-19 जांच होने से इसके फैलाव को रोका जा सकता है। उन्होंने वहां प्रतिदिन जांच कराने वाले यात्रियों की जानकारी ली। चेक पोस्ट में कोविड-19 सैम्पलिंग के लिए संधारित पंजी का निरीक्षण किया। उन्होंने कोविड-19 जांच केन्द्र में जागरूकता के लिए पोस्टर, बैनर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्रों के सभी चेक पोस्ट में कड़ी निगरानी रखी जाए।
    कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि टीका सुरक्षा कवच है और कोविड-19 से बचाव का एकमात्र उपाय है। जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाया है, उन्हें स्वयं की तथा परिवार की सुरक्षा के लिए टीका अवश्य लगवाना चाहिए। हमारी सावधानी ही कोरोना की तीसरी लहर को रोक सकती है। कोरोना से बचाव के लिए ऐप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करें। पाटेकोहरा चेकपोस्ट में इस दौरान उनके साथ एसडीएम डोंगरगांव हितेश पिस्दा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, जनपद सीईओ प्रतीक प्रधान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    राजनांदगांव।शौर्यपथ / भूपेश बघेल सरकार की गोबर खरीदी योजना को आड़े हाथ लेते हुए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) की युवा इकाई ने इस पूरी योजना की कड़ी निंदा की है। योजना को लेकर कई सवाल भी उठाए गए हैं। युवा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के जिला अध्यक्ष दीपक सोनी ने कहा है कि, यह योजना ही समझ से परे है। जनता भी समझ नहीं पा रही है कि गोबर खरीदी की आड़ में आखिर चल क्या रहा है। दो रुपये प्रति किलो में गोबर खरीदकर किसानों को उसे ही 10 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जाना आखिर किस तरह की राजनीति है। किसानों के लिए 300 रुपये तक की गोबर खरीदी को अनिवार्य करने के पीछे आखिर क्या गणित है। गोबर के बहाने किसानों पर दबाव बनाया जा रहा है कि, वे कम से कम तीन सौ रुपये कीमत का गोबर खरीदेंगे, तभी उन्हें अन्य खाद बीज मिलेगा, जो सरासर अन्याय हैं। इसीलिए युवा जकांछ इस योजना का तीखा विरोध कर रही है। श्री सोनी का सवाल है कि, खुद को किसान हितैषी बताने वाली राज्य की भूपेश सरकार किसानों के असली हित के बारे में आखिर कब सोचेगी। ---------------

    - टीकाकरण के लिए बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों का हौसला मिसाल
    - जिले में 4 लाख 62 हजार व्यक्तियों ने कराया टीकाकरण
    - अब तक लगभग 23 हजार व्यक्तियों ने कराया टीकाकरण

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / सुरक्षित टीका, सुरक्षित परिवार जनअभियान के अंतर्गत टीका महोत्सव में टीकाकरण का असर प्रभावी रहा है और टीकाकरण के लिए जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंच रहा है। जिले में अब तक 4 लाख 62 हजार व्यक्तियों ने टीकाकरण करा लिया है। टीकाकरण के लिए बुजुगों एवं दिव्यांगजनों ने जो हौसला दिखाया है, वह मिसाल है। टीकाकरण के दौरान डोंगरगढ़ के ग्राम पंचायत मोतीपुर की 78 वर्षीय श्रीमती बोधन बाई चंद्रवंशी की मुस्कान औरों के लिए प्रेरणादायक है। 91 ईद देख चुके फकीर बाबा ने ग्राम देवपुरा साल्हेवारा में तथा ग्राम पेंडरवानी के 82 साल के बुजुर्ग श्री गणेश रजक और 36 वर्षीय दिव्यांग श्री रमेश साहू ने स्वयं टीकाकरण केन्द्र पहुंचकर कोविड-19 का टीका लगवाया। श्री गणेश रजक एवं श्री रमेश साहू को ग्राम सरपंच श्री खुमेश बंजारी ने तिलक लगाकर नारियल व मास्क भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। जिले में अब तक प्राप्त सूचना के अनुसार लगभग 23 हजार व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया है, शाम तक यह आंकड़े बढऩे की संभावना है। कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम टीकाकरण के लिए प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रही है।
    कलेक्टर ने अपील की है कि जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और कोरोना से बचाव का एकमात्र उपाय टीकाकरण है। इसके लिए नागरिक अधिक से अधिक संख्या में टीकाकरण कराएं। कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए सर्तकता एवं सजगता बहुत जरूरी है। कोरोना से बचाव के लिए कोविड-19 एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करें।
    कोरोना वायरस का नया वेरिएंट डेल्टा प्लस सीमावर्ती राज्यों महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में फैल रहा है, जिसके खतरे को देखते हुए सावधानी एव सर्तकता जरूरी है। राजनांदगांव विकासखंड में लगभग 2 हजार 353 से अधिक लोगों ने टीकाकरण कराया। वहीं मानपुर एवं डोंगरगढ़ विकासखंड में भी टीकाकरण के लिए उत्साह रहा। छुईखदान एवं गंडई विकासखंड के लोगों में भी उत्साह के साथ टीकाकरण कराया। मानपुर विकासखंड के ग्राम बागडोंगरी में 180 लोगों ने आज टीका लगवाया। मानपुर विकासखंड में कुल 2 हजार 455 व्यक्तियों ने टीका लगवाया। जिसमें कुम्हारी में 270, औंधी में 200, घोटिया में 200, जामडी में 190, हथरा में 180, मांडरी में 160 तथा मोहला अनुविभाग में 7 हजार 326 लोगों ने टीकाकरण कराया।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन एवं मार्गदर्शिका के संबंध में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री के कृषि सलाहकार प्रदीप शर्मा ने गोधन न्याय योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान विशेष सचिव कृषि डॉ. एस भारतीदासन, संचालक कृषि यशवंत कुमार, कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा एवं जिला पंचायत सीईओ श्री लोकेश चंद्राकर उपस्थित थे। इस अवसर पर सभी एसडीएम एवं जनपद सीईओ वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े।
    कार्यशाला में मुख्यमंत्री के कृषि सलाहकार प्रदीप शर्मा ने कहा कि गौठान पशुओं के लिए डे-केयर सेंटर है और यह पशुओं के संरक्षण का क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छैयां, भुईयां, दाना, पानी पशुओं की मूलभूत आवश्यकता है। उनके लिए कोटना, शेड, चबूतरा, पैरादान एवं चिकित्सा की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गौठान रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित होंगे। गौठान में 5 एकड़ भूमि में चारागाह विकसित करें, ताकि एक माह तक पशुओं को चारा दिया जा सके। उन्होंने गौठान के कार्य तथा गौठान समिति के अध्ययन के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गौठान को गतिशील बनाए रखने के लिए मरम्मत कार्य भी करवाएं तथा गौठान समिति को सक्रिय करें। उन्होंने कहा कि महिला स्वसहायता समूह को स्वावलंबी बनाने के लिए उन्हें मिनी राईस मिल देने के साथ अन्य गतिविधियों में संलग्र करें। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
    कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि कार्यशाला में मॉडल गौठान के संबंध में दी गई जानकारी के अनुसार कार्य करें। 1 जुलाई से रोका-छेका अभियान आरंभ होगा, इसकी पूरी तैयारी रखें। गौठान में टूट-फूट की मरम्मत कराएं तथा पक्के शेड बनवाएं। आगामी दिनों में गौठान समितियों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनकी आय का जरिया विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने सभी एसडीएम एवं जनपद सीईओ से कहा कि सभी विकासखंडों में 11 तथा राजनांदगांव विकासखंड में 12 मॉडल गौठान चयनित कर प्रथम चरण में एक माह के भीतर 100 गौठानों को आदर्श गौठान के रूप में विकसित करना है। गौठान को मल्टीएक्टीविटी केन्द्र के रूप में विकसित करना है। यह जरूरी है कि महिला स्वसहायता समूह आत्मनिर्भर बनें इसके लिए उन्हें गौठान में मिनी राईस मिल एवं ऐसे उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दें जिनकी मार्केट में मांग हो। उन्होंने कहा कि जिले में टीकाकरण में सभी ने बहुत अच्छा कार्य किया है। उन्होंने सभी जनपद सीईओ से कहा कि नवाचार से मुख्यमंत्री के नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी के सपने को साकार करें। आम जनता को इस योजना से जोड़कर जनआंदोलन का रूप प्रदान करें।
    जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर ने कहा कि सभी मॉडल गौठान बनाने की दिशा में कार्य आरंभ करें और अपेक्षाओं पर खरा उतरे। विशेष तौर पर 10 ऐसे गौठान होने चाहिए जहां विभिन्न गतिविधियां चलती रहे। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के दौरान जिस समन्वय के साथ सभी अधिकारियों ने कार्य किया है, ऐसे ही मॉडल गौठान के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि भूमि सुधार कर चारागाह में चारा बोआई करें। गौठान समिति को सक्रिय रखें तथा गौठान की बाउंड्री में इमारती लकड़ी के लिए वृक्षारोपण करें। इस अवसर पर एसडीएम मुकेश रावटे, उप संचालक कृषि जीएस धु्रर्वे, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के महाप्रबंधक सुनील वर्मा, उप संचालक पशु एवं चिकित्सा सेवाएं डॉ. राजीव देवरस, सहायक संचालक उद्यानिकी राजेश शर्मा, सहायक संचालक कृषि टीकम ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    राजनांदगांव।शौर्यपथ / साइकोलॉजिकल फोरम छत्तीसगढ़ एवं शासकीय कमलादेवी राठी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार के पहले दिन कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम का संचालन फोरम के सचिव डॉ. जय सिंह एवं अध्यक्षीय उद्बोधन अध्यक्ष डॉ. बसंत सोनबेर ने प्रस्तुत किया, जिसमें फोरम द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख भी किया गया। शासकीय कमला देवी राठी महिला महाविद्यालय राजनांदगांव की प्राचार्य डॉ. सुमन सिंह बघेल ने स्वागत उद्बोधन कर सभी सम्माननीय अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. बंश गोपाल सिंह, कुलपतिए पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ी ने बताया कि तनाव के बिना कोई भी व्यक्ति रह नहीं सकता, क्योंकि यही वह प्रतिक्रिया होती है, जो हमें काम करने के लिए प्रेरित करती है, लेकिन इसे सही या गलत, किस तरह से उपयोग करना है यह हम पर निर्भर है। दुनिया में तनाव तो रहेगा ही, लेकिन उस तनाव के साथ आप कैसे जीते हैं या उसके अनुरुप अपने व्यवहार को कैसे समायोजित कर लेते हैं यही हमें सीखना है। उन्होंने यह भी बताया कि मानसिक स्वास्थ्य के चुनौतियां का स्वरुप बदल गया है। अत्याधुनिक जीवन शैली हमें बहुत ज्यादा तनाव ग्रस्त करती है, जिसकी वजह से हमारा मानसिक स्वास्थ्य खराब होता है, हालांकि अलग-अलग आर्थिक वर्ग की अलग-अलग समस्याएं है जो मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। प्रोफेसर सिंह ने फोरम के सदस्यों के कार्यों की सराहना करते हुए बधाई दी कि वे मनोविज्ञान विषय की उपयोगिता को जन सामान्य तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। डी.डी.यू. गोरखपुर यूनिवर्सिटी, गोरखपुरए उत्तर प्रदेश की विभाग अध्यक्ष एवं कार्यक्रम की की-नोट स्पीकर प्रो. अनुभूति दुबे ने बताया कि हर प्रकार के मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का अर्थ पागलपन ही है, इस मिथक को बदलने के लिए मानसिक स्वास्थ्य की चर्चा जन सामान्य तक पहुंचाना जरूरी है, जिसके लिए ऐसे जागरुकता के कार्यक्रम लगातार होने चाहिए। उन्होंने बताया कि जैसे स्वच्छ भारत अभियान प्रारंभ होने पर हर घर में साफ सफाई, सुरक्षा की बातें होने लगी, उसी तरह ऐसे बहुत से आयोजन और अभियान के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर लोगों का ध्यान जाने लगेगा और वह मनोचिकित्सक एवं परामर्शदाता तक बिना किसी संकोच के पहुंच पाएंगे। मानसिक स्वास्थ्य से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों के लिए हर संस्थानों में, चाहे वह सरकारी अथवा गैर सरकारी हो, एक मनोचिकित्सक एवं परामर्शदाता की आवश्यकता पर भी उन्होंने ध्यान आकर्षित किया। दुर्ग विश्व विद्यालय की कुलपति प्रो. अरुणा पलटा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के बिना शारीरिक स्वास्थ्य का कोई महत्व नहीं हैं। मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य मिलकर ही सामाजिक स्वास्थ्य का आनंद लेने देते हैं, इसलिए शारीरिक की तरह मानसिक स्वास्थ्य पर भी उतना ही अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। बनारस हिंदू विश्व विद्यालय के भूतपूर्व प्रो. आरएन सिंह ने बताया कि लिटरेसी का मेंटल हेल्थ में बहुत अधिक महत्व है, जिस जगह शिक्षा कम है, वहां मानसिक स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं भी बहुत अधिक हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जैसे सर दर्द हो तो हम चिकित्सक के पास जाते हैं, ठीक वैसे ही तनाव और चिंता होने पर हमें परामर्शदाता एवं मनोचिकित्सक के पास जाने में झिझकना नहीं चाहिए। कोविड-19 के दौरान जो बात आपको खुशी दे, वहीं करना चाहिए क्योंकि उसी से आपका मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है, के बारे में भी बताया। देवेंद्र नगर महिला महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य एवं परामर्शदाता डॉ. जेसी अजवानी ने बताया कि कोरोना काल में 300 प्रतिशत ज्यादा घरेलू हिंसा बढ़ी है, लेकिन यह केवल उन्हीं परिवारों में हैं जहां आपसी प्रेम और तारतम्यता की कमी थी। ऐसे बहुत से परिवार है जिन्होंने इस समय का सदुपयोग किया और अपने आपसी संबंधों को बहुत मधुर बनाया। शिकागो यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे समय बीतता है, वैसे-वैसे हमारे व्यवहार में किसी नई समस्या, बीमारी या परिस्थिति के लिए एक्सपटेंस आना शुरू हो जाती है। कोविड-19 के लगभग डेढ़ साल होने में हम इसी स्थिति में पहुंच रहे हैं, लेकिन इसके साथ में रिस्क टेकिंग बिहेवियर भी आता है तो हमें इस बीमारी से सतर्कता के साथ निपटना है ना कि लापरवाही के साथ खुद को और दूसरों को परेशान करना है। दुधाधारी बजरंग शासकीय कन्या महाविद्यालय रायपुर के मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. उषा किरण अग्रवाल ने बताया कि अगर हम अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखेंगे तो आगामी वर्षों में हम पोस्ट कोविड इफेक्ट डिसऑर्डर नाम की बीमारी के बारे में भी बहुत आसानी से सुन पाएंगे। हमारे अंदर धीरे-धीरे भाव शून्यता आ रही हैं इससे बचने के लिए हमें अपने मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखना बहुत आवश्यक है। साथ ही छोटे बच्चे जिनके माता पिता की इस महामारी के दौरान मृत्यु हुई है, वो बच्चे जिनकी स्कूल जाने की आयु बढ़ रही है, इन सभी के मानसिक स्वास्थ्य जैसे बहुत से संवेदनशील मुद्दों पर उन्होंने सबका ध्यान आकर्षित किया। देर शाम तक देश के विभिन्न कौन से आए स्कॉलर अपने शोध पत्र के माध्यम से विचार व्यक्त करते रहे। ----------------

    राजनांदगांव।शौर्यपथ / जिले में मलेरिया, डेंगू व डायरिया नियंत्रण तथा इससे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व मितानिन को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व मितानिन के प्रशिक्षण हेतु बैठक आयोजित कर तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई है। मलेरिया, डेंगू व डायरिया के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों के लिए विशेष एहतियात बरती जा रही है। जिले के लोगों को मलेरिया से बचाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने, जन-जागरूकता के लिए रैली, नाटक का आयोजन करने तथा बैनर-पोस्टर व नारा लेखन करने के निर्देश भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के जिला सलाहकार विकास राठौर ने बताया, मलेरिया, डेंगू व डायरिया पर नियंत्रण और इससे बचाव के लिए जिला स्तर पर 371 सर्वे दल का गठन किया गया है, जिनके द्वारा गृह भेंटकर मास स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके साथ ही जिले के सभी विकासखंडों के स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारी कर ली है। गुजरे एक-दो साल में जिस क्षेत्र में मलेरिया के मामले मिले हैं, उन स्थानों की सूची बनाई जा रही है। इसके लिए मितानिन के सहयोग से जनभागीदारी के साथ कार्य किया जा रहा है। इसके बाद मलेरिया, डेंगू व डायरिया से बचाव हेतु हरसंभव उपाय शुरू किए जाएंगे। मलेरिया नियंत्रण अभियान के दौरान लोगों को घर में रखे गमले की ट्रे, कूलर, फ्रिज तथा पानी की टंकी को खाली कर सुखाने के बाद उपयोग करने के बारे में जानकारी दी जाएगी, ताकि मच्छर के अंडे, लार्वा को नष्ट किया जा सके। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए पुराने टायर, मटके, कबाड़ आदि में बरसात का पानी एकत्र न होने देने तथा घर के बाहर छोटे गड्ढों में मिट्टी का भराव करने हेतु लोगों को प्रेरित किया जाएगा, जिससे मच्छरों के प्रजनन को न्यून किया जा सके। उन्होंने बताया, नियमित रूप से साफ सफाई के साथ ही मच्छररोधी दवाई का छिड़काव करने पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया, मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान अंतर्गत चिन्हित विकासखंडों के अति संवेदनशील गांवों में मलेरिया व अन्य कीटनाशक बीमारियों से बचाव हेतु मच्छरदानी का वितरण किया जा रहा है। साथ ही जनसमुदाय को मच्छरदानी का उपयोग करने, फुल बाजू के कपड़े पहनने व घर के आसपास सफाई रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी तरह विकासखंड के ग्राम स्तर पर एक जुलाई से मास स्क्रीनिंग कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके अंतर्गत सर्वे दल के द्वारा 2 मलेरिया वार्षिक परजीवी सूचकांक (एपीआई) से अधिक के 199 संवेदनशील गांवों तथा पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश के सीमा क्षेत्र के सभी गांवों, सीआरपीएफ, आईटीबीपी कैम्प, पुलिस चौकी एवं अन्य स्थानों पर मास स्क्रीनिंग की जाएगी। जनसमुदाय की शत-प्रतिशत रक्त जांच की जाएगी और मलेरिया सकरात्मक प्रकरण पाए जाने पर उन्हें संपूर्ण उपचार प्रदान किया जाएगा। लोगों को मलेरिया से रोकथाम की संपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / विश्व जनसंख्या दिवस को लेकर जिले में जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा इस वर्ष 27 जून से 24 जुलाई तक मनाया जाएगा। इस दौरान 27 जून से 10 जुलाई तक लक्ष्य दम्पति संपर्क पखवाड़ा एवं 11 जुलाई से 24 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा मनाया जाएगा। पखवाड़े में लोगों को परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई साधनों की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़े को दो भागों में विभाजित किया गया है। पहला पखवाड़ा मोबलाईजेशन पखवाड़ा नाम से 27 जून से 10 जुलाई 2011 तक मनाया जाएगा। इस दौरान लक्ष्य दंपति सर्वे रजिस्टर बनाया जाएगा, जिसे मितानिन के सहयोग से महिला स्वास्थ्य संयोजक अपडेट करेंगे। इस सर्वे में ऐसे दंपतियों को चिन्हित किया जाएगा जिन्हें परिवार नियोजन कार्यक्रम अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस पखवाड़े में जनता के बीच जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
    दूसरा पखवाड़ा जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा के नाम से 10 जुलाई से 24 जुलाई तक मनाया जाएगा। इस पखवाड़े में परिवार नियोजन साधनों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रत्येक गांव, जिला और ब्लाक में प्रचार-प्रसार के साथ ही जागरुकता अभियान चलाया जाएगा।
    इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया, वर्तमान में कोविड-19 महामारी से बचाव के साथ ही लॉक डाउन के दौरान होने वाले अवांछित गर्भधारण को रोकने और माता व शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए परिवार नियोजन का साधन अपनाना बेहद जरुरी है। जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़े के दौरान समस्त गतिविधियों को कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए किया जाना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवार कल्याण की गतिविधियों के लिए कंटेनमेंट जोन को छोड़कर कार्यक्रम संचालित किया जाना है। उन्होंने कहा, 27 जून से 10 जुलाई तक लक्ष्य दंपति संपर्क पखवाड़ा के दौरान परिवार नियोजन साधन की आवश्यकता, सही समय पर विवाह, बच्चों के जन्म में अंतराल से संबंधित पोस्टर चस्पा कराया जाएगा। जिससे मां-बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार होश्।
    डॉ. चौधरी ने बताया, कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए 11 जुलाई से दो सप्ताह तक अस्थायी एवं स्थायी साधन मुख्यतः आईयूसीडी, गर्भनिरोधक इंजेक्शन, महिला नसबंदी एवं एनएसवी आदि पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जनसंख्या स्थरीकरण पखवाड़ा के प्रचार-प्रसार में डिजिटल प्लेटफार्म यानी वेबीनार के माध्यम से ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायतए विधायक व सांसद को भी शामिल किया जाएगा।

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