September 16, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    संत गोबिंदराम शदाणी कन्या महाविद्यालय में नवप्रवेशित छात्राओं का दीक्षारंभ समारोह, प्रतिभाशाली छात्राओं का हुआ सम्मान

    रायपुर / शौर्यपथ / संत गोबिंदराम शदाणी शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय, रायपुर में वर्ष 2026-27 की नवप्रवेशित छात्राओं के लिए आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने छात्राओं को शिक्षा के साथ जीवन-मूल्यों, विवेक और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ने का संदेश दिया। मुख्य अतिथि के रूप में छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश उनके जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है। यह यात्रा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें जागरूक, सशक्त और संवेदनशील नागरिक बनाने वाली होनी चाहिए।

    राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि इस महाविद्यालय में प्रवेश के साथ छात्राएं उस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनी हैं, जिसने दशकों से बालिकाओं को शिक्षा और ज्ञान का प्रकाश प्रदान किया है। महिलाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पानी के बिना जीवन अधूरा है, उसी प्रकार महिलाओं के बिना समाज की कल्पना भी अधूरी है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि जीवन में उपलब्धियों के लिए लगातार प्रयास जरूरी हैं। किसी एक क्षेत्र में सफलता न मिलने पर निराश होने के बजाय दूसरे अवसरों को तलाशते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

    तकनीक ज्ञान का साधन, विवेक का विकल्प नहीं

    राज्यपाल ने छात्राओं को सतत सीखने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जीवन स्वयं एक निरंतर चलने वाली पाठशाला है और व्यक्ति जीवनभर विद्यार्थी बना रहता है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी इंटरनेट युग की विद्यार्थी है और तकनीक ने ज्ञान के नए द्वार खोल दिए हैं, लेकिन तकनीक पर पूरी तरह निर्भर रहना उचित नहीं है। इंटरनेट से व्यापक जानकारी प्राप्त की जा सकती है, लेकिन वह मानव बुद्धि, विवेक और निर्णय क्षमता का स्थान नहीं ले सकता। ज्ञान तभी सार्थक है, जब उसका उपयोग विवेकपूर्ण ढंग से जीवन और समाज को बेहतर बनाने के लिए किया जाए।

    उन्होंने छात्राओं से कहा कि जीवन में केवल यह सवाल नहीं होना चाहिए कि समाज ने हमें क्या दिया, बल्कि यह भी विचार करना चाहिए कि हम अपने समाज, पड़ोस और देश की बेहतरी के लिए क्या योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन अनमोल है, इसलिए अनावश्यक चिंताओं में इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करते हुए मेहनत और निरंतर प्रयास करने से भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

    शिक्षकों का आचरण विद्यार्थियों के लिए बने प्रेरणा

    श्री डेका ने विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक का योगदान अमूल्य है और इसे धन से नहीं आंका जा सकता। शिक्षकों को अपने ज्ञान के साथ-साथ आचरण और व्यवहार से भी विद्यार्थियों के सामने ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए, जिससे छात्राएं प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ सकें।

    राज्यपाल ने छात्राओं से समाज के प्रति सकारात्मक सोच रखने और अपने स्तर पर छोटे-छोटे रचनात्मक योगदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर किए गए ऐसे छोटे प्रयास जब सामूहिक रूप लेते हैं तो समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।

    मेहनत और प्रतिभा के लिए छात्राओं का सम्मान

    दीक्षारंभ कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल श्री रमेन डेका ने महाविद्यालय की उन प्रतिभाशाली छात्राओं को सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा से महाविद्यालय का नाम रोशन किया। सम्मान से छात्राओं का उत्साहवर्धन हुआ और अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिली।

    कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, संत श्री युधिष्ठिर लाल, महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती उषा किरण अग्रवाल, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष, प्राध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से उच्च शिक्षा को मिली नई दिशा; सेक्टर-18 में 40 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक संस्थान, 2-3 वर्षों में शुरू होगा पहला बैच

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) अब नवा रायपुर अटल नगर में अपना कैंपस स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में संस्थान की स्थापना के लिए लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक उच्च शिक्षा के लिए बड़े महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता न पड़े, राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। NMIMS की स्थापना इसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसरों के माध्यम से प्रदेश की युवा शक्ति को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव श्री अंकित आनंद तथा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार उपस्थित रहे।

    40 एकड़ में आकार लेगा अत्याधुनिक कैंपस

    NMIMS का अत्याधुनिक कैंपस नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाले श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को यह भूमि 90 वर्षों की लीज पर प्रदान की गई है। राज्य मंत्रिपरिषद ने 21 जनवरी 2026 को संस्थान के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद प्रशासनिक प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाते हुए अब लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।

    संस्थान की स्थापना की संपूर्ण प्रक्रिया आगामी सात वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य है, लेकिन विद्यार्थियों को इसका लाभ इससे काफी पहले मिलने लगेगा। दो से तीन वर्षों के भीतर पहला शैक्षणिक बैच शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद कैंपस में लगभग 10 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे।

    महानगरों की ओर पलायन कम होगा, प्रदेश में ही मिलेंगे बड़े अवसर

    NMIMS की स्थापना छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर लेकर आएगी। प्रबंधन, कौशल विकास और आधुनिक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा अपने ही प्रदेश में प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

    प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए मुंबई, दिल्ली, पुणे, बेंगलुरु जैसे बड़े शिक्षा केंद्रों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। वहीं देश के अन्य हिस्सों से भी विद्यार्थी नवा रायपुर में अध्ययन के लिए आएंगे। इससे शहर में बहुआयामी और समृद्ध शैक्षणिक वातावरण विकसित होने की संभावना है।

    शिक्षा के साथ रोजगार, नवाचार और उद्यमिता को भी मिलेगी रफ्तार

    NMIMS की मौजूदगी का असर केवल कक्षाओं और डिग्री तक सीमित नहीं रहेगा। संस्थान के माध्यम से कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे। विद्यार्थी, शिक्षक, शोधकर्ता और उद्योग जगत एक-दूसरे से जुड़ेंगे, जिससे उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।

    राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की मौजूदगी से अकादमिक संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ने की संभावना है। विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, शोध, नवाचार और स्टार्टअप से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। इससे प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों को भी कुशल मानव संसाधन उपलब्ध होगा।

    नवा रायपुर बनेगा एजुकेशन और नॉलेज हब

    राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर को आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी वाले शहर के साथ-साथ एजुकेशन एवं नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

    देश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के नवा रायपुर आने से शहर का शैक्षणिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक वातावरण समृद्ध होगा। शिक्षा से जुड़ी आवास, परिवहन, खान-पान, सेवाओं और अन्य सहायक गतिविधियों में भी रोजगार एवं आर्थिक अवसर बढ़ेंगे।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की युवा-केंद्रित विकास नीति में शिक्षा, कौशल, नवाचार और रोजगार को एक साथ जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। NMIMS की स्थापना इसी दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने वाला महत्वपूर्ण कदम है। लीज और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के साथ छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। आने वाले वर्षों में यह संस्थान हजारों युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ नवा रायपुर को देश के प्रमुख शिक्षा एवं ज्ञान केंद्रों में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

    प्रमोद रूसिया को कुम्हारी, युवराज साहू बने पाटन थाना प्रभारी; यातायात की जिम्मेदारी ओम प्रकाश पटेल को

    दुर्ग। जिले की पुलिस व्यवस्था में बड़ा फेरबदल करते हुए एसपी विजय अग्रवाल ने पांच पुलिस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। तबादला सूची में थाना प्रभारियों के साथ यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है।

    आदेश के अनुसार पाटन थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश मिश्रा को पदमनाभपुर थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं पदमनाभपुर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद रूसिया को हटाकर कुम्हारी थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    इसी क्रम में निरीक्षक युवराज साहू को यातायात शाखा से हटाकर पाटन थाना प्रभारी बनाया गया है। रिजर्व केंद्र दुर्ग में पदस्थ निरीक्षक ओम प्रकाश पटेल को यातायात की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं उप निरीक्षक पुरुषोत्तम कुर्रे को कुम्हारी थाना प्रभारी के पद से हटाकर यातायात शाखा में पदस्थ किया गया है।

    एसपी विजय अग्रवाल ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल नवीन पदस्थापना स्थल पर आमद देने के निर्देश दिए हैं। पुलिस महकमे में हुए इस फेरबदल को जिले की कानून-व्यवस्था और थाना स्तर पर प्रशासनिक कसावट के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    आर्थिक संबल से कम हुई अभिभावकों की चिंता, पढ़ाई से विवाह तक भविष्य को लेकर बढ़ा भरोसा

    रायपुर / शौर्यपथ / बेटियों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की चिंता हर अभिभावक के मन में होती है। गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत सारबहरा की श्रीमती आकांक्षा भी अपनी बेटी की अच्छी शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को लेकर चिंतित रहती थीं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच बेटी के भविष्य के लिए पर्याप्त प्रबंध करना उनके लिए चुनौती था। ऐसे में नोनी सुरक्षा योजना उनके लिए उम्मीद और आर्थिक संबल बनकर सामने आई।

    आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से बेटी का योजना में पंजीयन कराने के बाद आकांक्षा को भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिला है। उनका कहना है कि योजना से मिलने वाली सहायता बेटी की पढ़ाई, आगे के महत्वपूर्ण पड़ाव और विवाह जैसे अवसरों पर परिवार के लिए उपयोगी साबित होगी। इससे उन्हें बेटी के भविष्य को लेकर मानसिक राहत भी मिली है।

    सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, भविष्य का भरोसा

    आकांक्षा चाहती हैं कि उनकी बेटी बिना आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी करे और आत्मनिर्भर बने। उनके लिए नोनी सुरक्षा योजना केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि बेटी के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक भरोसेमंद सहारा है।

    उन्होंने कहा कि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने वाली सरकारी योजनाएं परिवारों का संबल बढ़ाती हैं। इससे अभिभावकों में बेटियों की शिक्षा, बेहतर परवरिश और उन्हें आगे बढ़ाने का विश्वास मजबूत होता है।

    मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    आकांक्षा ने बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की ऐसी योजनाएं बेटियों के भविष्य को लेकर परिवारों में उम्मीद और सुरक्षा का भाव पैदा कर रही हैं।

    आकांक्षा के लिए नोनी सुरक्षा योजना अब सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि बेटी के सुरक्षित, आत्मनिर्भर और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद बन चुकी है।

    दंतेवाड़ा के दूरस्थ छिंदनार में पहली बार पूरे गांव ने सुनी प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’; मंत्री, सांसद और विधायक भी रहे मौजूद
    दंतेवाड़ा/ शौर्यपथ / नक्सलवाद के साए से बाहर निकलते बस्तर की बदलती तस्वीर रविवार को दंतेवाड़ा के सुदूर वनांचल छिंदनार में नजर आई। कुछ समय पहले तक जहां धमाकों की आवाज लोगों में दहशत पैदा करती थी, वहीं आज उसी गांव में ग्रामीण उत्साह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’ सुनने के लिए एकत्र हुए। गांव के कई लोगों के लिए यह पहला अवसर था, जब उन्होंने प्रधानमंत्री को रेडियो पर सुना।
    ग्रामीणों के साथ वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप और दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी ने भी कार्यक्रम सुना। प्रधानमंत्री के संदेश को ग्रामीणों ने बेहद तल्लीनता से सुना और इसे देश को एक सूत्र में जोड़ने वाला कार्यक्रम बताया। ग्रामीणों का कहना था कि ‘मन की बात’ देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों, नवाचारों और जनभागीदारी की पहल को सामने लाकर लोगों को प्रेरित करती है।

    बदलते बस्तर की नई तस्वीर

    छिंदनार में ग्रामीणों का इस तरह एकत्र होकर प्रधानमंत्री का कार्यक्रम सुनना केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर में बदलते माहौल का प्रतीक माना जा रहा है। नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सरकार सड़क, मोबाइल कनेक्टिविटी, स्कूल, अस्पताल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दे रही है।

    दशकों तक विकास से दूर रहे दुर्गम गांवों तक शासन की योजनाएं और नागरिक सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास तेज किए गए हैं। ऐसे में छिंदनार की तस्वीर यह संदेश देती नजर आई कि जहां कभी बंदूक और धमाकों का भय था, वहां अब विकास, संवाद और रेडियो की आवाज सुनाई दे रही है।

    धमाकों से ‘मन की बात’ तक का यह सफर बदलते बस्तर की सबसे बड़ी कहानी है।

    राज्य स्तरीय UCC समिति को दिए जाएंगे सुझाव, शहर काजी और वरिष्ठ अधिवक्ता रहेंगे मौजूद

       रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) कानून लागू करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और इसके लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। उक्त समिति को सुझाव देने के लिए रायपुर मुस्लिम समाज की ओर से एक दिवसीय बैठक का आयोजन किया गया है। यह जानकारी छ.ग. राज्य वक्फ बोर्ड (कैबिनेट मंत्री दर्जा) के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने दी है।

    1 सितंबर को गुरु घासीदास ऑडिटोरियम में होगी बैठक

    मुस्लिम समाज की यह बैठक 01 सितंबर 2026, मंगलवार को स्थान- गुरु घासीदास ऑडिटोरियम, कार्यालय छ.ग. राज्य वक्फ बोर्ड के सामने, कलेक्ट्रेट चौक, रायपुर में आयोजित की जाएगी। बैठक में मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवियों द्वारा दिए गए सुझावों को एकत्रित किया जाएगा। इसके लिए रायपुर की समस्त मस्जिदों में जुमा को ऐलान के माध्यम से सूचना दी गई है।

    दो प्रतियों में लिखित सुझाव लाने की अपील

    आयोजकों ने अपील की है कि UCC के संबंध में सुझाव लिखित में अध्यक्ष, समान नागरिक संहिता समिति, छत्तीसगढ़ के नाम से संबोधित करते हुए दो प्रतियों में प्रस्तुत करें। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शहर काजी जनाब कारी डॉ. मोहम्मद इमरान अशरफी साहब और अध्यक्षता के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता जनाब फैसल रिजवी साहब उपस्थित रहेंगे। मुस्लिम समाज द्वारा दिए गए सुझावों को बैठक में एकत्रित कर शाम 04:00 बजे समान नागरिक संहिता (UCC) समिति, छत्तीसगढ़ के माननीय सदस्यों के समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत किया जाएगा।

    5,967 पदों की भर्ती पूरी करने और सेकंड लिस्ट जारी करने की मांग; कवर्धा-रायपुर में दिन-रात धरना, विजय शर्मा बोले—‘मामला कैबिनेट के निर्णय से होगा’

       कवर्धा/रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती में विज्ञापित 5,967 पदों को पूरी तरह भरने और 1,940 रिक्त पदों के लिए सेकंड लिस्ट जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में बड़ी संख्या में युवा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के कवर्धा स्थित निवास/कार्यालय और रायपुर स्थित कार्यालय के बाहर लगातार धरने पर बैठे हैं। अभ्यर्थी रात भी सड़क और कार्यालय के बाहर गुजार रहे हैं और उनका कहना है कि जब तक सेकंड लिस्ट को लेकर सरकार लिखित निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।

    प्रदर्शनकारियों के अनुसार पुलिस भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है और निर्धारित 5,967 पदों में से 1,940 पद अभी रिक्त हैं। उनका कहना है कि पात्र अभ्यर्थियों को मौका देने के लिए दूसरी प्रतीक्षा सूची जारी कर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। 23-24 अगस्त के दौरान कवर्धा में गृह मंत्री के कार्यालय के घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस की स्थिति भी बनी।

    ‘आश्वासन नहीं, आदेश चाहिए’

    अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे गृह मंत्री, अन्य मंत्रियों और मुख्यमंत्री से पहले भी मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन उन्हें ठोस निर्णय के बजाय आश्वासन ही मिले। उनका कहना है कि यदि पद स्वीकृत और विज्ञापित हैं तो उन्हें खाली रखने के बजाय भर्ती प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।

    गृह मंत्री ने दिया बातचीत का भरोसा

    आंदोलन के बीच उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा स्वयं अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे उनकी मांग के प्रति संवेदनशील हैं और इस संबंध में अपनी ओर से सरकार को लिखकर भेज चुके हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सेकंड लिस्ट जारी करने का अंतिम निर्णय कैबिनेट स्तर पर ही लिया जा सकता है।

    विजय शर्मा ने आंदोलनकारी युवाओं को मुख्यमंत्री द्वारा गठित समिति के समक्ष ले जाने तथा मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात कराने का प्रस्ताव भी दिया है, ताकि अभ्यर्थी सीधे अपनी मांग रख सकें।

    ‘लिखित फैसला नहीं तो आंदोलन जारी’

    फिलहाल कवर्धा और रायपुर में प्रदर्शन जारी है। अभ्यर्थी मांग पर अड़े हैं और उनका कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। दूसरी सूची जारी करने को लेकर आधिकारिक आदेश या ठोस लिखित निर्णय आने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी गई है।

    अब नजर इस बात पर है कि 5,967 पदों की भर्ती में शेष 1,940 पदों को लेकर कैबिनेट क्या फैसला करती है—और क्या वर्दी की उम्मीद लगाए बैठे इन युवाओं को सेकंड लिस्ट के रूप में राहत मिलती है?

    ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह’ में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान; बोले—हर बेटी को सपने पूरे करने और हर महिला को आत्मनिर्भर बनने का अवसर देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

    रायपुर । शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है तो परिवार, समाज और पूरा देश आगे बढ़ता है। महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समान अवसर और आर्थिक स्वावलंबन देना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर बेटी को अपने सपने पूरे करने का अवसर मिले और हर महिला आत्मविश्वास एवं आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़े।
    मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सा, शिक्षा, खेल, साइबर सुरक्षा, पत्रकारिता, कला-संस्कृति, कृषि, महिला उद्यमिता, सामाजिक सेवा और महिला सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया तथा समारोह आधारित ब्रोशर का विमोचन किया।

    सम्मानित महिलाएं बेटियों के लिए प्रेरणा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मानित महिलाओं ने परिश्रम, प्रतिभा, साहस और संकल्प से विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं। छत्तीसगढ़ की महिलाएं खेती-किसानी से लेकर उद्यमिता, शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और आधुनिक तकनीक तक हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
    उन्होंने महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई देते हुए कहा कि आयोग महिलाओं को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और जरूरतमंद महिलाओं तक कानूनी सहायता पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बने। आयोग को गांवों, कस्बों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर महिलाओं को उनके कानूनी एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहिए।

    68 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन का सहारा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है और योजना की 31 किस्तें अंतरित की जा चुकी हैं। यह सहायता महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत कर रही है। रक्षाबंधन को देखते हुए भी सहायता राशि समय से पहले खातों में पहुंचाई गई।

    13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी

    श्री साय ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। कृषि, वनोपज, लघु उद्योग, सिलाई-कढ़ाई और स्वरोजगार के साथ महिलाएं ड्रोन संचालन जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।
    प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं को कौशल, पूंजी, बाजार और तकनीक से जोड़कर उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

    ‘महतारी गौरव वर्ष’ में सशक्तिकरण को नया आयाम

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। बेटियों की शिक्षा से लेकर महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन तक सरकार व्यापक स्तर पर काम कर रही है। सरस्वती साइकिल योजना से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन मिल रहा है, जबकि ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ पहल के तहत 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
    महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, बैठक और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा देने प्रदेश में 481 महतारी सदनों का निर्माण किया जा रहा है। रेडी-टू-ईट कार्यक्रम का संचालन भी महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है।

    महिलाओं के नाम संपत्ति से मजबूत होगा आर्थिक आधार

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के नाम जमीन और संपत्ति का पंजीयन उनके आर्थिक अधिकार और निर्णय क्षमता को मजबूत करता है। सरकार द्वारा महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
    उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है। बेटियों को अच्छी शिक्षा, युवतियों को रोजगार व उद्यमिता के अवसर, महिलाओं को सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर त्वरित न्याय उपलब्ध कराना सरकार की समग्र प्राथमिकता है। नारी के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प साकार होगा।

    नारी सशक्तिकरण के बिना विकास अधूरा

    केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने महिला आयोग को पीड़ित और जरूरतमंद महिलाओं के लिए आशा, विश्वास और न्याय का माध्यम बताया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने डॉ. ममता साहू को शुभकामनाएं देते हुए आयोग के माध्यम से महिलाओं को त्वरित न्याय और सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी कार्य की उम्मीद जताई।
    महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत उत्सव दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन सहित विभिन्न योजनाओं से प्रदेश की महिलाओं के आत्मविश्वास और स्वाभिमान को मजबूती मिली है।
    कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा एवं मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. ममता साहू सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों की महिलाएं उपस्थित रहीं।

    विदेश दौरे पर होने के बावजूद पीएम मोदी ने नहीं तोड़ा ‘मन की बात’ का सिलसिला, 137वीं कड़ी में फिर देश से संवाद

    रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरे पर होने के बावजूद अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए रविवार को देशवासियों से जुड़े। ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी का प्रसारण हुआ, जिसे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित निरंजन धर्मशाला में सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ महज रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का देश के 140 करोड़ नागरिकों से आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम है। यह कार्यक्रम देश के दूर-दराज क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्रहित में काम कर रहे लोगों, नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को देशवासियों को ‘मन की बात’ का इंतजार रहता है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में ऐसे लोगों और प्रयासों को देश के सामने लाते हैं, जिनकी जानकारी सामान्यतः व्यापक स्तर पर नहीं पहुंच पाती। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, नवाचार और समाजसेवा के क्षेत्र में काम करने वाले सामान्य नागरिकों के असाधारण कार्यों को राष्ट्रीय मंच मिलने से उनका उत्साह बढ़ता है और लाखों लोगों को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही सकारात्मक गतिविधियों को एक सूत्र में जोड़कर जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करती है।

    ‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के लिए समाज की सामूहिक भागीदारी जरूरी

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के ‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को नशे से दूर रखना केवल सरकार की नहीं, बल्कि परिवार, समाज और प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। नशे का प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और समाज इसकी कीमत चुकाता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से नशामुक्ति के अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा युवाओं को स्वस्थ, सकारात्मक और रचनात्मक जीवन की ओर प्रेरित करने का आह्वान किया।

    ‘हर घर तिरंगा’ में नजर आया देश का राष्ट्रप्रेम

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के प्रति देशवासियों के अभूतपूर्व उत्साह का भी उल्लेख किया। अभियान के तहत 8 करोड़ से अधिक लोगों ने तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड की। उन्होंने कहा कि यह केवल संख्या नहीं, बल्कि राष्ट्रध्वज के प्रति देशवासियों के सम्मान, गौरव और भावनात्मक जुड़ाव का प्रमाण है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ अब जन-जन का अभियान बन चुका है और राष्ट्रीय एकता तथा नागरिक कर्तव्यों की भावना को मजबूत कर रहा है।

    पीएम स्वनिधि से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना के जरिए महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में हो रहे प्रयासों को भी रेखांकित किया। योजना के लाभार्थियों में लगभग 46 प्रतिशत महिलाएं हैं और देशभर में करीब 35 लाख महिलाएं इससे जुड़कर छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महिला अपने परिवार को मजबूत करने के साथ समाज और देश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।

    स्वच्छता सरकारी अभियान नहीं, नागरिकों की आदत बने

    मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वच्छता के संदेश को आगे बढ़ाते हुए कहा कि स्वच्छता में स्थायी बदलाव तभी आएगा, जब यह केवल सरकारी अभियान न रहकर प्रत्येक नागरिक की आदत और जिम्मेदारी बने। घर, मोहल्ले, गांव और शहर को स्वच्छ रखने का संकल्प सामूहिक रूप से लिया जाए तो इससे न केवल वातावरण बेहतर होता है, बल्कि क्षेत्र की पहचान और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार आता है।

    अंतरिक्ष विज्ञान में छत्तीसगढ़ की बेटी महिमा राजपूत की ऊंची उड़ान

    ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की बेटी महिमा राजपूत का उल्लेख प्रदेश के लिए विशेष गौरव का विषय बना। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत की बेटियां आज शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल सहित हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर रही हैं। उनकी आकांक्षाओं की उड़ान अब अंतरिक्ष तक पहुंच रही है।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मिशन शक्ति सैट जैसे प्रेरक प्रयास का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से भारत सहित विभिन्न देशों की हजारों छात्राओं को सैटेलाइट तकनीक को समझने, सीखने और नवाचार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण मुहिम का हिस्सा बनी छत्तीसगढ़ की महिमा राजपूत प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने महिमा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ को बार-बार मिला राष्ट्रीय मंच

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की विभिन्न कड़ियों में अनेक अवसरों पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति, विरासत, नवाचार और सकारात्मक प्रयासों का उल्लेख किया है। बस्तर ओलंपिक से लेकर मल्हार में मिले प्राचीन ताम्रपत्रों और काले हिरण के संरक्षण जैसे विषयों को राष्ट्रीय मंच पर स्थान मिला है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के उल्लेखनीय कार्यों को देश के सामने रखना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गौरव की बात है। इससे प्रदेश के सकारात्मक प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है और समाज के विभिन्न वर्गों में बेहतर कार्य करने का उत्साह बढ़ता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यह देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक कार्यों को राष्ट्रीय संवाद का हिस्सा बनाती है। कार्यक्रम स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, नवाचार, समाजसेवा और राष्ट्रहित के कार्यों के लिए नागरिकों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह सतत संवाद देशवासियों में कर्तव्यबोध जगाने के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश देता है।

    कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू एवं पुरंदर मिश्रा, संतजन, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision