August 26, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां आडवाणी अर्लीकान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरगांव के मुख्यद्वार पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, क्षेत्रीय विधायक सत्यनारायण शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य पंकज शर्मा, जिला कलेक्टर एवं नगर पालिका बिरगांव के प्रशासक डॉ. एस. भारती दासन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव, आयुक्त नगर पालिका निगम बिरगांव श्रीकांत वर्मा संबंधित अधिकारी कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अपने शुभकामना संदेश में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि देश, प्रदेश और समाज में महिलाओं के उत्थान के बिना समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को स्वालम्बन से जोड़ने की रणनीति अपनाई गई है, जिसके फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में विकास के हर क्षेत्र में महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। श्री बघेल ने कहा है कि एक महिला के समर्थ बनने से पूरा परिवार आगे बढ़ता है परिवार से समाज और समाज से देश प्रदेश की उन्नति प्रभावित होती है इसलिए हमें परिवार की आधारशिला को मजबूत बनाना है जिसका सकारात्मक प्रभाव निश्चित ही आने वाले समय में दिखाई देगा। 

    आशीष तिवारी शौर्यपथ रायपुर
    रायपुर / शौर्यपथ / रायपुर रेल्वे चाइल्ड लाईन (1098) द्वारा कोरोना वायरस से बचाव के लिए रेल्वे स्टेशन रायपुर में जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमे रेल्वे स्टेशन रायपुर के कुली शामिल हुए। इस कार्यक्रम में रेल्वे चाइल्ड लाईन के केंद्र समन्वयक प्रवीण सोनवानी के द्वारा स्टेकहोल्डर्स को बताया गया कि कोरोना संक्रमण और तालाबंदी के दौरान बच्चों के मन मस्तिष्क में विशेष प्रभाव पड़ा है। उन्हें समान्य अवस्था मे लाने के लिए टीम द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मानसिक स्वास्थ्य मनोसामाजिक समर्थन के अंतर्गत बच्चों के दो वर्गों में गतिविधियां किया जा रहा है। इस तकनीकी की सहायता उपकरण में बच्चों के मनोसामाजिक समर्थन के लिए बच्चों में मानसिक तनाव, उत्तेजनाओं को नियंत्रित करने के लिए मंडला पद्धति जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी की सहायता की गतिविधियां दी गई।
    रेल्वे चाइल्ड लाईन टीम द्वारा बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य,तनाव, भय,चिंता, उपेक्षा,हताशा, एकाकीपन, गुस्सा, जैसे भावात्मक विषयों पर किशोरी स्टेकहोल्डर्स को प्रशिक्षित किया गया। जागरूकता कार्यक्रम में रायपुर रेल्वे स्टेशन के निदेशक बी.टी. वी. राव ने सक्रिय रूप से भाग लिया उन्होंने कहा कि रेल्वे परिसर और आस-पास जो भी बालक संरक्षण विहीन अवस्था में मिलता है, तो तत्काल रेल्वे चाइल्ड लाईन की टीम को सूचित किया जाता है। बालक को उचित संरक्षण व सुरक्षा रेल्वे चाइल्ड लाईन रायपुर द्वारा प्रदान की जाती है।
    इस जागरूकता अभियान में संचालित परियोजना के अंतर्गत शेष वर्मा,ललित साहू,मुकेश कुमार,मधु बारले,भारती नागवंशी,भूषण ध्रुव,महेश्वरी साहू,दयानंद गेन्द्रे,आदित्य,व रीना जगत का सक्रिय योगदान रहा।

    रायपुर / शौर्यपथ / महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडि़या ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी है। श्रीमती भेंडि़या ने कहा है कि विश्व महिला दिवस महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा और हौसला देता है। नारी शक्ति ने हर क्षेत्र में खुद को साबित किया है और अपनी क्षमता और प्रतिभा के बल पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनायी है।
    महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं काबिल और मेहनती हैं। राज्य सरकार इन महिलाओं को सामाजिक और अर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। श्रीमती भेंडि़या ने आह्वान किया है कि बेटों के समान बेटियों को भी आगे पढ़ने-बढ़ने के सभी अवसर उपलब्ध कराएं तभी हम एक मजबूत और विकसित समाज की कल्पना को साकार कर पाएंगे।

    जितेन्द्र नागेश - उप संचालक

    ​कोरबा / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में बिजली उत्पादन के लिए जाने जाने वाले कोरबा जिले को पर्यटन के मानचित्र पर भी अब सशक्त पहचान मिल गई है, परंतु जिले की यह पहचान किसी और के कारण नहीं बल्कि यहां की मातृ शक्ति से है। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल के नेतृत्व में टीम कोरबा में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ जिले के महिला स्व सहायता समूहों की सदस्यों का भी इसमें बड़ा योगदान है। ग्रामीण हो या शहरी, हर क्षेत्र में जिले की महिलाओं ने अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई है। राज्य सरकार ने भी जिले में महिलाओं को मजबूत और अधिकार सम्पन्न बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। महिला स्वास्थ्य या पोषण का मामला हो, रोजगार और आजीविका से जुड़ने की गतिविधियां, खेल-कूद हो या खेती-किसानी और पशुपालन... हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी ने शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की सफलता तय की है।
    राज्य सरकार ने नरवा-गरवा-घुरवा-बाड़ी विकास कार्यक्रम शुरू किया तो कोरबा जिले में इसके क्रियान्वयन की मैदानी स्तर पर जिम्मेदारी महिलाओं के हिस्से आई। गौठान समितियों के माध्यम से गौठानों के संचालन से लेकर गौठानों को आजीविका के बहुआयामी केन्द्र के रूप में विकसित करने में महिलाओं का बड़ा योगदान रहा। कोरबा जिले में संचालित लगभग 250 गौठानों का पूरा प्रबंधन महिलाओं के हाथ में है। इन गौठानों मंे डे-केयर के रूप में पशुओं की देखभाल के साथ-साथ वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन, गोबर खरीदी, गोबर से विभिन्न उत्पादों का निर्माण जैसी सभी गतिविधियां महिला स्व सहायता समूहों की सदस्यो द्वारा संचालित हैं। गौठानों में चारागाह के प्रबंधन से लेकर सब्जी उत्पादन का काम भी महिला समूह ही कर रहे हैं। कोरबा जिले में नौ हजार 906 महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से लगभग एक लाख 15 हजार महिलाओं का एक बड़ा और मजबूत संगठन है। हरे कृष्णा स्व सहायता समूह, धन लक्ष्मी स्व सहायता समूह, पूजा स्व सहायता समूह, सरस्वती स्व सहायता समूह, साईं स्व सहायता समूह, बेबी स्व सहायता समूह, जय संतोषी मां स्व सहायता समूह और ऐसे मातृ शक्ति प्रेरित नामों के कई समूह कोरबा जिले को महिला सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाने में लगे हैं। साढ़े छह हजार से अधिक महिला समूहों की लगभग 25 हजार महिलाएं खेती-किसानी, बागवानी, पशुपालन से जुड़ी रोजगार मूलक गतिविधियों में संलग्न है। 262 महिला समूहों द्वारा जैविक खाद का निर्माण, गोबर के गमले, मूर्तियां और अन्य आकर्षक कलाकृतियां बनाने का काम किया जा रहा है।
    कोरबा जिले में सतरेंगा पर्यटन स्थल के संवर्धन और उसे अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महिलाओं की विशेष भूमिका रही है। जिले की कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल की योजना को मूर्तरूप देने में महिलाओं ने पुरूषों के साथ बराबरी से हिस्सेदारी की। महिला समूहों द्वारा यहां आने वाले पर्यटकों के खाने-पीने के लिए सर्वसुविधा युक्त सतरेंगा कैफेटेरिया का संचालन किया जा रहा है। इडली, दोसा, चाउमीन के साथ छत्तीसगढ़ के पारंपरिक फरा, चीला, ठेठरी-खुर्मी व्यंजनों से पर्यटकों का पेट ही नहीं बल्कि मन भी संतृप्त हो रहा है। सतरेंगा में संचालित होने वाले रिसाॅर्ट में भी स्थानीय युवतियों को ही काम पर रखा गया है। कैफेटेरिया से लेकर साफ-सफाई तक की समितियों मे महिलाओं को शामिल कर पर्यटन से रोजगार की अवधारणा को सतरेंगा मंे ही मूर्तरूप मिला है। सतरेंगा को पर्यटको के लिए विकसित कर देने से लगभग 30 स्थानीय महिला स्व सहायता समूहों की 250 से अधिक महिलाओं को आजीविका के अलग-अलग साधन मिले हैं और वे हर महीने पांच हजार से लेकर 10 हजार रूपए तक की आय प्राप्त कर रहीं हैं।
    छत्तीसगढ़ सरकार की महिला कोष ऋण योजना ने भी महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न पोषण योजनाओं के लिए 89 समूहों की लगभग 900 महिलाएं रेडी टु इट बनाने का काम कर रहीं हैं। एक हजार 600 से अधिक समूहों की 17 हजार से अधिक महिलाएं गर्म पका भोजन तैयार कर कुपोषित बच्चों और गर्भवती माताओं को रोज खिला रहे हैं। महिलाओं से जुड़े कामों के साथ-साथ पुरूषों के एकाधिकार वाले कई जीविकोपार्जन के काम कोरबा जिले में महिला समूहों द्वारा किए जा रहे हैं। ईंट निर्माण, चांवल व्यवसाय, आंटा चक्की संचालन, कोशा धागाकरण, सिलाई व्यवसाय, किराना-कपड़ा मनिहारी व्यवसाय, मसाला व्यवसाय, पापड़ निर्माण, बांस-शिल्प व्यवसाय से लेकर वनोपज संग्रह, साबुन, रंग, गुलाल निर्माण जैसे कामों में महिला समूहों की सदस्यों ने अपनी क्षमता और कार्य कुशलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। महिला कोष के माध्यम से जिले के दो हजार 114 समूहों को अभी तक अपना व्यवसाय करने के लिए 25 से 30 हजार रूपए के हिसाब से चार करोड़ 41 लाख रूपए से ज्यादा का ऋण दिया गया है। इसमें खास बात यह है कि ऋण लेने के बाद समूहों ने अपनी कर्मठता और मेहनत से व्यवसाय को आगे बढ़ाया, अच्छी आमदनी प्राप्त की और लगभग 95 प्रतिशत से अधिक समूहों ने ऋण की अदायगी भी कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रो में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार के लिए 149 बैंक सखियां भी काम कर रहीं हैं। पेंशन या स्काॅलरशीप का भुगतान हो या मनरेगा की मजूदरी देना हो, बैंक खाते से राशि निकालना हो या बचत के लिए जमा करना हो ऐसे सभी काम लोगों के घर जाकर बैंक सखियों के माध्यम से आसानी से हो रहे हैं।
    वैश्विक महामारी कोरोना के काल में भी जिले की महिलाओं ने जनजागरूकता से लेकर कोरोना मरीजों के ईलाज तक की गतिविधियों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है। महिला डाॅक्टर, स्वास्थ्य कर्मी, प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी सभी महिलाओं ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अपने अनुभव का अच्छी तरह उपयोग किया। महिला होने के नाते पारिवारिक ही नहीं सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर भी बारिकियांे का ध्यान रख कोरोना संक्रमण से बचाव की रणनीति तैयार की गई। जिले की कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल के साथ-साथ अन्य महिला प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इसमें अपने अनुभव का समावेश किया। परिवार के बुजुर्गों से लेकर छोटे बच्चों तक को संक्रमण से बचाए रखने के लिए सुबह से शाम तक के क्रियाकलापों का गहन विश्लेषण करते हुए तैयार रणनीति का ही परिणाम था कि जिले का कोरोना बचाव माॅडल दूसरे जिलों और राज्यों के लिए अनुकरणीय हो गया। संक्रमण के प्रारंभिक दौर में महिला समूहों ने मास्क और सेनेटाइजर बनाकर वितरण करके अपनी संवेदनशीलता और सजगता की मिसाल पेश की। मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य कर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कोरोना संक्रमितों की पहचान में अपना बहुमूल्य योगदान दिया, तो जिले की महिला शिक्षकों ने भी मोहल्ला क्लास, पढ़ई तुंहर दुआर, आॅनलाइन क्लास जैसे उपायांे से बच्चों की पढ़ाई जारी रखी।
    महिलाओं को शिक्षा और आजीविका से जोड़ने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान प्रशासन द्वारा रखा गया है। हाट-बाजार क्लीनिक योजना और मोहल्ला क्लीनिक से पुरूषों ही नहीं बड़ी संख्या में महिलाओं को भी ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिले में जल्द ही दाई-दीदी क्लीनिक भी शुरू होने को है, जहां महिला डाॅक्टरों और महिला स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा केवल बीमार महिलाओं का ईलाज और अन्य स्वास्थ्य जांच की जाएंगी। महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक रखने के लिए जिले में विशेष अभियान मिशन शक्ति भी संचालित किया जा चुका है। जिसके तहत लगभग डेढ़ लाख महिला एवं किशोरी बालिकाओं के खून की जांच, सिकिल सेल जांच आदि संबंधी स्वास्थ्य परीक्षण किए गए हैं। बीमार महिलाओं और बालिकाओं का ईलाज किया गया है। जिले में पिछले एक साल में कुपोषण में लगभग छह प्रतिशत की कमी हुई है। कोरोना संक्रमण के दौरान मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत नियमित रूप से 52 हजार 922 हितग्राहियों को सूखे राशन का वितरण भी किया गया है। जिले में सुपोषित जननी योजना के तहत 21 हजार 115 गर्भवती और शिशुवती माताओं को अतिरिक्त पोषण आहार के रूप में अण्डा, मूंगफली-लड्डु और चिक्की के साथ गर्म भोजन भी उपलब्ध कराया गया है ताकि जच्चा-बच्चा स्वस्थ रहें और स्वस्थ पीढ़ी का विकास हो।
    महिलाआंे के सशक्त योगदान से ही कोरबा प्रदेश के अन्य जिलों के लिए महिलाओं के मामले में प्रेरणा स्रोत बनने की ओर अग्रसर है। महिलाओं की सहनशीलता, संवदेनशीलता और कर्मठता ने ही कोरोना जैसी महामारी से लड़ने का हौसला दिया है और छोटे-छोटे अवसरों को आजीविका के बड़े साधन के रूप में विकसित होने का मौका भी प्रदान किया है। गोबर खरीदी और गोबर से गमले, आकर्षक मूर्तियांे, कलाकृतियों से लेकर अगरबत्ती और गोबर काष्ठ बनाना इसका जीवंत उदाहरण है। पुरातन काल से मानव सभ्यताओं के विकास में महिलाओं की यह भागीदारी आज भी जारी है और जब तक जीवन है तब तक जीवनदायिनी मातृशक्ति ही इसकी संवाहक बनी रहेगी।

    रीनू ठाकुर
    सहायक जनसम्पर्क अधिकारी

    रायपुर / शौर्यपथ / स्वच्छता दीदी हों या अंतरिक्ष में जाने वाली कल्पना चावला महिलाओं ने फर्श से अर्श तक हर क्षेत्र में खुद को साबित किया है। महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी कामयाबी का परचम लहरा रही हैं। कालान्तर से पड़ी लैंगिक असमानता की बेडि़या अब धीरे-धीरे टूटती जा रही हैं, लेकिन कई क्षेत्रों अभी भी महिलाओं को अधिक अधिकार सपन्न बनाये जाने की जरूरत है। सही अर्थों में महिला सशक्तिकरण उस दिन होगा, जब महिलाएं बिना किसी दबाव के स्वयं से जुड़े निर्णय लेने के लिए सक्षम और योग्य बन सकें। इसके लिए छत्तीसगढ़ में महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने के साथ उनके स्वावलंबन की रणनीति अपनायी जा रही है।
    छत्तीसगढ़ में बदलाव की बयार के साथ महिला सशक्तीकरण का नया दौर शुरू हुआ है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, पर्यवेक्षक, सुपोषण मित्र, मितानिन, शिक्षिका, बीसी सखी या स्व-सहायता समूह की कार्यकर्ताओं के रूप में महिलाएं प्रदेश की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रही हैं। पंचायतों में 50 फीसदी हिस्सेदारी के साथ उनकी सहभागिता को और अधिक मजबूत बनाया गया है। राज्य सरकार द्वारा शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का संचालन, आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए पूरक पोषण आहार, रेडी-टू-इट फूड और स्कूलों में मध्यान्ह भोजन तैयार करने का काम समूह की महिलाओं को देने से गांव-गांव में परिवारों को आर्थिक मजबूती का आधार मिला है। यहां आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिए नाश्ता और गर्म पके हुए भोजन तैयार करने का काम भी महिला समूह की महिलाएं कर रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित महिला कोष की ऋण योजना के माध्यम से महिला समूहों, निराश्रित विधवा महिलाओं को भी छोटे उद्योगों और कामकाज का संचालन के लिए 3 प्रतिशत ब्याज पर ऋण देकर उन्हें स्वावलंबी बनाया जा रहा है। महिला कोष के माध्यम से वर्ष 2020-21 में 291 महिला समूहों को ऋण प्रदान किया गया है।
    महिला स्वालंबन की दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ के जिला मुख्यालयों में गढ़कलेवा केन्द्रों का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों को दिया गया हैं। राज्य शासन ने इसके लिए जरूरी सुविधायें, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करायी है। जिसका बेहतर प्रतिसाद मिलने लगा है। महासमुंद जिले के बसना जनपद पंचायत परिसर में फ्लोर कलेवा में दिव्यांग महिलाओं द्वारा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की बिक्री की जा रही है। वनांचल क्षेत्र जशपुर में महिलाओं द्वारा गढ़कलेवा के साथ जंगल बाजार का संचालन किया जा रहा है। यहां स्थानीय शिल्पियों द्वारा निर्मित कलाकृतियों के साथ वन औषधि का विक्रय भी शुरू किया गया है। बिलासपुर जिले के तखतपुर ब्लॉक के ग्राम गनियारी में प्रदेश के पहले आजीविका अंगना (मल्टी एक्टिविटी सेंटर) शुरू किया गया है। यहां आंतरिक एवं बाह्य गतिविधियों में लगभग 650 महिलाएं जुड़ी हुई है। सुराजी गांव योजना के तहत भी ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए समूहों के माध्यम से गोबर के विभिन्न उत्पादों, दुग्ध उत्पादन सहित अन्य आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा गया है। नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना और गोधन न्याय योजना के तहत महिलाएं गौठानों में गोबर के दिए गमले, जैविक खाद, कीटनाशक से लेकर आयुर्वेदिक औषधी भी तैयार कर रही हैं। मधुमक्खी) पालन से लेकर मशरूम उत्पादन तक कई क्षेत्रों में महिला समूहों ने अच्छी पकड़ बना ली है। आदिवासी क्षेत्रों में कड़कनाथ मुर्गा पालन कर महिलाएं अच्छी कमाई कर रही हैं। आत्मनिर्भर बनकर महिलाएं न सिर्फ अपने परिवार को बेहतर जीवन स्तर देने में सक्षम बन रही हैं। बल्कि परिवार और समाज में अपना एक अलग स्थान बना रही हैं।
    छत्तीसगढ़ के कई शहरों में क्लीन सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहरों में स्वच्छता का काम स्वच्छता दीदियां बखूबी सम्हाल रही हैं। अम्बिकापुर दंतेवाड़ा जिला इसकी मिसाल बन गए हैं। बैंक सखियां ऑनलाइन कियोस्क लेपटाप और पे-प्वाइंट मोबाइल उपकरण के माध्यम से बैंकिंग की सुविधाएं गांव-गांव जाकर दे रही हैं। राष्ट्रीय आजीविका मिशन ‘बिहान‘ के तहत कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों की 20 लाख महिलाओं को स्वसहायता समूह के माध्यम से कई रोजगार मूलक गतिविधियों से जोड़ा गया है। ये महिलाएं अब सीमेंट पोल, सेंट्रिंग तार निर्माण जैसे पुरूषों के काम माने जाने वाले क्षेत्रों में अपना लोहा मनवा रहीं हैं। वनधन विकास केन्द्रों और लघु वनोपज प्रसंस्करण से जोड़कर महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है सीताफल संग्रहण और सीताफल पल्प फूड प्रोसेसिंग यूनिट से जुड़ी महिला समूहों के माध्यम से कांकेर के सीताफल की मिठास अब दूर-दूर तक पहुंचने लगी है। दंतेवाड़ा में मलबरी कोसा उत्पादन एवं रेशम निर्माण और कांकेर में मनरेगा से जुड़कर समूह की महिलाएं लाख उत्पादन कर रही हैं।
    स्वावलंबन के साथ महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति भी राज्य सरकार गंभीर है। 15 से 49 वर्ष की महिलाओं में एनीमिया का प्रतिशत अधिक पाए जाने पर उन्हें एनीमिया मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण योजना का संचालन कर प्रदेश में महिलाओं को गर्म भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे लगभग 20 हजार महिलाएं एनीमिया मुक्त हुई हैं। नगर निगम क्षेत्रों में महिलाओं के लिए दाई-दीदी क्लीनिक की शुरूआत की गई है। महिलाओं में बदलाव न सिर्फ आर्थिक क्षेत्रों में बल्कि उनकी सोच भी दिखाई देने लगा है। आदिवासी क्षेत्र दंतेवाड़ा में ‘मेहरास-चो-मान‘ से जुड़कर महिलाएं सेनेटरी पैड निर्माण के साथ गांव-गांव में जागरूकता भी ला रही हैं। वह दिन दूर नहीं जब जागरूकता की इस अलख से तीजन बाई, फूलबासन यादव और नीता डूमरे जैसे नामें की श्रृंखला को महिलाएं बहुत आगे ले जाएंगी।

    मुख्यमंत्री शामिल हुए संत शिरोमणी रविदास जयंती समारोह और मेहर युवक-युवती परिचय सम्मेलन में
    मेहर समाज के भवन के जीर्णाेंद्धार के लिए 20 लाख रूपए की मंजूरी की घोषणा
    रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में इस वर्ष खुलेंगे सी-मार्ट

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां संत शिरोमणी रविदास जयंती एवं मेहर युवक युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की उन्नति के लिए शिक्षा जरूरी है। समाज शिक्षा से नाता जोड़ेे और कुरीतियों से नाता तोडे़। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ब्लॉक स्तर में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल प्रारंभ किए जाएंगे, जिससे समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों को भी अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्राप्त हो सके। राजधानी रायपुर के महादेव घाट में संत शिरोमणी रविदास मंदिर के समीप स्थित छत्तीसगढ़ हरदिया साहू समाज के भवन में मेहर समाज द्वारा इस अवसर पर समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन और आदर्श सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने यहां विवाह के बंधन में बंधे जोड़ों को उनके खुशहाल जीवन के लिए आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने इसके पहले संत शिरोमणी रविदास जी के मंदिर में पूजा अर्चना कर उनसे प्रदेश की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि नवा रायपुर में 200 बेड का अनुसूचित जाति आवासीय कोचिंग सेंटर बनाया जाएगा, नवा रायपुर में खुलने वाले राष्ट्रीय स्तर के स्कूल में दाखिला लेने वाले अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की फीस राज्य सरकार देगी। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए नशा छोड़ना जरूरी है समाज के लोग नशे की बुराइयों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए मेहर समाज के जाति प्रमाण पत्र में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया के सरलीकरण का आश्वासन दिया, साथ ही उन्होंने समाज के भवन के जीर्णाेद्धार के लिए 20 लाख रूपए की स्वीकृति दी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चर्म शिल्प बोर्ड का गठन किया जाएगा। बोर्ड के माध्यम से समाज के लोगों को आधुनिक तरीके से जूता चप्पल बनाने का प्रशिक्षण देने और चर्म शिल्पकारों के लिए ब्लॉक स्तर पर कर्मशाला स्थापना का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न शिल्पकारों, महिला स्व-सहायता समूहों के द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री और कोसा वस्त्र, कृषि उत्पादों सहित विभिन्न उत्पादों की बिक्री के लिए हर जिला मुख्यालय में सी-मार्ट खोले जाएंगे। इस वर्ष रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग में सी-मार्ट खुलेंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कहते थे कि गांव भारत देश की आत्मा हैं। राज्य सरकार ने भी गांव को सशक्त और विकसित बनाने की पहल की है। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण खेती छोड़ चुके लोग बड़ी संख्या में खेतों की ओर लौटे हैं। राजीव गांधी किसान योजना के माध्यम से किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से आदान सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का काम जनता की सेवा और गरीबों, किसानों, मजदूरों का सहयोग करना है। राज्य सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के माध्यम से 2 रूपए प्रति किलो की दर पर खरीदे गए गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाया जा रहा है। प्रदेश के 5 हजार गौठानों में ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 50 हजार महिलाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि गांवों में तेलघानी खोली जाएंगी।
    मेहर समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री खिलावन बघेल ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कि आज मेहर समाज उन्नति के पथ पर अग्रसर है। समाज के अनेक लोग डी.लिट की उपाधिधारी हैं, अनेक डॉक्टर, वैज्ञानिक, इंजीनियर, वकील और शिक्षक भी हैं। संसदीय सचिव श्री विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार सभी समाजों के उत्थान की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज को ऊपर उठाने का माध्यम है, इसलिए समाज को बच्चों की शिक्षा पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों ने शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। इस अवसर पर मेहर समाज के महासचिव परदेशी राम लहरी, प्रदेश कोषाध्यक्ष राकेश मेहर, युवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष तुलसी डांेडिया, महिला संगठन की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सरोजिनी रात्रे सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने मेहर समाज की ओर से दौलत राम कॉलेज कसडोल के प्राचार्य मेजर डॉ. एच.के.एस. गजेंद्र और और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के तकनीकी अधिकारी डॉ. चैतराम रात्रे को मेहररत्न सम्मान से सम्मानित किया।

     

    बिरगांव कालेज का नामकरण स्वर्गीय नंदकुमार पटेल के नाम से किया जाएगा

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री बघेल ने आज यहां बुधवारी बाजार बिरगांव में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र की जनता को 121 करोड़ की लागत के कार्यों की सौगातें दी। जिसमें बिरगांव आवर्धन जल प्रदाय योजना के उन्नयन कार्य हेतु 104 करोड 23 लाख, आडवाणी आर्लिकॉन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरगांव के मुख्य द्वार के पास सौंदर्यीकरण कार्य के लिए 35 लाख, अधोसंरचना मद अंतर्गत समस्त वार्डों में जल प्रदाय व्यवस्था हेतु पीवीसी स्टोरेज टैंक एवं विभिन्न विकास कार्य हेतु 53 लाख 36 हजार, स्वच्छता कार्य के लिए ई-रिक्शा हेतु एक करोड़ 48 लाख 35 हजार, अधोसंरचना मद अंतर्गत सीसी सड़क एवं नाली निर्माण हेतु 69 कार्य के लिए 9 करोड 47 लाख 48 हजार, 14वें वित्त आयोग अंतर्गत सीसी सड़क एवं नाली निर्माण हेतु 42 कार्य के लिए 4 करोड 75 लाख 75 हजार की 83 के कार्य शामिल हैं।
    मुख्यमंत्री बघेल ने क्षेत्रीय विधायक सतनारायण शर्मा के आग्रह पर बिरगांव में जिला सहकारी बैंक की शाखा खोलने की घोषणा की वहीं उन्होंने बिरगांव कालेज का नामकरण स्वर्गीय नंदकुमार पटेल के नाम से किए जाने तथा बिरगांव क्षेत्र में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की घोषणा की। कार्यक्रम में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत 148 हितग्राहियों को पट्टा वितरण किया गया तथा 53 लोगों को ई-रिक्शा का भी वितरण किया गया। मुख्यमंत्री बघेल ने कंचन कुर्रे सतरूपा निषाद, सुनिधि देवांगन, दुलारी देवांगन, निलेश वरी साहू, रजनी साहू, नरवादिया यादव, रीना बाई तथा कुमारी दास को पट्टा वितरण किया तथा ज्योति झारिया, अहिल्या जामुलकर, ममता धु्रव, योगेश एवं लोकेश को ई-रिक्शा की चाबी प्रदान की।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार लगातार गांव, गरीबों ,किसानों तथा जरूरतमंदों के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सबसे स्वच्छ प्रदेश का पुरस्कार लगातार द्वितीय वर्ष हमारे राज्य को मिला है यह गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता दीदी का मानदेय 5 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रूपए कर दिया गया है। श्री बघेल ने कहा कि नगर निगम बिरगांव के अंतर्गत मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत 8000 से अधिक व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। दो मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा क्षेत्र की जनता की निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा सुविधा हेतु उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में भी गौठानों की व्यवस्था की जा रही है आज गोधन या योजना के तहत लोग गोबर बेचकर मोटर साइकिल और टाटा एस भी खरीद रहे हैं।एक तरफ गंदगी समाप्त हो रही है वहीं यह आय का जरिया भी बन रहा है।
    कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि भूपेश बघेल के नेतृत्व में हमारी सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कोरोना संकट में सरकार द्वारा किए गए कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। नगरी प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में हमारी सरकार द्वारा मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है तथा क्षेत्र की जनता को किसी भी प्रकार की कोई समस्या ना हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल आवर्धन योजना मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय, दाई दीदी क्लीनिक योजना, शहरी स्वास्थ्य स्लम योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं निकाय के लोगों की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है।
    इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक सत्यनारायण शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य पंकज शर्मा, कलेक्टर एवं बिरगांव नगर पालिका निगम के प्रशासक डॉ. एस. भारती दासन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव, आयुक्त नगर पालिका निगम बिरगांव, श्रीकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

    --मनरेगा, एनआरएलएम, स्वच्छ भारत मिशन योजनाओं में महिलाओं की अहम भूमिका
    -- 8 मार्च 2021 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष

    जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / कहते हैं कि एक महिला अगर मजबूत होगी तो पूरा परिवार, समाज, और देश-प्रदेश सभी मजबूत होंगेे। यही मजबूती महिलाओं की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में भी देखने मिल रही है। महात्मा गांधी नरेगा में जहां वे तालाब गहरीकरण से लेकर आंगनबाड़ी भवन, पंचायत भवन बनाने में योगदान दे रही हैं, तो दूसरी ओर स्व सहायता समूह बनाकर आजीविका संवर्धन की दिशा में मजबूती के साथ खड़ी हुई है। यहीं नहीं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में महिलाओं की भूमिका प्रखर रूप में उभरकर सामने आ रही है। जिसके चलते गांव का विकास तेजी के साथ हो रहा है। इसमें महिलाओं की जितनी भी तारीफ की जाए कम है। 8 मार्च 2021 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हम सभी महिलाओं और उनके जज्बे का सम्मान करते हुए उनके हौंसले को सलाम करते हैं।
    मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज की महिलाएं पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है। महिलाओं की हर क्षेत्र में सहभागिता बढ़ी है। प्रदेश एवं केन्द्र सरकार योजनाओं में महिलाओं की बेहतरी के लिए बहुत कुछ किया जा रहा है।
    कोरोना काॅल में मजबूती से बढ़ाए कदम
    वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान जब लाॅकडाउन लगाया गया तो इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं से जुड़ी महिलाओं ने फाइटर्स की तरह कार्य किया। लोगों को कोरोना से बचाने के लिए दिन-रात एक करके माॅस्क तैयार किए और गांव-गांव में वितरित भी किए। कोरोना काॅल में जब मनरेगा का काम शुरू हुआ तो महिलाओं ने इसमें अपनी हिस्सेदारी निभाई। तो वहीं स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी महिलाओं ने स्वच्छता की दिशा में घर-घर जाकर साफ-सफाई की व्यवस्था को संभाला।
    विकास कार्यों में बढ़ी सहभागिता
    गोठानों में महिला स्व सहायता समूहों की सहभागिता लगातार बढ़ रही है। गोठान में मल्टी एक्टिविटी कार्यों को करते हुए आमदनी अर्जित कर रही है। जिले की 246 गोठानों में महिला समूहों द्वारा गोबर के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण किया जा रहा है। इससे उनको आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। महात्मा गांधी नरेगा में वित्तीय वर्ष 2020-21 में 1 लाख 79 हजार 168 महिलाओं ने कार्य करते हुए 33 लाख 65 हजार 62 मानव दिवस का रोजगार प्राप्त किया। मनरेगा के कार्यों में तालाब गहरीकरण से लेकर आंगनबाड़ी भवन, पंचायत भवन, पीडीएस गोदाम हो या फिर सड़क मार्ग का निर्माण, सभी कार्यों में महिलाओं की भूमिका किसी से छिपी नहीं है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से महिलाएं ऋण लेकर अपने स्व सहायता समूह को सशक्त बना रही है। जिले में 8 हजार 977 स्व सहायता समूह संचालित किए जा रहे हैं।
    योजना के माध्यम से बैंक से लिंकेज करते हुए मिलने वाली इस राशि का उपयोग समूह को मजबूत बनाने के लिए कर रही है। इससे होने वाली आमदनी से परिवार आर्थिक रूप से सृदृढ़ हो रहे हैं। इसी तरह स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत महिलाओं के द्वारा जल संरक्षण एवं संवर्धन, ओडीएफ, माहवारी प्रबंधन, पर न केवल ग्रामीणों को जागरूक कर रही हैं अपितु ठोस अपशिष्ट को घर-घर जाकर केन्द्र में संग्रहण का कार्य कर रही हैं।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision