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कलेक्टर ने कोविड-19 की रोकथाम एवं प्रोटोकॉल का पालन करने के संबंध में अधिकारियों की ली बैठक
शादी, रैली, सांस्कृतिक आयोजन या अन्य कार्यक्रमों के लिए अनुमति लेना अनिवार्य
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कोविड-19 के रोकथाम और प्रोटोकॉल का पालन करने के संबंध में पुलिस प्रशासन, नगर निगम तथा राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि महाराष्ट्र में कोविड-19 के केस बढ़े हैं। राजनांदगांव जिला महाराष्ट्र सीमा से लगा हुआ है। इसलिए यहां अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में कोविड-19 के केस कम हुए थे। लेकिन लापरवाही के कारण केस में वृद्धि हो रही है। दुकानों तथा बाजारों में अधिक भीड़ की स्थिति होती है और मास्क नहीं लगाया जा रहा है। कलेक्टर वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन दुकानदारों द्वारा कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है उन पर चालानी कार्रवाई करें। घर से बाहर बिना मास्क के निकलने पर अर्थ दण्ड की कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के अधिकारी चौक-चौराहों पर जांच करें। शासन द्वारा कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए निर्देश जारी किया गया है, इसका पालन किया जाए। दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों का कान्टेक्ट टे्रसिंग कर निगरानी रखी जाए। रेल्वे स्टेशन, ग्रामीण क्षेत्रों एवं नगरीय निकाय में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। कोविड-19 के संबंध में जागरूकता लाने के लिए नगर निगम आयुक्त को माईकिंग कराने तथा सभी 51 वार्डों में नोडल अधिकारियों को कोविड-19 प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वार्डों में जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है वे समन्वय के साथ कार्य करें और सभी को कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए जागरूक करें।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि शादी, रैली, सांस्कृतिक आयोजन या अन्य कार्यक्रमों के लिए अनुमति लेना अनिवार्य है। कार्यक्रमों में अधिक भीड़ होने पर अर्थदण्ड लगाने के निर्देश एसडीएम को दिए। शहर आने वाले सभी रास्तों पर चेकिंग पॉईंट लगाकर मास्क नहीं लगाने वालो पर कार्रवाई करने कहा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण काफी तेजी से बढ़ रहा है। इसका मुख्य कारण कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन नहीं करना है। उन्होंने कहा कि कोरोना का नया रूप और भी खतरनाक है। इससे बचने के लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल पालन करना, मास्क लगाना, सोशल डिस्टेसिंग और समय-समय पर हाथों को सेनेटाईज करते रहे। सभी कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारी मास्क जरूर लगाएं तथा कार्यालय में प्रवेश करने से पहले सभी को मास्क लगाना सुनिश्चित करें। सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण दिखाई देने पर जांच जरूर कराएं।
उन्होंने कहा कि समय पर कोविड-19 की पहचान होने और इलाज मिलने पर कोरोना को दूर किया जा सकता है। कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए लोगों में जागरूकता लाने का कार्य करें। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे, ट्राफिक एसपी गजेन्द्र सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि अमले द्वारा केरेगांव स्थित ग्राम बहानापथरा में छापामार कार्रवाई के दौरान संतराम से नौ लीटर और रामेश्वरी से 18 लीटर महुआ शराब बरामद किया गया। साथ ही संबंधितों के विरूद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(ख) तथा 34(2) एवं 59(क) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उन्हें जेल दाखिल किया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की कोरोना संक्रमण से बचाव की गाइडलाईन का कड़ाई से पालन करने की अपील
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए ऐहतियाती कदम उठाते हुए अन्य राज्यों से विभिन्न माध्यमों से छत्तीसगढ़ आ रहे यात्रियों की कोविड स्क्रीनिंग एवं कान्टेक्ट ट्रेसिंग की व्यवस्था करने के निर्देश सभी कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों को जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में सभी कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों को जारी निर्देशों में कहा गया है कि देश में कोरोना संक्रमण प्रभावित व्यक्तियों की संभावित वृद्धि को देखते हुए विभिन्न माध्यमों से अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आ रहे यात्रियों की कोविड स्क्रीनिंग एवं कान्टेक्ट ट्रेसिंग की व्यवस्था की जाए। रायपुर एवं जगदलपुर (बस्तर) एयरपोर्ट पर विशेष रूप से मुबंई एवं दिल्ली से आने वाले यात्रियों सहित सभी यात्रियों की निर्धारित एस.ओ.पी. अनुसार कोविड स्क्रीनिंग एवं कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। जारी निर्देशों में कहा गया है कि विशेषकर महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश एवं दिल्ली से सड़क एवं रेल मार्ग से आने वाले यात्रियों की भी कोविड स्क्रीनिंग एवं कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग हेतु आवश्यक व्यवस्था रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन एवं अन्तर्राज्यीय एंट्री पॉइन्ट पर की जाए। सभी कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए उससे संबंधित अन्य समस्त कार्यवाईयों के लिए भी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना के बढ़ते प्रकरण को देखते हुए प्रदेशवासियों से कोरोना संक्रमण से बचने हेतु पूर्व में जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जब तक हम कोरोना पर विजय प्राप्त नही कर लेते तब तक इससे बचने के लिए मास्क पहने, सोशल और फिजिकल डिस्टेंस का पालन करें, थोड़ी-थोड़ी देर में हाथों को धोते रहें। इन उपायों का पालन करने से ही हम अपने प्रदेश में कोरोना को रोकने में काफी हद तक सफल हुए हैं और आगे भी इनका कड़ाई से पालन करते हुए कोरोना संक्रमण की रोकथाम कर सकेंगे।
धमतरी / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जय प्रकाश मौर्य ने आगामी 22 फरवरी को स्थानीय गांधी चैक से मुख्यमंत्री निवास रायपुर तक पदयात्रा किए जाने की सूचना प्राप्त होने के आधार पर जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 23(2) के तहत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए कार्यपालिक दण्डाधिकारियों की नियुक्ति की है। उक्त रैली जिले के छत्तीसगढ़ अभिकर्ता एवं सेवा संघ द्वारा चिटफंड कंपनियों से पीड़ित निवेशकों की जमापूंजी वापसी के लिए निकाली जाएगी।
जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी धमतरी श्री मनीष मिश्रा को गांधी चैक से रायपुर रोड में धमतरी सीमा क्षेत्रांतर्गत, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी कुरूद श्रीमती योगिता देवांगन को रायपुर रोड में कुरूद सीमा क्षेत्र से रायपुर रोड में अंतिम सीमाक्षेत्र तक ड्यूटी लगाई गई है। इसी तरह तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी धमतरी श्री पवन सिंह ठाकुर की गांधी चैक धमतरी से घडी चैक धमतरी तक, तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी कुरूद भूपेश गावड़े की रायपुर रोड में कुरूद सीमा क्षेत्र प्रारंभ से सांधा चैक कुरूद तक, नायब तहसीलदार धमतरी चन्द्र कुमार साहू की घड़ी चैक धमतरी से सिहावा चैक धमतरी, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी धमतरी श्री राहुल शर्मा की सिहावा चैक धमतरी से रायपुर रोड में धमतरी अनुभाग सीमा क्षेत्र तक और नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी धमतरी सुश्री आकांक्षा साहू की सांधा चैक कुरूद से रायपुर की ओर कुरूद सीमा क्षेत्र तक ड्यूटी लगाई गई है।
गोधन न्याय योजना पर आधारित कार्यशाला में कलेक्टर ने जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए भरा जोश
धमतरी / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन की सर्वाधिक महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना के निचले स्तर पर समुचित क्रियान्वयन एवं ग्रामीणों में इसके महत्व को पहुंचाने के लिए आज जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के सभी विकासखण्ड के समिति प्रबंधक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी, जनपद पंचायतों के सी.ई.ओ. सहित अनुविभागीय अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि गोधन न्याय योजना छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है, जिसके जरिए धान के बढ़ते रकबे को सीमित करते हुए फसल-चक्र परिवर्तन को बढ़ावा देना तथा जैविक फसलों को शामिल करना है। उन्होंने बताया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए ग्रामीणों से 31 मार्च तक प्रपत्र भराकर सर्वे किया जाएगा। साथ ही ग्राम पंचायतों में पटवारी, पटेल, समिति प्रबंधक, पटेल, पंचायत सचिव द्वारा चैपाल लगाकर जैविक खेती के लाभ तथा धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों की जानकारी दी जाएगी।
स्थानीय विंध्यवासिनी वार्ड के सामुदायिक भवन में दो सत्रों में आयोजित कार्यशाला में कलेक्टर ने कहा कि पिछले 4-5 सालों में धान की खेती का रकबा काफी बढ़ा है जो बेहद चिंतनीय और खतरनाक स्थिति है। धान की फसल लेने की लागत बहुत ऊंची है और काफी पानी की भी जरूरत पड़ती है। खेतों में लगातार एक ही फसल लिए जाने से जहां मिट्टी की सेहत खराब होती है, वहीं कीटनाशक रासायनिक दवाओं के अपरिमित उपयोग से घातक बीमारियांे की आशंका बेहद बढ़ जाती है, ऐसे में जैविक खेती ही एकमात्र विकल्प है जिससे किसानों की आय बरकरार रखी जा सके। उन्होंने बताया कि गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में वर्मी खाद उत्पादित की जा रही है। वर्मी कम्पोस्ट का उतना ही निर्माण करें, जितने का उपयोग किसानों के द्वारा किया जा सके। कलेक्टर ने बताया कि जिले में धान की 1.44 लाख हेक्टेयर रकबे में खेती ली जा रही है और इसी रकबे को घटाकर जैविक फसलों को उपयोग में लाकर व्यापक फसल-चक्र परिवर्तन लाना ही इस योजना का ध्येय है। उन्होंने बताया कि इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में किसानों को प्रपत्र भराकर उन्हें जैविक खेती के फायदे और इसकी आवश्यकता के बारे में विस्तारपूर्वक बताया जाएगा। साथ ही जैविक खेती को लेकर किसानों में तकनीकी समझ विकसित करने के लिए संबंधित विभागों के मैदानी अमलों के द्वारा कार्ययोजना बनाकर समझाइश दी जाएगी।
इसके पहले जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिले में 600 हेक्टेयर रकबे में जैविक खेती का लक्ष्य आगामी रबी फसल के लिए रखा गया है जिसमें 15 हजार क्विंटल वर्मी खाद तैयार कर आगामी तीन माह में उठाव किया जाएगा। उन्होंने जिले के 20 माॅडल गौठानों में बहुउद्देशीय गतिविधियांे के संचालन किए जाने की भी जानकारी कार्यशाला में दी तथा वर्तमान परिवेश में जैविक खेती की आवश्यकता, महत्व तथा कार्ययोजना पर भी प्रकाश डाला। इसके अलावा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने भी योजना के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी दी। कार्यशाला के पहले सत्र में नगरी तथा मगरलोड विकासखण्ड तथा दूसरे सत्र में धमतरी व कुरूद ब्लाॅक के संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर में बढती चोरियों को लेकर दुर्ग पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह ठाकुर जहां एक ओर चोरी की रोकथाम के लिए जिले के शहरी एवं ग्रामीण सब डिवीजन के अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिये है कि बढती चोरियों पर अंकुश लगाये। नकबजनी व चोरी की घटनाओं पर पेट्रोलिंग टीम व मुखबीर तंत्र को तेज करके चोरी की घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों पर नकेल कसे। आज छावनी सब डिवीजन के थाना जामुल में चोरी की एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए एसपी श्री ठाकुर ने पत्रकारवार्ता में बताया कि छावनी सीएसपी विश्वास चंद्राकर, जामुल टीआई विशाल सोन,एएसआई प्रमोद सिंह, आरक्षक बालेन्द्र द्विवेदी, अजय सिंह की टीम में चोरी के एक बड़े मामले में बड़ी सफलता अर्जित की है, जिसमें सत्रह चोरी के मामलों का पुलिस ने खुलासा किया है जिसमें दो किलो 7 सौ ग्राम चांदी एवं 164 ग्राम सोना, नगद 97 सौ रूपये कुल 10 लाख 97 सौ रूपये जब्त किये हैं। इन आरोपियों को पकडऩे वाले पुलिस टीम को एसपी ने पीठ थपथपाई और उन्होंने कहा कि बढती चोरियों पर दुर्ग पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। इस पूरे मामले में पुलिस ने बेहतर कार्य किया है। घटना को अंजाम देने वाले थाना तिल्दा जिला बलौदा बाजार का हिस्ट्री शीटर जीते चेलक जो कि वर्ष 2018 से छिप कर घासीदास नगर जामुल में रह रहा है।
मुखबीर की सूचना पर जीतू चेलक को घासीदास नगर में घूमते हुए पकड़ा गया। पुलिस की पूछताछ में चेलक ने बताया कि 25 अप्रैल 2018 से वह 7 फरवरी 2101 तक घासीदास नगर,सुंदर विहार कालोनी, विश्व बैंक कालोनी, कुरूद एवं अन्य करीब 17 स्थानों पर चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने इस मामले में उसके दो अन्य साथी मंतराम डहरे सिमगा बलौदा बाजार 46 साल, धीरज जैसवाल केम्प 2 छावनी 278 साल को भी गिरफ्तार किया है। इनके विरूद्ध धारा 457, 380 एवं 411 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। ये अधिकांश चोरियां घरों को ही निशाना बनाते थे।
एसपी प्रशांत ठाकुर ने आगे बताया कि कई चोरी के मामलों में पुलिस पाटिँया अन्य राज्यों में भी गई हुई है। जल्द ही कुछ और बड़ी चोरियों का खुलासा करेंगे। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने यह भी बताया कि दुर्ग जिले से 30 बच्चे जा े गुमशुदा थे उसमें से 23 लोगों को पुलिस ने बरामद कर सकुशल उनके परिजनों को सौप दिया है। दुर्ग पुलिस व्हीव्हीआईपी जिला होने के कारण लाईन आर्डर के अलावा जनता और पुलिस के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए नित्य नये नये कार्यक्रम समय समय पर आयोजित कर रही है, जिससे जनता का पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक बढें। पत्रवार्ता में एएसपी रोहित झा, छावनी सीएसपी विश्वास चंद्राकर, जामुल टीआई विशाल सोन एवं उनकी टीम उपस्थित थी।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग भिलाई एकेडमी आफ पीडियाट्रिशियन की अहम बैठक दुर्ग में संपन्न हुई। बैठक में बीते साल कोरोना काल के दौरान शिशुरोग के क्षेत्र में उत्तम कार्य करने वाले चिकित्सकों का सम्मान दुर्ग भिलाई एकेडमी ने किया। कार्यक्रम में इंडियन एकेडमी आफ पीडियाट्रिक एसोसिएशन द्वारा सम्मानित होने वाले चिकित्सकों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पेडीकान छत्तीसगढ़ में भी दुर्ग भिलाई एकेडमी की ओर से भाग लेने वाले और यहाँ बेहतर प्रदर्शन करने वाले चिकित्सकों का सम्मान किया गया। एकेडमी की प्रेसीडेंट डॉ. संबिता पंडा, सचिव डॉ. सीमा जैन एवं साइंटिफिक कन्वीनर डॉ. माला चैधरी तथा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरविंद सावंत एवं डॉ. रेखा साकेतकर इस दौरान उपस्थित रहे। कोरोना काल के दौरान न केवल एकेडमी के डॉक्टर वर्चुअल रूप से सक्रिय रहे अपितु इनके परिवारजनों एवं बच्चों के लिए भी विभिन्न तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन एकेडमी द्वारा किया गया था, इसके विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल के दौरान बहुत से रिसर्च पेपर दुर्ग भिलाई एकेडमी के चिकित्सकों द्वारा तैयार किये गए जिनसे शिशु रोगों के निदान की दिशा में काम करने में बड़ी मदद मिलेगी। पंडित जवाहरलाल नेहरू रिसर्च सेंटर एवं हास्पिटल सेक्टर 9 की चिकित्सक डॉ. माला चैधरी ने नवजात शिशुओं की मृत्यु रोकने की दिशा मे सिक्वेंशियल आर्गन फेल्योर एसेसमेंट पर अपना पेपर प्रस्तुत किया। इसमें उन सूचकांकों पर स्टडी की थी जिनका आकलन कर भविष्य के कुछ घंटों के खतरों के संबंध में आगाह हुआ जा सकता है और सुरक्षात्मक उपाय किये जा सकते हैं। डॉ. चैधरी को इस पेपर के लिए इंडियन एकेडमी आफ पीडियाट्रिक एसोसिएशन की ओर से गोल्ड मेडल दिया गया। जिला अस्पताल की शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा जैन ने नेफ्रोटिक सिंड्रोम पर अपना पेपर प्रस्तुत किया। डॉ. ओमेश खुराना को बेस्ट एकेडमीशियन तथा डॉ. गणवीर को बेस्ट कम्युनिटी सर्विस के लिए पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद सावंत एवं डॉ. रेखा साकेतकर ने अपने अनुभव साझा किये और शिशुरोग के संबंध में किये जा रहे नये रिसर्चों के लिए एकेडमी के सदस्यों की प्रशंसा की। कोरोना काल में चिकित्सकों के बच्चों के लिए वर्चुअल माध्यम से भाषण, निबंध, पेंटिंग, पोस्टर, म्यूजिक आदि प्रतियोगिता कराई गईं थीं। इन्हें भी पुरस्कृत किया गया।
अब बैंक अधिकारी भूमाफियाओं से सेटिंग कर अधिक कीमत में बिकने वाली प्रापर्टी को अत्यधिक कम दर पर कर रहे हैं बेंचने का कार्य
प्रापर्टी मालिक को बिना सूचना दिये कर रहे हैे गिरवी रखे प्रापर्टियों को नीलाम
भिलाई / शौर्यपथ / बैंक में अपना प्रापर्टी गिरवी रखकर लोन लेने वाले लोग अब सावधान हो जाये। क्योंकि अब लगभग अधिकांश बैंको के अधिकारी अपने बैंक के वेल्यूवेशनर और जमीन दलाल मिलकर प्रापर्टी को गिरवी रखकर लोन लेने वाले लोगों की प्रापर्टी जो लोन पटाने में देरी कर रहे है उनकी प्रापर्टी को जो ऊंचे दामों में बिक सकती है उसको भूमाफियाओं से सेटिंग कर कौडिय़ों के मोल बेचने का काम प्रापर्टी मालिक को बिना जानकारी दिये कर रहे है और उसका पिछले दरवाजे से स्वयं लाभ लेने का कार्य कर रहे है और सरकार की स्टाम्प डयूटी तथा इंकम टेक्स की चोरी कर रहे हैे। हितग्राहियों की प्रापर्टी कम कीमती में बेचने के बाद बैंक का बचे शेष लाखों रूपये को उल्टा बैंक में जमा करने नोटिस बैंक वाले भेज रहे है और थानों में एफआईआर दर्ज कराने की भी धमकी दे रहे है।
इस प्रकार का अब तक कई मामला भिलाई के बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई, एचडीबी सहित दुर्ग भिलाई में संचालित कई बैंक ों में सामने आ चुका है। इसी प्रकार के एक मामले को लेकर स्वदेश मानव अधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष छोटू चावला, मनोज ठाकरे एवं उनकी टीम के लोगों ने आयोजित पत्रवार्ता में बताया कि आज पूरे देश और प्रदेश में यदि भ्रष्टाचार का गढ यदि कोई संस्था बना है तो वह है सीधे तौर पर बैंक जो कि हितग्राहियों को सीर्फ और सिर्फ परेशान और डिफाल्टर घोषित करने में लगा हुआ है।
उन्होंने बैकों पर आरोप लगाते हुए े कहा कि लोन देते समय संपत्ति की वेल्यूवेशन और नीलामी राशि में भारी कमी दिख रही है। बैंक और भूमाफियों के साथ साथ जमीन दलालों की सक्रियता इन दिनो बैंकों में बढ गई है। बैंको द्वारा हितग्राहियों की करोडों की संपत्ति की रजिस्ट्री कम दर पर कर भूमिफायाओं के माध्यम से बेचे जाने का खेल चल रहा है। ऐसे में करोड़ों की संपत्ति कम दर पर बेंचकर सरकार की स्टाप्म डयूटी और इंकमटेक्स की चोरी की जा रही है। बैकों द्वारा एनपीए खाताधारकों की संपत्ति को बेचने से पहले बैठक की अनिवार्यता और संपत्ति का वेल्यूवेशन लोनधारी की उपस्थिति में की जानी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
बैंक के वेल्यूवेशन करने वाले और बैंक अधिकारियों की शिकायत जिले के सांसद, एसपी कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों से की है। उन्हेंाने आज विनय अग्रवाल, विनय बाफना सहित कई लोगों की जमीन जो कि बैंक में मार्डगेज थी, उसे निलाम करने के बावजूद भी और राशि मांगे जाने के मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बैंक के वेल्यूवर और अधिकारी प्रापर्टी बैंक में रखकर लोन लेने वालो के परिवारों को सिर्फ और सिर्फ परेशान कर रहे है, कई ऐसे परिवार है जिन्हें लॉकडाउन के दौरान बिना कोई नोटिस और सूचना दिये उनके घर की प्रापर्टी को बेंच डाला गया है और बाद में उनके उपर 30 लाख रूपये के बकाया का नोटिस थमाया जा रहा है, जिससे परिवार वाले काफी परेशान हेै। श्री चावला ने आगे कहा कि बैंक के लोग भूमाफिया को सीधे तौर पर लाभ पहुंचा रहे हेै, बैंक अफसर ब्रोकर की भूमिका निभा रहे है। व्यक्ति कभी भी डिफाल्टर नही होता, बैंक वाले ही अपने लाभ के लिए उसे डिफाल्टर घोषित करते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गलत वेल्यूवेशन करने वाले वेल्यूवेशनर और बैंक अधिकारियों पर पुलिस निष्पक्षता क ेसाथ जांचकर इनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज करें। बैंक के लोग स्थानीय व्यापारी व व्यक्तियों का एनपीए व सिविल खराब करने का काम कर रहे हैं।
खासकर प्रापर्टी माडगेज के मामले में ऐसे मे तो उनके परिवार के किसी भी सदस्य को पूरे देश मे ंकहीं पर भी लोन नही मिल पायेगा और उनके परिवार के सामने आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। उन्हेांने यह भी बताया कि छग के जो व्यापारी है वह देश और प्रदेश के जनप्रतिनिधियों को सिर्फ बड़ा चंदा और वोट ही दे रहे हैं, उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नही है। पिछले सत्रह सालों में टीआरटी कोर्ट जो कि मध्यप्रदेश के जबलपुर में है, कोई भी समस्या हो तो वहां का चक्क्कर लगाना पउ़ता है। पत्रकारवार्ता में मनोज ठाकरे, शिवहारे एवं अन्य लोग मौजूद थे।
छग में भी खोला जाये डीआरटी कोट
छोटू चावला ने बताया कि आज 21 साल होने के बाद भी आज तक छत्त्ीसगढ में डीआरटी कोर्ट नही खोला गया जो बैंकों के लोन व बैंको से संबंधित मामलों पर सुनवाई करता है। जबलपुर में ये पिछले 17 सालों से यक कोर्ट संचालित है जो मध्य प्रदेश, छत्त्ीसगढ सहित तीन प्रदेशों के मामलो की सुनवाई करता है, यहां ऐसे मामलों की भरमार है जिसके सुनवाई के लिए एक मात्र जज ही नियुक्त है, इसके कारण ऐसे प्रकरणों की सुनवाई में अत्यधिक देरी होती है जिसका लाभ बैक उठाकर लोन लनेे वालों की जमीन को कौड़ी के दाम में बेचने का काम करते हैे। इसलिए छत्त्ीसगढ में भी जल्द से जल्द डीआरटी कोर्ट खोला जाये।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
