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नवागढ़ / शौर्यपथ / ग्राम पंचायत खेड़ा सम्बलपुर में 18 से 27 फरवरी तक श्रीराम चरित मानस परायण महायज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें मंगलवार को प्रवचनकर्ता ओमप्रकाश ठाकुर झिलियापुर वाले ने लंका दहन, लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ वध और रावण वध की लीला सुनाई। कथावाचक श्री ठाकुर ने राम भक्त हनुमान के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान से भक्त बड़ा होता है। हनुमानजी महान योद्धा के साथ-साथ ज्ञानी भी थे और अपनी चतुराई के साथ रावण की लंका दहन कर यह अवगत करा दिया था कि जिनका वक्त इतना बलशाली है तो उनसे आप किसी तरीके से पार नहीं पा सकते हैं और आप सीता माता को वापस कर अपनी गलती की माफी मांग लें, लेकिन अपनी राक्षसी प्रवृत्ति के कारण उसने माफी मांगने से इनकार कर दिया।
भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम ने समुद्र पर पुल बांधकर लंका में प्रवेश किया। उधर रावण के भाई विभीषण ने भी समझाने का प्रयास किया तो लात मारकर घर से निकाल दिया और विभीषण राम की शरण में पहुंच जाता है। राम विभीषण का राजतिलक कर लंका का राजा बना देते हैं। यह बात जब रावण को पता चलती है तो वह बहुत क्रोधित होता है और बदला लेने को ठान लेता है। रावण, शंकरजी का अपार भक्त था उसने अपने शीश काट कर शंकर जी पर चढ़ाए और प्रसन्न कर वरदान प्राप्त किया था। रावण राम के युद्ध वर्णन बहुत ही मार्मिक ढंग से सुना कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि अत्याचारी का अंत बुरा होता है। रावण के एकलाख पुत्र और सवा लाख नाती थे, उनका भी अंत अत्याचारी की वजह से हुआ। इसलिए संकल्प लें और घर में रामचरितमानस की कम से कम पांच चौपाई जरूर पढ़े। जीवन में बुराई को त्याग कर सच्चाई की तरफ बढ़ने की प्रेरणा लें। साथ ही उन्होंने ने गायत्री परिवार द्वारा संचालित हर हर गंगे,घर घर गंगे कार्यक्रम से भी लोगो को जुड़ने का आह्वान किया। ततपश्चात पं आलोक मिश्रा कानपुर उत्तरप्रदेश ने भी प्रवचन दिया।
पंडाल में पं नारायण तिवारी, सुरेश शास्त्री, गुलाबधर तिवारी,कौशलेंद्र तिवारी,बीके वर्मा, मिलाप राम साहू, ओमप्रकाश वर्मा, नागेंद्र शर्मा, कंवल प्रसाद वर्मा, प्रह्लाद राजपूत, जोहितराम साहू, सरपंच सन्तोषी भूषण वर्मा, भिनेश्वरी देवेंद्र वर्मा, मधुबन सिंह वर्मा, सुरेंद्र सिंह राजपूत, सालिकराम सहित भक्तजन उपस्थित रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महाराष्ट्र में कोविड-19 के बढ़ते प्रकरणों को देखते हुए राजधानी रायपुर के एयरपोर्ट और महाराष्ट्र बॉर्डर में कोरोना की थर्मल स्क्रीनिंग करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कोरोना के बढ़ते प्रकरण को देखते हुए प्रदेशवासियों से कोरोना संक्रमण से बचने हेतु पूर्व में जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जब तक हम कोरोना पर विजय प्राप्त नही कर लेते तब तक इससे बचने के लिए मास्क पहने, सोशल और फिजिकल डिस्टेंस का पालन करें, थोड़ी-थोड़ी देर में हाथों को धोते रहने से ही हम कोरोना को रोकने में काफी हद तक सफल हुए हैं ओर आगे भी इसका पालन करते हुए इसकी रोकथाम कर सकेंगे।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / कलेक्टर यशवंत कुमार ने आकस्मिक आपदा में मृत्यु के 04 प्रकरणों में राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत कुल 16 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृति दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की तहसील अकलतरा के ग्राम लटिया के श्री शशिभुषण मरकाम की पानी में डुबने से मृत्यु होने पर उनके निकटतम वारिस पत्नि श्रीमती पार्वती मरकाम, तहसील बलौदा के ग्राम डोंगरी के श्री विनोद केंवट की सर्पदंश से मृत्यु होने पर उनके निकटतम वारिस मां फुदाना बाई, तहसील जैजैपुर के ग्राम भातमाहुल निवासी श्रीमती श्यामबाई की सर्पदंश से मृत्यु होने पर उनके निकटतम वारिस पति श्री राजेन्द्र रात्रे और ग्राम गुजियाबोड़ के श्री अजीत कुमार साहू की पानी में डुबने से मृत्यु होने पर उनके निकटतम वारिस पत्नि श्रीमती रामेश्वरी को राजस्व पुस्तक 6-4 के तहत चार-चार लाख रूपये की सहायता राशि की स्वीकृति दी है।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम -2016 के तहत निःशक्त व्यक्तियों की पहचान, शत-प्रतिशत प्रमाणीकरण तथा यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए जनपद पंचायतवार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर यशवंत कुमार ने सभी नगरीय निकाय के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर शिविर आयोजन के संबंध में निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर द्वारा जारी पत्र के अनुसार जिले में अब तक यूडीआईडी पंजीयन का कार्य 79 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। शत-प्रतिशत प्रमाणीकरण एवं यूडीआईडी पंजीयन हेतु जिले के समस्त विकासखंड में यूडीआईडी पंजीयन शिविर 24 फरवरी से शुरू होगा। शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग, सर्व शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, स्वास्थ्य विभाग, जनपद एवं नगरीय निकाय से समन्वय स्थापित कर दिव्यांगजनों का यूडीआईडी कार्ड बनाया जाएगा।
शिविर के लिए तिथि निर्धारित -
शिविर के लिए निर्धारित तिथि के अनुसार जनपद पंचायत डभरा में 24 फरवरी को डीपीआरसी भवन में और जनपद पंचायत मालखरौदा में 27 फरवरी को सद्भावना भवन में शिविर का आयोजन होगा। इसी प्रकार जनपद पंचायत जैजैपुर के सद्भावना भवन में 3 मार्च को, जनपद पंचायत सक्ती के सामुदायिक भवन में 6 मार्च को, जनपद पंचायत बम्हनीडीह के कार्यालय भवन में 10 मार्च को, नवागढ़ के जनपद पंचायत भवन में 15 मार्च को, पामगढ़ जनपद पंचायत के सद्भावना भवन में 17 मार्च को, जनपद पंचायत अकलतरा के स्वर्गीय योगेंद्र सिंह स्मृति भवन में 22 मार्च को और बलौदा के जनपद पंचायत भवन में 24 मार्च को शिविर का आयोजन होगा।
प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे और प्रमाण पत्रों का होगा नवीनीकरण -
शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला मेडिकल बोर्ड की टीम उपस्थित रहेगी। ऐसे दिव्यांग जिनके प्रमाण पत्र नहीं है उनके, प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे। साथ ही प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण भी किया जाएगा। निःशक्तजनों को अपने साथ पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र के साथ उपस्थित होने कहा गया है।
यूडीआईडी रजिस्ट्रेशन हेतु हितग्राहियों को लाने की दी गई जिम्मेदारी-
दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड रजिस्ट्रेशन हेतु सभी दिव्यांगजनों को मूल चिकित्सा प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, आय, जाति, निवास एवं शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र की छाया प्रति के साथ उपस्थित कराने कहा गया है। आंगनबाड़ी केंद्र में दर्ज दिव्यांग बच्चों के प्रमाणीकरण एवं यूडीआईडी पंजीयन हेतु शिविर स्थल तक लाने व सकुशल वापस पहुंचाने की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास को दी गई है। प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक स्तर पर अध्यनरत छात्र-छात्राओं को लाने व वापस पहुंचाने की जिम्मेदारी खंड स्रोत समन्वयक को सौंपी गई है। 18 वर्ष से अधिक या ऐसे निःशक्तजन को स्कूल में दर्ज नहीं है उनको जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के दिशा निर्देश में शिविर स्थल पर पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित गांव के पंचायत सचिव को दी गई है।
शिविर का आयोजन-
कोरोनावायरस के संक्रमण की रोकथाम हेतु जारी निर्देश का पालन करते हुए किया जाएगा। जिन दिव्यांगजनों का यूडीआईडी कार्ड बनाया जा चुका है, उन्हें शिविर में लाने की आवश्यकता नही है। स्थानीय स्तर पर शिविर का अधिक से अधिक प्रचार करने कहा गया है। शिविर स्थल पर भोजन, पेयजल इत्यादि की व्यवस्था मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा किया जाएगा।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / जिला प्रशासन द्वारा नगर पंचायत शिवरीनारायण को माघ मेले के आयोजन की अनुमति दे दी है। मेले के लिए अपर कलेक्टर श्रीमती लीना कोसम को नोडल और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जांजगीर को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। मेला का अयोजन 27 फरवरी से 11 मार्च तक किया जाएगा। सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए मेले में शामिल होने वालों को कोविड-19, प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना होगा। माघ पूर्णिमा के पश्चात अन्य दिनों का मेला प्रातः 10 बजे से रात्रि 10 बज तक आयोजन की अनुमति होगी। मेले में चलित सिनेमा की रात्रि 11.30 बजे तक अनुमति दी गई है। मेले के दौरान भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी कोविड-19, के प्रोटोकाल का पालन आयोजन समिति, अधिकारियों, गणमान्य नागरिकों द्वारा करवाया जाएगा।
मेले के दौरान कोविड-19, सहित स्वास्थ्य सुरक्षा के निर्देशों का कड़ाई से पालन करवाया जाएगा। अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को कोविड-19 निगेटिव का रिपोर्ट साथ में लाना होगा। यह रिपोर्ट 3 दिन से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। मेला स्थल के प्रवेश द्वार पर पहचान पत्र के आधार पर आगंतुकों की पंजी संधारित की जाएगी। सभी आगंतुकों को पहचान पत्र लेकर आना अनिवार्य होगा। इस संबंध में प्रचार-प्रसार के लिए सभी एसडीएम को मुनादी कराने के निर्देश दिए गए है। मेला स्थल में प्रवेश के पूर्व आगंतुको का थर्मल स्केन किया जाएगा। अलक्षण वाले आगंतुकों को प्रवेश की अनुमति होगी। बिना मास्क का प्रवेश वर्जित रहेगा। प्रवेश एवं निकास बिन्दूओं के साथ-साथ परिसर के भीतर समान्य क्षेत्रों में हेण्ड सेनेटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करने का दायित्व आयोजन समिति का होगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेला स्थल पर कोविड जांच की व्यवस्था की जाएगी।
मेला स्थल की निगरानी के लिए भीड़ संभावित वाले स्थानों पर सी.सी कैमरे की व्यवस्था समिति द्वारा की जाएगी। दुकानदार एवं कर्मचारियों द्वारा कोविड निगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर ही स्टाल लगाने की अनुमति दी जाएगी। चार-पांच दुकानों का कलस्टर बनाकर बैरिकेटिंग कर समाजिक दूरी का पालन करते हुए दुकान का संचालन करना होगा। एक दुकान में चार लोगों को काम करने की अनुमति होगी। दुकानदारों को इनवर्टर की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
सभी दुकानदार सैनिटाइजर की व्यवस्था स्वयं करेंगे। भीड़ वाले आयोजन जैसे मौत का कुआं, ओपन थिएटर, सरकस आदि में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही प्रवेश की अनुमति होगी। इन स्थानों पर नगर पंचायत के स्वयसेवक तैनात रहेंगे।
नदी घाट में गहराई वाले स्थानों का चिन्हाकन कर वहां लोगों का जाना वर्जित किया जाएगा। वन और पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा मेला स्थल पर बांस से बेरिकेटिंग की व्ययस्था की जाएगी। इसी प्रकार नदी घाट की सुरक्षा को ध्यान रखते हुए गोताखोर तीन बोट, फायर ब्रिगेड आदि की व्यवस्था जिला सेनानी द्वारा की जाएगी। पीएचई के अधिकारियों को मेला के दौरान पेयजल व्यवस्था के लिए सभी हेण्डपंप चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। सार्वजनिक शौचालयों, स्नान घरों तथा दुकान बंद होने के पश्चात दुकानों की सेनेटाइजेशन नगर पंचायत द्वारा प्रतिदिन की जाएगी।
मेले में सामूहिक रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन की अनुमति नही होगी। इस संबंध में प्रचार-प्रसार करने नगर पंचायत को निर्देशित किया गया है। मेला स्थल के बाहर वाहन पार्किंग के लिए पांच से अधिक स्थानों का चिन्हाकंन करने एवं बाइपास मार्ग की व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया है। मेले के दौरान या मेला स्थल में यदि कोई व्यक्ति कोविड पाजीटिव होता है तो सम्पूर्ण ईलाज का दायित्व आयोजन समिति का होगा। मेला के कारण क्षति होने की स्थिति में मुआवजा का भुगतान आयोजन समिति को करना होगा।
धार्मिक व पूजा स्थल के संबंध में निर्देश-
प्रवेश द्वार पर सेनेटाइजर और थर्मल स्केनिंग की व्यवस्था करनी होगी। फेस कव्हर या मास्क के साथ अलक्षण वाले व्यक्तियों को प्रवेश दिया जाएगा। भीड़ एकत्रित ना हो इसके लिए आगंतुको को बारी-बारी से प्रवेश करना होगा। श्रद्धालुओं को जूता-चप्पल को अपने वाहन में रखकर पूजा स्थल पर आने के लिए निर्देशित करने कहा गया हैं। साथ ही अलग-अलग स्लाट पर जूता चप्पल रखने की व्यवस्था करने का निर्देश भी दिया गया है। कतार में खड़े दो व्यक्तियों के मध्य की दूरी छह फीट रखने के कहा गया है। मूर्ति व पवित्र पुस्तक आदि को स्पर्श करने की अनुमति नही होगी। सामुदायिक रसोई/लंगर/अन्नदान की व्यवस्था होने पर फिजिकल डिस्टेंसिंग के मापदंडो का पालन करना होगा। प्रसाद वितरण पवित्र जल का छिड़काव, घंटी बजाने की अनुमति नही होगी। नियमित सफाई, सेनेटाइजर की व्यवस्था करने के लिए मंदिर समिति को निर्देशित किया गया है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि घटिया निर्माण कार्य की शिकायत लगातार आ रही है। यह भी शिकायत की जा रही है कि इंजीनियर फिल्ड पर नहीं जाते और ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए शासन की ओर से राशि दी जाती है और यह गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता सहित सभी निर्माण एजेंसी से कहा कि ठेकेदार रायल्टी पर्ची साथ लेकर आएं यह सुनिश्चित करें। ठेकेदार की मनमानी नहीं होनी चाहिए और उनके कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी मोबाईल जरूर उठाएं। जनसामान्य अपने कार्यों के लिए शासन-प्रशासन से अपेक्षा रखते हैं इसलिए सभी अधिकारी फोन उठाएं। लोगों की समस्या सुनकर भी समाधान कर सकते हैं।
कलेक्टर ने कहा कि महाराष्ट्र में कोविड-19 के केस बढ़े हैं और वहां कफ्र्यू एवं लॉकडाउन जैसी बनी है। महाराष्ट्र से लगे सीमावर्ती बागनदी बार्डर एवं बोरतालाब में निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने बागनदी बार्डर एवं बोरतालाब में थर्मल स्केनिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए कहा। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को माईकिंग कराने के लिए कहा तथा 51 वार्ड में सभी नोडल अधिकारियों को कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रति लोगों में लापरवाही बढ़ी है। कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने वालों पर अर्थदण्ड 200 रूपए की राशि लगाएं। शादियों में अधिक भीड़ होने पर अर्थदण्ड लगाने के निर्देश एसडीएम को दिए। उन्होंने रेल्वे स्टेशन, ग्रामीण क्षेत्रों एवं नगरीय निकायों में निगरानी बढ़ाने के लिए कहा। स्कूल खुल गए हैं शिक्षा विभाग के शिक्षक एवं स्टॉफ अपना कोरोना टेस्ट जरूर कराएं। उन्होंने कोरोना वैक्सीनेशन की भी समीक्षा की।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन बढ़ा है। शासन के निर्देशानुसार रबी में वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करने तथा आगामी खरीफ के लिए किसानों को वर्मी कम्पोस्ट की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करने के लिए किसानों को प्रेरित करे और इसके लिए कृषि, सहकारिता एवं राजस्व विभाग के समन्वय से किसानों की कार्यशाला आयोजित करने के लिए कहा। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी किसानों को जैविक खेती फायदे बताएं। उन्होंने डीएफओ को वर्षा ऋतु में पौधरोपण करने के लिए पूर्व तैयारी के लिए कहा। उन्होंने कहा कि जिले में वनधन केन्द्रों के शहद, मिर्ची, मसाला एवं कुल्थी जैसे उत्पादों को ट्रायफेड ने पसंद किया है। जिससे समूह की महिलाओं को लाभ मिलेगा और उन्हें ट्रायफेड के बिलासपुर एवं रांची जैसे प्रदर्शनी में जाने का अवसर भी मिलेगा। जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत गौठान में महिला स्वसहायता समूह को सशक्त बनाने की दिशा में प्रोत्साहित करें एवं उन्हें वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के साथ ही अन्य गतिविधियों से भी जोड़े। उन्होंने मनरेगा के तहत श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा। राजस्व वसूली, भू-भाटक वसूली की जानकारी ली। कलेक्टर ने भू-अर्जन की मुआवजा राशि के संबंध में जानकारी लेते हुए कहा कि मुआवजा राशि नहीं देने पर वेतन कटौती करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि भू-अर्जन की स्थिति में 80 प्रतिशत राशि प्रभावितों को देने का प्रावधान है इस बात का विशेष ध्यान रखें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि महाराष्ट्र में केस बढ़े हैं। हालांकि जिले में कोरोना के केस कम हुए हैं लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। ऐसे में तेजी से केस बढ़ भी सकते हैं। इसके लिए सभी को सावधानी रखने की आवश्यकता है। वैक्सीनेशन के लिए सभी फ्रंटलाईन वर्कर दूसरा डोज लें और इसमें लापरवाही न बरतें। बागनदी बार्डर में ड्यूटी लगाने तथा कोरोना से बचाव के लिए फ्लैक्स लगाने की बात उन्होंने कही। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव एन गुरूनाथन, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ संजय यादव, अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित सभी एसडीएम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए विकासखंड स्तरीय अधिकारी जुड़े रहे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में धान नीलामी के संबंध में राईस मिलर्स, पोहा मिलर्स, मंडी के थोक व्यापारियों की बैठक ली। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि शासन द्वारा किसानों से खरीदे गए धान का सेन्ट्रल पुल और राज्य सरकार के आवश्यकता के बाद बचे हुए धान का नीलामी करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने सभी मिलर्स को नीलामी में अधिक से अधिक भागीदारी लेने कहा है। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार नीलामी के कार्य किए जाएंगे। यदि कोई समस्या हो तो इसका निराकरण भी किया जाएगा। खाद्य अधिकारी किशोर सोमावार ने बताया कि इसके लिए सभी मिलर्स ई-ऑक्सन में जाकर पंजीयन करा सकते हैं। इसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। इस अवसर पर जिला विपणन अधिकारी सौरभ भारद्वाज, खाद्य विभाग के अधिकारी तथा मिलर्स उपस्थित थे।
जगदलपुर / शौर्यपथ / जगदलपुर बस्तर चेम्बर ऑफ़ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज की शुक्रवार 19 फ़रवरी को आयोजित कार्यसमिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 26 फ़रवरी को कैट के आव्हान पर आहूत भारत व्यापार बंद का समर्थन करते हुए पूरे बस्तर संभाग के व्यापारी अपना व्यापार बंद रख GST के कड़े प्रावधानों का विरोध करेंगे।
जगदलपुर / शौर्यपथ / चित्रकोट जलप्रपात में रविवार को भिलाई से पिकनिक मनाने आये एक इंजीनियर की मौत जलप्रपात के पानी में डूबने से हो गई है। इस मामले में खास बात यह है कि इंजीनियर पानी में कब डूब गया इसकी भनक उसके साथियों को भी नहीं लगी। काफी देर तक जब उनका साथी नजर नहीं आया तो फिर पुलिस की मदद ली गई और पुलिस ने देर शाम जलप्रपात से युवक की लाश बरामद की।
पुलिस के अनुसार 28 वर्षीय रामोद्री सूर्यनारायण मूलत: आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम का रहने वाला था। वह भिलाई में कंस्ट्रक्शन का काम कर रहा था। ऐसे में भिलाई से 14 सदस्यीय एक दल जगदलपुर के चित्रकोट में घूमने आया हुआ था। दल के सभी सदस्य रविवार को जलप्रपात के नीचले हिस्से में पहुंचे और यहां नाव घाट से कुछ दूरी पर नहाने लगे। दोपहर को अचानक जब रामोद्री कहीं नजर नहीं आया तो उसकी साथियों ने उसकी खोजबीन शुरू की। थोड़ी ही देर के बाद चित्रकोट पुलिस चौकी तक भी पहुंच गई और फिर पुलिस ने स्थानीय मछुवारों के साथ पानी में खोजबीन शुरू की। पुलिस को जलप्रपात के बीच में रामोद्री की लाश मिली .
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
