Google Analytics —— Meta Pixel
March 07, 2026
Hindi Hindi

सुपोषण के बारे मे जागरूकता लाने और बच्चों, महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुपोषण चौपाल का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है । ग्रामों में भी सुपोषण चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। सुपोषण चौपाल में पौष्टिक आहार से संबंधित जानकारियां बच्चों गर्भवती और शिशुवती महिलाओं को दी जा रही है।
ज़िले में सुपोषण चौपाल का आयोजन जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पांडे के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है ।
सुपोषण चौपाल की जानकारी देते हुए गुढ़ियारी सेक्टर की पर्यवेक्षक रीता चौधरी ने बताया “ आज गुढ़ियारी सेक्टर की समस्त 28 आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुपोषण चौपाल का आयोजन किया गया है। सुपोषण चौपाल को माह के प्रथम और तृतीय गुरुवार को करने का कहा गया है । सुपोषण चौपाल का उद्देश्य बच्चों, महिलाओं को कुपोषण से बचाना है ।कोविड-19 महामारी के इस दौर मे कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी गतिविधियां का आयोजन किया जा रहा है। सुपोषण चौपाल में महिलाओं को पोषण आहार से जुड़ी विशेष जानकारी दी जाती है । साथ ही पूरक पोषण आहार के बारे में बताया जाता है। गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिलाओं को ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है,क्योंकि इस समय शरीर को उचित मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिलते। पोषण आहार ना खाने से माता और नवजात शिशु कुपोषण का शिकार हो सकते हैं। कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुपोषण चौपाल अभियान चलाकर प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने की पहल कर रहा है।”
उन्होंने कहा ‘’पोषण अभियान अंतर्गत सुपोषण चौपाल समुदाय आधारित गतिविधि है । जिसमें अन्नप्राशन,गोद भराई दिवस, शाला पूर्व शिक्षा प्रवेश दिवस, जनस्वास्थ्य दिवस आदि दिवसों का आयोजन किया जाता है।सुविधानुसार प्रत्येक सुपोषण चौपाल के दिन किसी न किसी गतिविधि पर फोकस करते हुए गतिविधियों का आयोजन और प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ।प्रत्येक माह में उपलब्ध हितग्राहियों के अनुसार सुपोषण चौपाल आयोजित की जाती है । जिसमे गर्भवती महिलाओं का शीघ्र पंजीयन कर गोद भराई दिवस का आयोजन किया जाता है एवं छह माह की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों के लिए अन्नप्राशन दिवस मनाया जाता है। गर्भवती महिलाओं के प्रति बच्चों के पिता और पुरुषों की भागीदारी के लिए सुपोषण दिवस थीम पर सुपोषण चौपाल का आयोजन करते है।‘’
उन्होंने बताया ‘’गोद भराई में एक नारियल, आधा किलो चना, या मूंग जिसे वह प्रतिदिन अंकुरित करके खाएगी दिया जाता है । बच्चों को अन्नप्राशन के लियें एक कटोरी और एक चम्मच प्रत्येक बच्चे के लिए पोषण दिवस पर दिया जाता है ।जन स्वास्थ्य दिवस पर समुदाय को जागरूक करने के लिए गतिविधियों का आयोजन करते जैसे-रंगोली प्रतियोगिता और प्रश्नोत्तरी करते हैं और पुरस्कार भी वितरित किया जाता है।
“आंगनवाड़ी केंद्र पर उपस्थित प्रतिभागियों को नाश्ते में अंकुरित सामग्री या गुड़ चना या फल्ली गुड़ जैसी पोषण सामग्री प्रदान करने का प्रयास किया जाता है । बच्चों, महिलाओं को कुपोषण से मुक्ति दिलाने को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर पौष्टिक आहार का वितरण भी करती है। सुपोषण के प्रति जागरूकता लाने के लिए आकर्षक रंगोली तथा चित्रकारी सुपोषण थाली प्रतियोगिता भी करवायी जाती है ।विविध गतिविधियां भी आयोजित की जा रही है। जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ताओ एवं समूहों की महिलाओं द्वारा केन्द्रों और अपने घरों में पोषण अभियान संबंधी आकर्षक रंगोली तथा चित्रकारी बनाई जा रही है।“
“हाथ साफ करने के दिये टिप्स भी दिये जाते है। लाभार्थी को बीमारी की चपेट से आने से बचाने के लिए साफ सफाई का विशेष ख्याल रखने को कहा जाता है। मां को कब कब अपने हाथ अच्छी तरह साबुन से धोना चाहिए इस बारे में महिलाओं को समझाया जाता है।“

*थाना कोतवाली पुलिस धमतरी की त्वरित कार्यवाही*

    पुलिस अधीक्षक श्री बी.पी. राजभानू द्वारा लूट, चोरी, नकबजनी जैसे संपत्ति संबंधी अपराधों में लगाम लगाने हेतु आसूचना तंत्र मजबूत करने,  सतत पेट्रोलिंग व गस्त सुदृढ़ करने सभी थाना व चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया गया है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने संदिग्ध व्यक्तियों एवं निगरानी बदमाशों की समय-समय पर जांच कर सतत निगाह रखने निर्देशित किए जाने के फलस्वरुप कई मामलों में अज्ञात आरोपियों की त्वरित पता तलाश कर हिरासत में लेकर चोरी की संपत्ति बरामद किया गया है।

       दिनांक 29/01/2021 को प्रार्थी मोहम्मद हनीफ पिता ताज मोहम्मद की विवेकानंद नगर गली नंबर 2 रत्नाबांधा रोड़ किनारे स्थित इलियास किराना दुकान में दिनांक 28-29/01/2021 की दरमियानी रात्रि कोई अज्ञात चोर उनके दुकान की खिड़की, जाली व ग्लास को तोड़कर दुकान अंदर घुसकर गल्ले में रखे नगदी रकम, गेहूं आटा का पैकेट तथा राजश्री गुटका पैकेट को चोरी कर ले गया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध धारा 457, 380 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

        पुलिस अधीक्षक श्री बी.पी. राजभानु ने अज्ञात आरोपी एवं चोरी गए माल माशरुका की पता तलाश कर त्वरित कार्यवाही करने निर्देशित किए जाने पर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में घटनास्थल व उसके आसपास उपलब्ध साक्ष्यों के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों को एकत्रित कर अज्ञात चोर स्थानीय होने व संख्या दो या दो से अधिक होने के संदेह पर मुखबिर लगाकर पतासाजी की जा रही थी।

      इसी दौरान प्राप्त मुखबीर सूचना के आधार पर संदेही बृजेश जोगी एवं विशाल बंजारे को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ किया गया। पूछताछ में दोनों ने अपने नाबालिक साथी के साथ योजना बनाकर सुनियोजित ढंग से रत्नाबांधा रोड किनारे स्थित किराना दुकान की खिड़की व जाली को तोड़कर दुकान अंदर घुसकर नगदी रकम, गेहूं आटा के पैकेट व गुटखा पैकेट चोरी कर आपस में बंटवारा करना स्वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में शामिल उसके नाबालिग साथी व दोनों आरोपियों से पृथक-पृथक नगदी रकम ₹2500/- उनके कब्जे से बरामद हुआ। दुकान से चोरी किए गए गेहूं का आटा एवं गुटखा तथा शेष रकम को खाने-पीने में खर्च हो जाना बताएं।

           आरोपियों के मेमोरेंडम कथन, अपराध स्वीकारोक्ति एवं उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर 02 आरोपी सहित 01अपचारी बालक को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

*गिरफ्तार आरोपियों के नाम-*
01. बृजेश जोगी पिता सुरेंद्र जोगी उम्र 19 वर्ष साकिन साल्हेवार पारा धमतरी
02. विशाल बंजारे पिता प्रहलाद बंजारे उम्र 22 वर्ष साकिन अंजुमन स्कूल के सामने साल्हेवार पारा धमतरी

एवं 01 अपचारी बालक

         संपूर्ण कार्यवाही में प्रधान आरक्षक अमित सिंह, आरक्षक अंकुश नंदा, विकास द्विवेदी, डुगेश्वर साहू एवं महिला आरक्षक सुमन सार्वा का विशेष योगदान रहा।

कुरुद. छिल्ला हजरत सैय्यद अली मीरा दातार रहमतुल्लाह अलैह के आस्ताने मुबारक में तीन दिवसीय उर्सपाक 28 फरवरी से 3 मार्च तक धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर कोविड-१९ के नियमों का पालन करते हुए लंगर, कव्वाली समेत विभिन्न कार्यक्रम हुआ।
छिल्ला हजरत सैय्यद अली मीरा दातार रहमतुल्लाह अलैह के आस्ताने के खादिम सैय्यद हसन अली (बब्बू भाई) ने बताया कि 28 फरवरी को मामू हम्जा शहीद, 1 मार्च को मां साहिबा रास्ती अम्मा और 3 मार्च को मां साहिबा दादी अम्मा का उर्सपाक मनाया गया.... । उर्सपाक के अंतिम दिन रात 9 बजे मन्नी भाई एंड कम्पनी की शानदार कव्वाली हुई। देर रात तक श्रोता दातार की शान में कव्वाली सुनते रहे। इस मौके पर बाहर से आने वाले जायरिनों के लिए लंगर का एहतमाम भी किया गया था।उर्सपाक में जायरीनों का सैलाब उमड़ पड़ा सभी ने अपनी अकीदत के फूल चढ़ाकर मन्नते मांगी ....ऐसा कहा जाता है कि सच्चे दिल से मांगी गई मन्नते यहां जरूर पूरी होती है ....शायद यही वजह है कि अकीदत मन्दो से दरबार गुले गुलजार रहा..... प्रबंध कमेटी के सदर मोहम्मद वकील गोरी ने बताया कि उर्सपाक को सफल बनाने के लिए सैय्यद हसन अली, मुशताक खोखर, मोहम्मद युसूफ, ताजुद्दीन, साहबुद्दीन, अब्दुल शकुर, फिरोज खान, हमीद बेग, गुलाम कादिर आदि का योगदान सराहनीय रहा। जायरिनों ने कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए मास्क पहना,और सोशल डिस्टेसिंग का भी पालन किया। आस्ताने मुबारक में थर्मल स्केनर से जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। संधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन का भी भरपूर सहयोग मिला।

चंचल ढाबा ,भटगांव के पास ईट से भरी मेटाडोर ने प्लैटिना मोटरसाइकिल को ठोकर मार दी घटना में मोटरसाइकिल चालक किशन साहू ,पिता कमल साहू, आयु 54 वर्ष, निवासी ग्राम सांकरा, थाना मगरलोड निवासी का घटना स्थल पर मृत्यु हो गई।

दुर्ग । शौर्यपथ । कोंडागांव मारंगपुरी किसान आत्म हत्या के बाद न्याय हेतु जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी ने 7 दिनों का आमरण अनशन कर 5 मांग रखी थी जिसके तहत आज 04/03/2021 को जिला प्रशासन द्वारा पत्र जारी कर इन मांगो पे अपना पक्ष रखे के मामले में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी के बस्तर जिलाध्यक्ष नरेंद्र भवानी ने प्रेस विज्ञपति जारी कर कहा कितना असवेदनशील राज्य के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी है मैंने सोचा भी नहीं था ! कोंडागांव मारंगपुरी किसान आत्म हत्या पे सरकार द्वारा हमारी आमरण अनशन के मांगो के अनुरूप एक भी मागो पे काम नहीं हुवा, हुवा तो बस लीपा पोती जिसका जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी पुर जोर विरोध व निंदा करती है, मुवावजा के तहत मात्र 20 हजार ये कैसा दान ? पटवारी तहसीलदार कि कोई गलती नहीं कह कर गलती कंप्यूटर टाइपिंग में हुई जिसके वजह से रकबा कम हुवा कहा गया अरे टाइपिंग में गलती होती तो एक किसान कि होती यहाँ तो पुरे जिले में रकबा कम होने कि शिकायत प्राप्त थी फिर भी लापरवाह अधिकारियों पे मेहरबान सरकार शर्मनाक है ! और अनुविभागीय दंडाधिकारी ने फर्जी जांच करके अपने लापरवाही अधिकारियों कि गलती को छुपाने के लिए मृत किसान को ही नशेड़ी व कई गलत बातें जांच करके बोले थे जो गलत था उसमे हमने मांग कि थी कि जिला प्रशासन सार्वजनिक माफ़ी मांग मृत किसान को सम्मान दे कि बात कहे बावजूद फिर से दोबारा जांच किया गया का बात कह मामला ठन्डे बसते में बेहद निराशाजनक !

नीति आयोग की डेल्टा रेकिंग में पूरे देश में छत्तीसगढ़ का दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तीसरा और बस्तर जिला चौथे नंबर पर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिलेवासियों को दी बधाई और शुभकामनाएं

रायपुर / शौर्यपथ / शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यो में पूरे देश के टाॅप 5 आकांक्षी जिलों में छत्तीसगढ़ प्रदेश के दो जिलों ने अपना स्थान बनाया है।
भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यो के आधार पर देश के आकांक्षी जिलों की जनवरी 2021 की डेल्टा रेकिंग जारी की गई है। जिसमें छत्तीसगढ़ का दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले ने तीसरा स्थान और बस्तर जिले ने चौथा स्थान बनाया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा और बस्तर जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है और कहा की है कि कभी विकास में पिछड़े माने जाने वाले ये जिले आज दूसरे जिलों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन रहे है।
नीति आयोग ने देश के आंकाक्षी जिलो में शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बेहतर कार्य करने टाॅप 5 जिलों की डेल्टा रेकिंग जारी करते हुए इन्हें बधाई दी है और कहा कि सामाजिक और आर्थिक समृद्धि में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

जीएसटी लगने से राज्यों के राजस्व में पड़ा विपरीत प्रभाव
वित्तीय प्रबंधन के मामले में राष्ट्रीय स्तर की तुलना में छत्तीसगढ़ बेहतर स्थिति में
हमारी सरकार किसानों की सरकार है, किसानों के हित में काम करती रहेगी
रायगढ़ की जूट मिल प्रारंभ करने की छत्तीसगढ़ सरकार कर रही है कोशिश
छत्तीसगढ़ में जूट मिल लगाने वालों का स्वागत
देश में पहली बार वन अधिकार पट्टा धारियों से समर्थन मूल्य पर खरीदा गया 10 लाख क्विंटल धान
व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार मान्यता पत्रों के माध्यम से 46 लाख एकड़ के दिए गए वन अधिकार
लघु वनोपज खरीदी में छत्तीसगढ़ पूरे देश में अव्वल
शराब की खपत घटी, सबकी सहमति से शराब-नीति बनाएंगे
गोधन न्याय योजना के जरिये खेती में सुधार, गौ माता की सेवा और लोगों को रोजगार दिलाने की व्यवस्था

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2021-22 के आय-व्ययक पर हुई सामान्य चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण की चुनौतियों के बावजूद छत्तीसगढ़ का वित्तीय प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर की तुलना में बेहतर स्थिति में है। अगले वर्ष हमारी आर्थिक स्थिति और भी बेहतर होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जीडीपी में 7.7 प्रतिशत की कमी अनुमानित है, जबकि छत्तीसगढ़ में 1.7 प्रतिशत कमी का अनुमान है। इसी तरह राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय में 5.41 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जबकि छत्तीसगढ़ में मात्र 0.14 प्रतिशत की कमी अनुमानित है। राजस्व प्राप्ति के ब्याज भुगतान के प्रतिशत में भी छत्तीसगढ़ बेहतर स्थिति में है। जहां केंद्र के स्तर पर ब्याज भुगतान राजस्व प्राप्तियों का 35 प्रतिशत है, वहीं छत्तीसगढ़ में यह अनुपात मात्र 8 प्रतिशत है। केंद्रीय बजट में अगले वर्ष लिया जाने वाला शुद्ध ऋण कुल बजट का 26 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह 14 प्रतिशत है। केंद्रीय बजट 2021-22 में राजस्व प्राप्तियों में 11.5 प्रतिशत की कमी अनुमानित है, जबकि छत्तीसगढ़ की राजस्व प्राप्तियां गत वर्ष के बराबर ही अनुमानित हैं। श्री भूपेश बघेल ने कहा- कोरोना आपदा के समय जब देश और दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में गिरावट आई है, छत्तीसगढ़ में हमारे प्रयासों से इस वर्ष तुलनात्मक रूप से हम कम प्रभावित हुए हैं।
केंद्रीय बजट में वित्तीय घाटा जीडीपी का 9.5 प्रतिशत और अगले वर्ष 6.4 प्रतिशत अनुमानित है। छत्तीसगढ़ के बजट के पुनरीक्षित अनुमानों में यह इस वर्ष 6.5 प्रतिशत और अगले वर्ष 4.5 प्रतिशत अनुमानित है, जो केंद्र से इस वर्ष 03 और अगले वर्ष 02 प्रतिशत कम है। केंद्र का राजस्व घाटा इस वर्ष जीडीपी का 7.5 प्रतिशत और अगले वर्ष 5.1 प्रतिशत अनुमानित है, जबकि हमारा राजस्व घाटा इस वर्ष 3.5 प्रतिशत और अगले वर्ष मात्र 01 प्रतिशत अनुमानित है। इस प्रकार राज्य का राजस्व घाटा भी केंद्र से इस वर्ष और अगले वर्ष 04 प्रतिशत कम है। इस वर्ष और अगले वर्ष में ये दोनों ही घाटे केंद्र से राज्य को मिलने वाले राजस्व में भारी कमी (12 हजार 132 करोड़) और जीएसटी क्षतिपूर्ति (3109 करोड़) अनुदान के बजाय ऋण के रूप में देने के कारण है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि यदि जीएसटी नहीं लगता तो हम वैट में राशि वसूल कर सकते थे। जीएसटी में वसूल किए गए करों का 50 प्रतिशत हिस्सा केंद्र को जाता है और 43 प्रतिशत राज्यों को देने का प्रावधान है। उत्पादक राज्य होने के कारण छत्तीसगढ़ को इसमें भारी घाटा उठाना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने गरीब आदमी को अपने बजट के केंद्र में रखा है। हमने पिछली सरकार के सिस्टम को एलीट ओरिएंटेड से कॉमन मैन ओरिएंटेड कर दिया है। हम लोग तो डाउन टू अर्थ हैं। हमारी सरकार में छत्तीसगढ़ के 17 लाख 96 हजार किसानों का 8734 करोड़ 50 लाख रुपए का कर्ज माफ किया।
कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ की स्थिति राष्ट्रीय स्तर से बेहतर है। देश में कृषि क्षेत्र में 3.4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, वहीं छत्तीसगढ़ में 4.61 प्रतिशत की वृद्धि हुई, इसमें हम केंद्र से बेहतर स्थिति में हैं। उद्योग क्षेत्र में केंद्र सरकार माइनस 9.6 प्रतिशत पर रही, जबकि छत्तीसगढ़ में इस कमी को हम माइनस 5.28 प्रतिशत पर रोकने में सफल रहे। इसी तरह सेवा क्षेत्र में देश में माइनस 8.8 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि छत्तीसगढ़ में सेवा क्षेत्र में 0.75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021-22 में केंद्र सरकार का डेब्ट जीएसडीपी रेश्यो 62.22 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ़ के लिए ये अनुमान केवल 22.29 प्रतिशत है। इसी प्रकार केंद्र का इन्टरेस्ट पेमेंट और रेवेन्यू रिसीप्ट का रेश्यो अनुमानित 45 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ के लिए ये रेश्यो 8. 16 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लगभग 18 हजार करोड़ रुपए की राशि नहीं दी गई, इस कारण ऋण लेना पड़ा। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2019-20 में 63 हजार 147 करोड़ रुपए का ऋण रहा जो सकल घरेलू उत्पाद का 18.03 प्रतिशत है। जबकि वर्ष 2020-21 के लिए अब तक 72 हजार 12 करोड़ रुपए का ऋण लिया है, जो सकल घरेलू उत्पादन का 20.5 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि विभिन्न विभागों को बजट आबंटन में किसी तरह की कमी नहीं की गई है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के बजट में पिछली सरकार ने वर्ष 2018-19 में 3445 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था, जबकि हमने वर्ष 2020-21 में 3998 करोड़ रुपए और वर्ष 2021-22 में 4088 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के बजट में वर्ष 2018-19 में 3358 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था, जबकि वर्ष 2021-22 में 3592 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आदिवासी आबादी 30 प्रतिशत है, लेकिन हमने वर्ष 2021-22 के बजट में अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के लिए 34 प्रतिशत, अनुसूचित जाति हेतु 13 प्रतिशत और सामान्य क्षेत्र के लिए 53 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया है। इसी तरह सामाजिक क्षेत्र के लिए 38 प्रतिशत, सामान्य क्षेत्र में 23 प्रतिशत और आर्थिक क्षेत्र में 39 प्रतिशत बजट प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार के बजट की तुलना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि के बजट में गत वर्ष की तुलना में लगभग 2.03 प्रतिशत की वृद्धि की, जबकि छत्तीसगढ़ में कुल बजट का लगभग 09 प्रतिशत कृषि के लिए प्रावधानित किया गया, जो लगभग 9 हजार करोड़ रुपए है। इसी तरह केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के बजट में गत वर्ष की तुलना में लगभग 7843 करोड़ रुपए की कटौती की, जबकि हमने गत वर्ष की तुलना में 100 करोड़ रुपए बढ़ाया है। केंद्र सरकार ने ग्रामीण विकास के बजट को 21 हजार 709 करोड़ रुपए कम कर दिया है, जबकि हमने अपने बजट का लगभग 09 प्रतिशत 8828 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान बिक्री के लिए इस साल 21 लाख 52 हजार किसानों ने पंजीयन कराया, जिनमें से 95 प्रतिशत किसानों ने धान बेचा। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसानों की सरकार है, हम किसानों के हित में काम करते रहेंगे। केंद्र सरकार के लगातार अड़ंगे के बावजूद राजीव गांधी किसान न्याय योजना में 5703 करोड़ रुपए का प्रावधान इस बार के बजट में किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में 60 से 70 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी होती थी, और वे 24 लाख मीटरिक टन चावल एफसीआई को देते थे। हमने 92 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी की है, हमें एफसीआई को 60 लाख मीटरिक टन चावल देने की अनुमति केंद्र द्वारा मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने बारदानों की कमी के संबंध में कहा कि राज्य सरकार रायगढ़ की जूट मिल को प्रारंभ करने के लिए प्रयासरत है। छत्तीसगढ़ में यदि कोई जूट मिल लगाना चाहता है, तो उनका स्वागत है। औद्योगिक क्षेत्र में पूंजी निवेश के संबंध में उन्होंने कहा कि पिछले सरकार ने 93 हजार करोड़ रुपए के एमओयू किए थे, लेकिन वास्तविक निवेश मात्र 02 हजार करोड़ रुपए का हुआ। हमारी नयी औद्योगिक नीति के कारण 154 एमओयू हुए, जिनमें 56 हजार करोड़ रुपए का पूंजीनिवेश संभावित है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार चिडफंड कंपनियों से 16 हजार निवेशकों के पैसे वापस दिलवाए गए।
वनअधिकार मान्यता पत्रों के वितरण के संबंध में उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 12 साल में 3.87 लाख पट्टे वितरित किए थे। हमने निरस्त किए गए पट्टों का पुनर्परीक्षण किया। व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार मान्यता पत्र के माध्यम से 46 लाख एकड़ वन भूमि पर अधिकार दिलाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनोपज की खरीदी में छ्त्तीसगढ़ पूरे देश में अग्रणी राज्य है। कोरोना काल में देश में खरीदी गई वनोपजों का 99 प्रतिशत छत्तीसगढ़ में खरीदा गया। वर्तमान स्थिति में भी छत्तीसगढ़ की देश के कुल संग्रहित लघु वनोपजों में भागीदारी 72.5 प्रतिशत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर ढाई हजार रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के कारण कुपोषण में 25.9 प्रतिशत कमी आई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार हमारी प्राथमिकता है। साथ ही चाहे सड़क-पुल-पुलिया की बात हो, या प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की बात हो, इनके निर्माण में कमी नहीं आने दी गई है। उन्होंने कहा कि रेत के अवैध उत्खनन और अवैध परिवहन पर राज्य सरकार द्वारा तत्परता से कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब बंदी की नीति विभिन्न राज्यों की नीतियों का अध्ययन कर सबकी सहमति से बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 में शराब से प्राप्त राजस्व में पिछले साल की तुलना में 17 प्रतिशत और खपत में 38.4 प्रतिशत की कमी हुई है। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के माध्यम से राज्य सरकार ने खेती में सुधार, गौ माता की सेवा और लोगों को रोजगार दिलाने की व्यवस्था करने की पहल की है। उन्होंने कहा कि 200 से ज्यादा गोठान आत्मनिर्भर बन चुके है, हमारा लक्ष्य सभी गोठानों को स्वावलंबी बनाने का है। गोठानों में 63 हजार वर्मी-टांके भरे हुए हैं, प्रति टांका लगभग 15 क्विंटल के मान से वर्मी कंपोस्ट तैयार होने का अनुमान है।

दुर्ग / शौर्यपथ / निगम आयुक्त हरेश मंडावी द्वारा आज सुबह 7 बजे डाटा सेंटर में स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के संबंध में अधिकारियों का आवश्यक बैठक रखा गया था । इसके लिए उनके निर्देशानुसार मोबाईल वाट्सएप के माध्यम से सभी संबंधित अधिकारियों को बैठक में अनिवार्य रुप से उपस्थित होने निर्देशित किया गया था । बैठक निर्धारित समय 7.00 बजे प्रारंभ हुआ । बैठक में तीन उपअभियंताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करायी। जिसके लिए आयुक्त के निर्देशानुसार उपअभियंता सुश्री आसमा डहरिया, सुश्री भारती ठाकुर, और विश्वनाथ मिश्रा का आज का वेतन काटने निर्देशित किया गया ।
आयुक्त ने दिये निर्देश--
इस संबंध में आयुक्त मंडावी ने कहा नगर निगम अधिकारी/कर्मचारी हमेशा सजगता से और 24 घंटे कार्य करने की आदत बनायें । चूंकि नगर निगम संस्था जनहित, मूलभूत सुविधाओं के कार्यो को प्राथमिकता से करना पड़ता है। अत: कार्यो को समय सीमा में करने और गुणवत्ता के साथ काम करने समय पर आना और समय सीमा में कार्य करना आवश्यक है। उन्होनें निगम के समस्त विभागों के अधिकारियों/कर्मचारियों को अपने-अपने प्रभार के कार्यो को पूरी जिम्मेदारी और समय पर कार्य सम्पादित करने कहा है । उन्होनें लापरवाही पूर्वक कार्य करने पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी है

दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में चल रही आर्मी भर्ती रैली में पहले दिन लगभग साढ़े तीन हजार अभ्यर्थी उपस्थित रहे। इस मौके पर प्री-हाइट के लिए लगभग 2000 लोगों ने क्वालिफाई किया। साथ ही लगभग 270 अभ्यर्थियों ने दौड़ में क्वालिफाई किया। इस मौके पर प्रदेश के आर्मी रिक्रूटमेंट के डायरेक्टर, सेना मेडल, कर्नल श्री एस. रमेश की मानिटरिंग में भर्ती रैली हुई। भर्ती स्थल पर सुविधाओं का निरीक्षण करने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे भी पहुँचे। उन्होंने अधिकारियों को अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सुविधाओं की निरंतर मानिटरिंग के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर बनाये गए हैं। इन हेल्पलाइन नंबर में जो लोग सहायता के लिए फोन करते हैं उनकी अविलंब सहायता सुनिश्चित की जाए। अभ्यर्थियों के लिए जो रहने की व्यवस्था की गई है। वहाँ साफ-सफाई की मुकम्मल सुविधा रखी जाए। साथ ही खाने-पीने की सुविधा का भी ध्यान रखने के निर्देश दिये। इस दौरान अपर कलेक्टर बीबी पंचभाई, एसडीएम खेमलाल वर्मा एवं उपसंचालक जनशक्ति नियोजन राजकुमार कुर्रे, मेजर सुलेमान हुसैन भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि सेना भर्ती के दौरान आरंभिक रूप से प्रतिभागियों को मार्शलिंग एरिया में रखा गया। फिर इसके बाद उन्हें भर्ती स्थल में ले जाया गया।
उल्लेखनीय है कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए शहर में विभिन्न स्थलों पर फ्लैक्स लगाये गये हैं तथा सोशल मीडिया एवं विभिन्न माध्यमों से अभ्यर्थियों के रूकने की व्यवस्था की जानकारी दी गई है। कुर्रे ने बताया कि कंट्रोल रूम में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो लगातार अभ्यर्थियों को जरूरी जानकारी दे रहे हैं।

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)