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जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / जिले मे कोविड-19 टीकाकरण का शुभारंभ आज 16 जनवरी को तीन स्थानों में किया जा रहा है। 16 जनवरी को जिला स्तर पर जिला अस्पताल परिसर जांजगीर,में विकासखण्ड स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बलौदा और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अकलतरा में कोविड-19, टीकाकरण का शुभारंभ किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एस आर बंजारे से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रथम 16 जनवरी को तीनों सत्र स्थल में 50-50 व्यक्तियों का कोविड-19, का टीकाकरण किया जाएगा। जिले में कुल 60 टीकाकरण सत्र स्थल चिन्हांकित किया गए हैं। प्रथम चरण में 10,405 स्वास्थ्य कर्मी एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी,कर्मचारियों का टीकाकरण किया जाएगा। 18 जनवरी को 04 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र क्रमशः-नवागढ़, पामगढ़, सक्ती और बम्हनीडीह में 20 जनवरी को 03 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों क्रमशः-डभरा, मालखरौदा, जैजैपुर में कोविड-19 ,टीकाकरण का कार्य आरंभ किया जाएगा। कोविड-19 वैक्सीन जिले को 6360 डोज प्राप्त हुआ है। टीकाकरण तैयारी के संबंध में सभी सत्र स्थलों में सफलता पूर्वक माॅक-ड्रील का आयोजन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि कोविड-19, टीकाकरण का कार्य मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया जाएगा।
राज शेखर नायर/धमतरी/ शौर्यपथ
नगर पंचायत नगरी के वार्ड 11 की पार्षद , पूनम बलजीत छाबड़ा ने काली पट्टी लगाकर परिषद की बैठक में अपना विरोध जताया।
14 वें वित्त की राशि से,
पार्षद ने 6,7 निर्माण कार्यों की सूची अधिकारीयों को सौंपी थी, सूची को अनदेखी की गई ।
बार बार निवेदन करने पर एक कार्य स्विकृत किया गया।
निर्माण कार्य संबंधी एजेंडे के विरोध में नगर पंचायत की परिषद की बैठक में अपने हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और उन्होंने कहा है कि अगर आगामी उनके वार्ड व उनके वार्ड वासियों के साथ कामों को लेकर अगर भेदभाव किया गया तो उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत की जाएगी व आंदोलन किये जाने की चेतावनी दी
*धमतरी/शौर्यपथ /सफलता की कहानी*
औषधीय गुणों से भरपूर ’काला हीरा’ याने कि ’मखाना’ की पाॅपिंग अब धमतरी जिले में मशीन से शुरू हो गई है। ध्यान देने वाली बात है कि सूखे मेवे, उपवास में भोजन के तौर पर उपयोग में लाए जाने वाले मखाना में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम, विटामिन काम्प्लेक्स, फाइबर और एश होता है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी काफी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें काफी कम मात्रा में शुगर होता है। यह दिल के मरीजों के लिए भी लाभदायक है। खुले बाजार में 600 से 800 रूपए किलो में मिलने वाले मखाने की खेती धमतरी में कृषि विज्ञान केन्द्र प्रक्षेत्र में पिछले तीन सालों से की जा रही है। वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रमुख कृषि विज्ञान केन्द्र डाॅ.एस.एस.चन्द्रवंशी बताते हैं कि मखाना की खेती जल भराव और दलदली भूमि में होती है। चूंकि धमतरी जिले का क्षेत्र निचली भूमि है, इसलिए यहां मखाना की खेती के बेहतर नतीजे मिलने की गुंजाईश को नकारा नहीं जा सकता। यह भी दिलचस्प बात है कि प्रदेश में सबसे पहले धमतरी जिले में मखाना की खेती की शुरूआत की गई।
इसके साथ ही मखाना की खेती का परीक्षण किसानों के खेतांे में किया जा चुका है और उन्हें समझाईश भी दी गई कि ऐसे खेत, जहां जल भराव अधिक होता है, वहां आसानी से ’काला हीरा’ उगाया जा सकता है। इसी समझाईश और ’काले हीरे’ की औषधीय गुणों को समझ बोड़रा के किसान श्री हरि ओम साहू द्वारा 2017-18 में अपने 75 डिसमिल खेत में मखाना की खेती की। यहां उत्पादित तकरीबन सात क्विंटल मखाना बीज को कृषि विज्ञान केन्द्र की मदद से बिहार और लुधियाना में बेचा गया। किसान श्री साहू को इससे 40 हजार रूपए का मुनाफा हुआ। हालांकि उस वक्त जिले में मैनुअल मखाना पाॅपिंग की जाती थी, इस वजह से कच्चे मखाना के बीज को बेचा गया।
मगर हाल ही में रूर्बन क्लस्टर लोहरसी के तहत कृषि विज्ञान केन्द्र सम्बलपुर में मखाना प्रसंस्करण इकाई स्थापित की गई है। जिसमें 12 लाख की लागत वाली मखाना रोस्टिंग और पाॅपिंग मशीन प्रदाय की गई है। इसके जरिए अब मखाना की पाॅपिंग और मखाना की खेती के प्रति किसानों का और रूझान बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। कृषि विज्ञान केन्द्र में स्थापित इस मखाना प्रसंस्करण इकाई में लोहरसी रूर्बन क्लस्टर की जनजागरण, जय दुर्गे, गायत्री, जय मां पार्वती इत्यादि महिला स्व सहायता समूह की 10 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया है और वे इस इकाई का संचालन भी कर रही हैं।
जय दुर्गे महिला स्व सहायता समूह की श्रीमती सरस्वती साहू और गायत्री महिला स्व सहायता समूह सम्बलपुर की श्रीमती सरिता साहू बताती हैं कि उनका समूह आधे एकड़ में मखाना की खेती 2019-20 से कर रहा है। उस वक्त यह मखाना प्रसंस्करण मशीन उपलब्ध नहीं होने की वजह से मैनुअल पाॅपिंग काफी समय लेता था। अब इस मशीन से पाॅपिंग करने से अच्छी गुणवत्ता के मखाना पाॅप हो रहे तथा मेहनत और समय दोनों की बचत हो रही है। वहीं श्रीमती संतोषी रामटेके और श्रीमती जयंती ध्रुव भी मखाना प्रसंस्करण इकाई स्थापना से समूह को पाॅपिंग के जरिए होने वाले मुनाफे को लेकर काफी खुश नजर आई।
गौरतलब है कि कृषि विज्ञान केन्द्र में वर्ष 2019-20 में आठ एकड़ में उत्पादित मखाना बीज की पाॅपिंग अभी की जा रही है। जनवरी माहांत तक अगस्त 2020 में लगाए गए मखाना पौध से लगभग 30 से 40 क्विंटल मखाना बीज उत्पादन की संभावना है। इसके तुरंत बाद खेत में जनवरी से फरवरी माह में मखाना पौध लगाए जा सकते हैं। डाॅ.चन्द्रवंशी बताते हैं कि साल में दो बार खरीफ और रबी सीजन में मखाना की फसल ली जा सकती है। निचली भूमि होने की वजह से यहां काफी संभावनाएं हैं कि इस मेवे की खेती में किसानों का रूझान और बढ़े। इसमें मखाना प्रसंस्करण इकाई की स्थापना भी सहयोगी साबित होगा। उनका कहना है कि पहले जहां मैनुअल तौर पर एक दिन में तीन से पांच किलो मखाना पाॅप होता था, वहीं मशीन से एक दिन में 20 से 30 किलो मखाना पाॅप मिल रहा है। इस तरह से मखाना पाॅपिंग की लागत 44 हजार रूपए और प्रति एकड़ शुद्ध मुनाफा एक लाख 17 हजार रूपए हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रति एकड़ में 8 से 9 क्विंटल मखाना बीज (राॅ) मिलता है, जिसकी लागत 28 हजार रूपए और शुद्ध मुनाफा 53 हजार रूपए प्रति एकड़ है। यह जिले के किसानों के लिए वाकई एक बेहतर अवसर है, जब वे खरीफ और रबी दोनों मौसम में दलदली भूमि और जलभराव वाले खेतों में काले हीरे (मखाना) की खेती कर अच्छा-खासा मुनाफा कमा सकते हैं।
*राजशेखर नायर*/ *धमतरी ब्यूरो* / *दैनिक शौर्यपथ समाचार*
पिछले 21 दिनों से शासकीयकरण की मांग को लेकर,
पंचयत सचिव व रोजगार सहायकों के जारी अनिश्चित कालीन हडताल को, जनपद सदस्यों, सरपंच संध, शिक्षक संध व अन्य कई संधठनों का समर्थन मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत सचिव संघ ब्लॉक शाखा नगरी के संरक्षक मदन सेन,
आसत सामरथ,
बुधराम नेताम,
रेवत राम साहू ,
अध्यक्ष अनित कुमार नेताम ,
सचिव भोलाराम साहू ,
उपाध्यक्ष खूबचंद ,
प्रमोद कुमार महिलांगे ,
श्रीमती लक्ष्मी साहू ,
ग्राम रोजगार सहायक संघ के
अध्यक्ष डोमार सिंह देवांगन
उपाध्यक्ष श्रीमती रवि कला साहू,
सचिव दिपक कुमार जैन, कोषाध्यक्ष परमेश्वर साहू,
ने बताया की प्रांतीय आवाहन पर ग्राम पंचायत सचिवों को 2 वर्ष की परीवीक्षा अवधि पश्चात
शासकीयकरण करने की मांग
व रोजगार सहायकों को ग्रेड पे कर नियमियती करण प्रदान किये जाने,
सचिव पद पर वरीयता के आधार पर सीधी भर्ती ,
रोजगार सहायकों को सहायक सचिव घोषित किए जाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल व धरना प्रदर्शन नगरी के रावण भाटा मैदान में किया जा रहा है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण, अति. पुलिस अधीक्षक मानपुर जयप्रकाश बढई एवं एसडीओपी मानपुर सुश्री रूचि वर्मा के मार्गदर्शन में थाना खडगांव में मुखबिर के सूचना मिला कि ग्राम वाको एवं कुम्हारी के मध्य खेत लारी मे अवैध महुवा शराब तैयार कर बिक्री किया जा रहा है। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े के हमराह स्टाफ एवं गवाह के रेड कार्यवाही किया गया, जिसमे आरोपी मैनू राम बोगा पिता छत्तर सिंह बोगा जाति गोड़ उम्र 40 साल साकिन वार्ड नंबर 6 कुम्हारी थाना खडग़ांव जिला राजनांदगांव के कब्जे से 20 लीटर हाथ भट्टी का बना कच्ची महुआ शराब जप्त कर आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 04/2021 धारा 34 (2) आबकारी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया एवं आरोपी को गिरफ्तार किया जाकर ज्यु. रिमांड पर भेजा गया है। उक्त रेड कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, सहायक उप निरीक्षक बीआर ठाकुर, आरक्षक की सराहनीय भुमिका रही।
दुर्ग / शौर्यपथ / लघु उधोग भारती के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण अग्रवाल,प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल,प्रदेश कोषाध्यक्ष के.एस.बेदी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पवन बडजात्या, दुर्ग जिला इकाई अध्यक्ष संजय चौबे, इंडस्ट्रियल स्टेट हथखोज इकाई के अध्यक्ष मनीष भुचासिया, सुशील बाकलीवाल,मनोज गोयल ने बताया की दुर्ग के विधयाक अरुण वोरा को एक ज्ञापन दुर्ग पालीटेक्निक कालेज के संबध में सौपा गया, दुर्ग शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज जो की छत्तीसगढ़ का सबसे पुराना कॉलेज है, जिसमें एक कमर्शियल प्रैक्टिस डिपार्टमेंट है इसकी सीट बढ़ाना अति आवश्यक है, एवं कमर्शियल प्रैक्टिस डिपार्टमेंट में आज के वातावरण के हिसाब से कोर्स को समाहित करना अति आवश्यक है, जैसे एक अनुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 50,000 जीएसटी प्रैक्टिशनर की आवश्यकता है, आज हर व्यापारी को जीएसटी प्रैक्टिशनर की नितांत आवश्यकता है ! अगर शासन इस कोर्स को दुर्ग पॉलिटेक्निक कॉलेज में शुरू कर देती है तो छत्तीसगढ़ के बहुत से युवाओं को रोजगार मिल सकता है, इस कोर्स को पढ़ाई करने के लिए छत्तीसगढ़ कमर्शियल टैक्स के अधिकारियों का सहयोग लिया जा सकता है !
इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ के सभी पालीटेक्निक कॉलेज की सीटों का आवंटन मध्यप्रदेश शासन में जो था, वही सीटें आज भी है इन सीटों को बढ़ाना अति आवश्यक है अत: सभी ब्रांच की सीटों को तत्काल इसी वर्ष से बढ़ाया जाना चाहिए ! इसी तरह आज छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक की की तरफ बहुत तेजी से बढ़ रहा है, इस हेतु स्किल एवं टेकनिकल पढ़े लिखे युवा की बहुत मांग है इस हेतु दुर्ग पॉलिटेक्निक कॉलेज में विवेकानन्द स्वामी टेक्नीकल युनिवेर्सिटी द्वारा संचालित बीवाक् जो की स्किल प्रोग्राम है, जिसे डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्स है एवं इंस्ट्रूमेंटेशन ब्रांच, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेकाट्रानिक्स ब्रांच जो की नितांत आवश्यक है, इसे भी तत्काल जोड़ा जाना चाहिए ! ताकि दुर्ग पालीटेकनिक कालेज को डिप्लोमा के साथ डिग्री कालेज का दर्जा भी प्राप्त हो सकेगा ! गौर तलब है की पूर्व में शुरुवात से पॉलिटेक्निक कॉलेज में जो पीछे गेट था, वह गेट को कालान्तर में बंद कर दिया गया था जीई रोड में भयंकर ट्राफिक होने के कारण परिस्थितयों को देखते हुए वह गेट को वापस खोला जाना चाहिए ताकि कालेज आने वालो लोगों को आने जाने में असुविधा एवं दुर्घटना ना हो !
राज्यपाल ने वेटरन डे कार्यक्रम में वीर नारियों और वीर माताओं का किया सम्मान
राज्यपाल ने भूतपूर्व सैनिकों के आवागमन के लिए वाहन भेंट किया
रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र द्वारा आयोजित वेटरन डे कार्यक्रम में शामिल हुई और वीर नारियों और वीर माताओं का सम्मान किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को देश के प्रति उनके योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए शहीद सैनिकों को नमन किया।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना का नाम लेते ही हमारा मस्तक गर्व से ऊंचा उठ जाता है। जो हर मौसम में हर क्षण देश की सीमा में रक्षा की दीवार बनकर तैनात रहते हैं। जिनके कारण आज देश का हर नागरिक महफूज रहता है और चैन की सांस लेता है। वे जागते हैं तो हम शांति से सो पाते हैं, क्योंकि हमें पता है कि हमारी सेना के रहते दुश्मन की सेना क्या, दुश्मन देश का परिंदा भी पर नहीं मार सकता। हमारी सेना जमीन, नभ और जल पर चौबीसों घंटे अपनी निगरानी रखी रहती है। स्वतंत्रता के बाद जितने भी युद्ध हुए, हमारे सैनिकों ने अपने मनोबल और साहस से लड़ा और दुश्मनों को धूल चटाई। चाहे बांग्लादेश युद्ध को याद करें या कारगिल का युद्ध, दुश्मनों ने हमारी सेना के आगे घुटने टेके। आज जब हम देश के सबसे ऊंचे सैन्यस्थल की बात करें जहां माइनस 30 से 40 डिग्री तक तापमान दिन में रहता है और रात में तापमान माइनस 70 डिग्री तक चला जाता है, वहां हमारे सैनिक अपनी जान की परवाह किए बिना तैनात रहते हैं। जब पूरा देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा था उस समय चीन ने हमारे देश की सीमा को लांघने की कोशिश की तो हमारी सेना ने उसका मुंहतोड़ जवाब दिया और दुश्मनों को अपने कदम पीछे करने के लिए मजबूर किए। यह युद्ध क्षेत्र लद्दाख क्षेत्र के गलवान घाटी में स्थित है, जहां का तापमान माइनस 20 से 22 डिग्री रहता है, वहां हमारे सैनिकों ने बहादुरी का परिचय दिया और आज भी तैनात हैं।
राज्यपाल ने कहा कि युद्ध क्षेत्र ही नहीं हमारे देश में जब कभी भी प्राकृतिक विपदा, बाढ़ या भुकंप आई, हमारे सैनिक एक सूचना पर तैनात हो जाते हैं और संकटग्रस्त लोगों की मदद कर उनकी जान बचाते हैं। हमारे देश ही नहीं, हमारे पड़ोसी देशों जैसे नेपाल में भी भूकंप आया था तो हमारे सैनिकों ने उनकी सहायता की। आज जब पूरा विश्व और देश में कोरोना संकट छाया हुआ है, उस समय हमारे सेना ने क्वारेंटाईन सेंटर भी स्थापित किए थे और दवाईयां एवं आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति में प्रमुख भूमिका निभाई। मैंने यह भी देखा था कि कोरोना योद्धाओं के सम्मान में वायु सेना के विमानों ने आसमान से पुष्प बरसाकर उनका उत्साहवर्धन किया था। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्व सैनिकों की सामाजिक संस्था ‘सिपाही’ का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना काल में वे स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर लोगों की मदद की। राज्यपाल ने कहा कि सैनिकों के साहस एवं निःस्वार्थ सेवा और बलिदान की गाथाएं नई पीढ़ियों को उत्साहित करती हैं।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार की निरंतर कोशिश रहती है कि सैनिकों की सेवानिवृत्ति के बाद का जीवन कैसे सहज किया जाए। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों को नया रायपुर आने-जाने में होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए एक वाहन देने का निर्णय लिया गया है। राज्यपाल ने भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करूंगी और यदि किसी भी प्रकार की समस्या हो तो मुझसे संपर्क कर सकते हैं।
अपर मुख्य सचिव गृह एवं प्रभारी मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने कहा कि देश की सेवा में सैनिकों ने अमूल्य योगदान दिया है। सैनिकों के बलिदान की कहानियां नई पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करती है। शासन द्वारा भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिजनों का ख्याल रखा जाता है। भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों की समस्याओं का पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भूतपूर्व सैनिकों को कोई परेशानी न हो, यह प्रयास शासन द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से भी वे अपनी समस्याओं को शासन के ध्यान में ला सकते हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र के कमांडर ब्रिगेडियर श्री प्रशांत चौहान ने कहा कि वेटरन डे पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के सम्मान का दिन है। यह कोशिश की जाती है कि उनकी समस्याओं का हरसंभव समाधान हो। साथ ही इसके लिए एक्स सर्विसमेन सेल का भी गठन किया गया है। इस सेल कार्यालय नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र में रहेगा। संचालनालय सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़ के संचालक एयर कमोडोर श्री ए. एन. कुलकर्णी (से.नि.) ने कहा कि वेटरन डे पर सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों को एक-दूसरे का उत्तरदायित्व बताने का दिन है। उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
इस मौके पर विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य हाउंसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र के अधिकारीगण, भूतपूर्व सैनिक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के प्रभारी मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इन योजनाओं और कार्यक्रमों में और तेजी लाने के लिए निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2020-21 सत्र में प्रारंभ होने वाले स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मिडियम स्कूलों की तैयारी पूरी हो चुकी। गांवों में आजीविका केन्द्र के रूप में विकसित किए जा रहे गोठानों में गोबर खरीदी और वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के अतिरिक्त विभिन्न बहुउद्देश्यीय गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।
लोकसेवा केन्द्र के माध्यम से 169 नयी सेवाएं शुरू की जाएंगी। प्रदेश में वर्तमान में 260 सेवाएं लोकसेवा केन्द्रों के जरिए दी जा रही हैं। प्रभारी मुख्यसचिव ने इस संबंध में विभिन्न विभागों को 31 जनवरी तक विस्तृत जानकारी प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में बताया गया कि ग्रामीण बाजारों में शुरू किए गए मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक का लाभ बड़ी संख्या में लोग उठा रहे हैं। इन क्लीनिकों के माध्यम से उपचार करा रहे मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। प्रभारी मुख्य सचिव ने किसानों से जुड़ी योजनाओं के संबंध में जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि किसानों को धान के अतिरिक्त अन्य फसलों के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए।प्रभारी मुख्यसचिव सुब्रत साहू ने कहा कि गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए टांका निर्माण का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जाए ताकि गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन और भी प्रभावी तरीके से हो सके। बस्तर संभाग के सभी जिलों में गौठानों के सुचारू संचालन के लिए प्रबंधन समितियों का गठन किया जाए।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत प्रदेश में कितने लोगों को रोजगार मिल रहा है, इसका विवरण नियमित रूप से संधारित कर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज संग्रहण, फलदार वृक्षों के रोपण एवं प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की दिशा में अब तक हुई प्रगति भी जानकारी ली। प्रभारी मुख्यसचिव ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य में क्षतिग्रस्त हुए वृक्षों की प्रतिपूर्ति के लिए अधिक से अधिक पौधों का रोपण किया जाए। विशेषतौर पर फलदार प्रजाति के पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त डा.एम.गीता,सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास आर.प्रसन्ना, सचिव लोक निर्माण विभाग सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खाद्य सचिव डा. कमलप्रीत सिंह, सचिव सामान्य प्रशासन डी डी सिंह,सचिव योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी आशीष भटट् सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी 2021 तक 71 लाख 48 हजार 349 मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। अब तक राज्य के 17 लाख 38 हजार 231 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा। राज्य के मिलरों को 23 लाख 49 हजार 271 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध मिलरों द्वारा अब तक 20 लाख 17 हजार 49 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।
छत्तीसगढ़ खाद्य विभाग की वेबसाइट के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले में एक लाख 63 हजार 291 किसानों से 6 लाख 98 हजार 612 मीट्रिकं टन धान की खरीदी पूरी हो गयी है। खरीदे गए धान में से 3लाख 26 हजार 8 मीट्रिक टन धान का डीओ काटा जा चुका है। मिलर द्वारा 290510 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।
जिले में 196 समितियों के द्वारा 230 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम खरीदी की जा रही है। जिले में इस वर्ष 1,87,077 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिनके द्वारा बोये गए धान का रकबा 2,17,709.927 हेक्टेयर से अधिक है। जिले में किसानों की संख्या में 13,566 का इजाफा हुआ है। इस वर्ष 80.55 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्गनिर्देशन में धान उपार्जन, टोकटन जारी करने, खरीदे गए धान के उठाव आदि की व्यवस्था की गयी है। धान खरीदी में सतत् निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गयी है। आवश्यकता के विरूद्ध शत-प्रतिशत् बारदानों की आपूर्ति राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित की जा चुकी है
उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में धान खरीदी हेतु राज्य में बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। राज्य में अनुमानित धान उपार्जन 89.00 लाख मे. टन हेतु लगभग 4.45 लाख गठान बारदानों की आवश्यकता संभावित है। वर्तमान में लगभग 67.35 लाख मे. टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। 89 लाख मे. टन धान के अनुमानित उपार्जन के विरूद्ध लगभग 21.65 लाख मे. टन का उपार्जन किया जाना शेष है। शेष धान के उपार्जन हेतु लगभग 1.08 लाख गठान बारदानों की आवश्यकता होगी। जिसके विरूद्ध वर्तमान स्थिति में लगभग 53 हजार गठान बारदाने उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त कस्टम मिलिंग हेतु धान के उठाव से लगभग 35 हजार गठान मिलर बारदानें प्राप्त होने हैं। वर्तमान में धान के उठाव से लगभग 10 से 12 हजार गठान मिलर बारदाने प्रति सप्ताह प्राप्त हो रहे हैं, अतः धान खरीदी की शेष अवधि में 35 हजार गठान मिलर बारदाने प्राप्त होने की पूर्ण सम्भावना हैं। साथ ही लगभग 10 हजार गठान एचडीपीईध्पीपी बारदानों की नवीन आपूर्ति भी होनी हैं। वर्तमान में लगभग 5 हजार गठान एचडीपीई/पीपी बारदाने प्रति सप्ताह प्राप्त हो रहे हैं, अतः धान खरीदी की शेष अवधि में 10 हजार गठान एचडीपीई/पीपी बारदाने प्राप्त होने की पूर्ण सम्भावना हैं।
इसी प्रकार पीडीएस दुकानों से 10 हजार गठान बारदानों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलों की मांग अनुसार चावल के अग्रिम भण्डारण-वितरण की अनुमति प्रदान की जा रही है। इस प्रकार कुल 1.08 लाख गठान बारदानों की आवश्यकता के विरूद्ध शत-प्रतिशत् बारदानों की आपूर्ति राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त जूट कमिश्नर के माध्यम से लगभग 36 हजार गठान नये जूट बारदाने भी अपेक्षित हैं। उपरोक्त व्यवस्था के बावजूद भी यदि किसी समिति में बारदानों की आवश्यकता उत्पन्न होती है, तो इस हेतु किसान बारदानों में धान खरीदी की अनुमति भी राज्य शासन द्वारा प्रदाय की गई है। इस प्रकार धान खरीदी हेतु राज्य में बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
