October 10, 2026
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    प्रदेश के 16802 प्रेरकों को रमन सिंह ने निकाला वहीं कांग्रेस पार्टी ने सरकार में आने से पूर्व सरकार में आते ही पक्का नौकरी देने का किया वादा अब वादा से मुकर रही-देवलाल नरेटी प्रदेश सह संगठन मंत्री
    आम आदमी पार्टी जिला बस्तर द्वारा संघर्षशील प्रेरक/पंचायत कल्याण संघ के अनिश्चित कालीन धरने को आज जिला मुख्यालय जगदलपुर में समर्थन दिया गया।

    जगदलपुर से नरेन्द्र भवानी की रिपोर्ट
    जगदलपुर / शौर्यपथ /ज्ञात हो कि पूरे छत्तीसगढ़ में 16802 संगर्ष शील प्रेरकों को रमन सिंह के बीजेपी सरकार ने बिना सूचना के जॉब से निकल दिया गया था और काँग्रेस सरकार ने इन्ही प्रेरकों के लिए अपने चुनावी घोषणा पत्र में सभी छत्तीसगढ़ के प्रेरकों को नियमित करते हुए नियुक्ति देने की बात की थी।लेकिन जैसे ही सत्ता पर कांग्रेस सरकार काबिज़ हुई अपने सभी वादे और घोषणाओं को भूल गई।आज प्रेरक संघ के 16802 लोगों की स्तिथि बत से बत्तर होते जा रही पर इनका सुध लेने वाला कोई नही है।सभी सांसदों ,मंत्रियों,जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन के माध्यम से अपनी व्यथा सुनाई लेकिन सरकार के कानों में जु तक नही रेंग रही है।
    प्रेरक संघ के धरने स्थल पर पहुँच कर आम आदमी पार्टी के प्रदेश सह संगठन मंत्री देवलाल जी ने कहा कि भूपेश सरकार सिर्फ और सिर्फ छत्तीसगढ़ के बेरोजगारों चूसने का कार्य और सिर्फ धोखा देने का काम करी है।इतनी बड़ी बड़ी बात अपने घोषणा पत्र में जब कांग्रेस ने लिखा था तो अब करने का समय आया तो क्यों कॅरोना और अन्य बहाना बना कर लोगो को ठगने का काम कर रही है ।क्योंकि भूपेश बघेल सरकार की नीयत में ही खोट है ।नियत होती तो दो साल अवधि पूर्ण होने से पहले ही अबतक कर मांगो को पूर्ण कर चुकी होती।
    पूर्व प्रदेश सह संगठन मंत्री समीर खान ने कहा कि हम सांसद, विधायक चुनते हैं और उनका काम है लोगों की समस्याओ को मुख्यमंत्री तक पहुचना पर कांग्रेस सरकार के ये विधायक सांसद भी बीजेपी सरकार के तर्ज पर काम कर रही है और कोई सुनिवाई नही है आज आम लोगो की।
    जिलाध्यक्ष तरुणा बेदरकर ने कहा कि आम आदमी पार्टी सभी बेराजगारों के साथ हर कदम पर खड़ी है और इनके संघर्ष को कंधे से कंधा मिला कर लड़ेगी। समर्थन के माध्यम से हम भूपेश बघेल को आगाह करते है कि अगर इन प्रेरको की योग्यतानुसार नियुक्ति नही देती तो इनके साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे।
    संघर्षशील प्रेरक संघ के धरने को समर्थन देने के दौरान प्रदेश सह संगठन मंत्री देवलाल नरेटी जी के साथ जिला अध्यक्ष तरुणा बेदरकर ,समीर खान,गीतेश सिंघाड़े ,विवेक शर्मा समेत कार्य कर्ता मौजूद थे।

    आशीष तिवारी शौर्यपथ रायपुर
    रायपुर / शौर्यपथ / संकल्प सांस्कृतिक समिति की डायरेक्टर मनीषा शर्मा के निर्देशन में संकल्प नशा मुक्ति केंद्र ,ओ डी आई सी, सी बी पी एल आई, चाइल्ड लाइन ,रेलवे चिल्ड्रन इंडिया ,रेलवे चाइल्ड लाइन के माना के समीप सम्मान पुर नकटी गांव में तीन दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया,जिसमे गांव के नागरिकों को नशे से दूर रहने व उसकी बुराइयों को बताने के लिए जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया, गांव में नशा मुक्ति रैली का आयोजन व नुक्कड़ नाटक किया गया,जिसमे नशे से दूर रहने का सन्देश दिया गया। गांव के दिवालो में नशा मुक्ति,पानी बचाने,व सफाई से संबंधित नारे भी लिखे गए।
    शिविर में एक दिन पूरे गांव में सफाई का आयोजन किया गया,जिसमे गांव की नालियों, हेंड पम्प , गोठान,चौपाल धार्मिक स्थल ,अस्पताल की साफ सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया। शिविर में गांव के युवा लोगो का योगदान सराहनीय रहा।

    शिविर में संकल्प से अजय श्रीवास्तव, प्रवीण सोनवानी, सौरभ तिवारी, लक्ष्मी देवांगन ,विशाल,नरेश ,चन्द्र , मनोज मिश्रा, ललित ,शैलेश भगत ने भाग लिया ।

    विगत कुछ समय से विशेष अवसरों एवं त्यौहार पर हो रही घटनाओं की समीक्षा करने पर यह प्रकाश में आया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा ऑनलाइन ऑर्डर कर बटंची चाकू मंगवाया जा रहा है। ऐसे लोगों द्वारा नशापान की स्थिति में विवाद कर घटना कारित कर रहे हैं। ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जाना अति आवश्यक है।

    पुलिस अधीक्षक श्री बी.पी. राजभानू द्वारा होली त्यौहार शांति एवं सौहार्द्रमय वातावरण में मनाए जाने हेतु सभी थाना प्रभारियों को आसूचना तंत्र मजबूत करते हुए असामाजिक तत्वों एवं बदमाशों पर विशेष निगाह रखने सख्त निर्देश दिया गया है। जिसके परिपालन में थाना प्रभारी कोतवाली श्री नवनीत पाटिल ने थाना क्षेत्रांतर्गत ऑनलाइन सामग्री सप्लाई करने वाले लोगों से संपर्क कर आवश्यक हिदायत दिया गया है। साथ ही बटंची चाकू जैसे सामानों की ऑनलाइन खरीदी व सप्लाई पर सतत निगाह रखी जा रही है। थाना प्रभारी कोतवाली ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अथवा उनके परिजन द्वारा ऐसी सूचना स्वयं दी जाती है कि उनके अथवा उनके बच्चे द्वारा ऑनलाइन बटंची चाकू मंगवाया गया है तथा उसे थाना में जमा किया जाता है तो उन्हें समझाइश देकर अवसर देते हुए कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी। यदि पुलिस को किसी भी व्यक्ति के द्वारा बटंची चाकू मंगवाए जाने की सूचना अथवा उसके पास बटंची चाकू रखें पाए जाने की स्थिति में उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगाें के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्यवाही की जाएगी।

    इसी क्रम में आज कोतवाली थाना क्षेत्रांतर्गत निवासी एक परिजन द्वारा अपने नाबालिग पुत्र के साथ थाना आकर उनके पुत्र द्वारा ऑनलाइन मंगाए गए बटंची चाकू को थाना प्रभारी कोतवाली श्री नवनीत पाटिल के समक्ष प्रस्तुत किया गया तथा लिखित आवेदन देकर अपने पुत्र पर निगाह रखने निवेदन किया गया। जिस पर थाना प्रभारी द्वारा उन्हें समझाइश देते हुए सकुशल रुखसत किया गया।

    रंगों का त्योहार होली शांति, सद्भाव व सौहार्द्रमय वातावरण में मनाए जाने हेतु धमतरी पुलिस अपील करती है कि ऑनलाइन बटंची चाकू जैसे वस्तुएं के क्रय/सप्लाई करने की स्थिति में स्वयं थाना आकर सूचित करते हुए बटंची चाकू जमा करें अन्यथा किसी भी प्रकार से संलिप्तता पाए जाने पर विधिवत कार्यवाही की जाएगी।

    पुलिस अधीक्षक श्री बी.पी. राजभानू ने लंबित अपराधों के त्वरित निराकरण करने, किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर त्वरित कार्यवाही करने एवं अपराधों के प्रभावी रोकथाम हेतु थाना क्षेत्र के निगरानी बदमाशों, गुंडा बदमाशों, सजायाब व संदिग्ध व्यक्तियों पर सतत निगाह रखते हुए असमाजिक तत्वों एवं जुआ, सट्टा, अवैध शराब बिक्री की सूचना पर त्वरित कार्यवाही करने सख्त निर्देश दिये है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा ठाकुर रावटे के मार्गदर्शन में सभी थाना क्षेत्रों में सरप्राइज चेकिंग व फिजिकल चेकिंग लगातार की जा रही है। जिसका बेहतर परिणाम भी दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में दिनांक 14/03/2021 की रात्रि करीबन सवा 08.00 बजे थाना कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति काले रंग के बैग में अवैध रूप से शराब रखकर ले रहा है। उक्त सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर निर्देशानुसार तत्काल सूचना की तस्दीक एवं वैधानिक कार्यवाही करने कोतवाली स्टाफ रवाना हुआ। उक्त स्टाफ के द्वारा मुखबिर के बताए स्थान सोरिद पुल के पास घेराबंदी कर संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर एक व्यक्ति को काले रंग के बैग सहित पकड़ा। नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम रमेश मंडावी निवासी पूरुर जिला बालोद बताया। जिसके बैग की गवाहों के समक्ष विधिवत तलाशी लेने पर 20 नग देसी मदिरा मसाला का पौव्वा प्रत्येक में 180ml भरा सीलबंद जुमला कीमती 1800 रुपए मिला। जिसे विधिवत जप्त कर आरोपी का कृत्य अपराध धारा 34(A) आबकारी एक्ट का घटित करना पाए जाने से गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही की गई। *आरोपी का नाम* - रमेश मंडावी पिता महेतरु मंडावी उम्र 21 वर्ष साकिन नाकापारा पुरुर थाना गुरुर जिला बालोद धमतरी पुलिस द्वारा असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में फिर शुरू हो गया अवैध प्लॉटिंग का कारोबार .नगर निगम दुर्ग के पूर्व आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के तबादले के बाद भूमाफिया एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं।
    दुर्ग निगम के रामनगर, उरला क्षेत्र में एक जनप्रतिनिधि के सरंक्षण पर धड़ल्ले से अवैध प्लॉटिंग कर बेचने का कार्य बदस्तूर जारी है।
    निगम कार्यालय से भी जारी करवा रहे हैं भवन अनुज्ञा
    नेता बनाम जनप्रतिनिधि के द्वारा अवैध प्लॉटिंग कर बेचेने के साथ इस बात की गरेन्टी दिया जा रहा है कि अवैध प्लॉटिंग भूमि पर मकान निर्माण के लिए भवन अनुज्ञा भी जारी पास कराकर दिया जाएगा।
    सब काम के लिए शुक्ल निर्धारित किया।
    अवैध प्लॉटिंग कर बेचने के बाद उस जमीन पर मकान दुकान एवं अन्य उद्देश्य के अनुज्ञप्ति जारी कराने के लिए शुल्क निर्धारित है जो अवैध प्लाट खरीदने वालों को देना होगा . पूरे मामले में सूत्रों की माने तो निगम के अधिकारी कर्मचारी के द्वारा भी मौन स्वीकृति दे दी गई है ऐसा लगता है.
    उल्लेखनीय हैकी दुर्ग निगाम्मे चल रहे अवैध प्लाटिंग पर लगाम कसने पूर्व निगम आयुक्त इन्द्रजीत बर्मन ने सख्ती से कार्यवाही कोंजाम दिया एवं कई अवैध प्लाटिंग करने वालो के विरुद्ध कार्यवाही की . अवैध प्लाटिंग के नित नए मामले आने से जिलादिश द्वारा भी कई भूमि के खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी गयी है . पूर्व निगम आयुक्त बर्मन केकबीर्धाम स्थानान्तरण और नए आयुक्त के आते ही स्वक्षता सर्वेक्षण पर ध्यान केन्द्रित करने से एक बार फिर अवैध प्लाटिंग करने वाले भू माफियाओ को मौका मिल गया है . अब देखना यह है कि निगम के नए आयुक्त इस अवैध प्लाटिंग के मामले पर क्या कदम उठाते है .

    प्रदेश में आदिवासियों एवं किसानों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित-उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा

      नारायणपुर / शौर्यपथ / बस्तर की कला, संस्कृति और बस्तर को अब लोग जानने-पहचानने लगे हैं। लोग अब अबूझमाड़ को यहां की गौरवषाली परम्परा के नाम से जानने लगे हैं। माता मावली मेला बस्तर का सबसे प्राचीन मड़ई-मेलों में से एक है। बस्तर अंचल में मड़ई-मेले को एक उत्सव के रूप में मनाया जाता है, मैं पहले से ही माता मावली की धरा पर आयोजित होने वाले मेले में शामिल होता रहा हूं। उक्त बातें वाणिज्यक कर, आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने माता मावली मेला के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के आसंदी से कही। कार्यक्रम में मंत्री लखमा ने जिले का नाम पूरे देष में रौषन करने वाले मलखंब के खिलाडियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया और उनके प्रदर्षन की सराहना की। इस अवसर पर उपाध्यक्ष प्रमोद नेलवाल, संगठन पदाधिकारी श्री आर.पी.सिंह के अलावा क्षेत्र के माता मावली मेला आयोजन समिति के हीरासिंह देहारी, क्षेत्र के मांझी, चालकी, पुजारी, जनप्रतिनिधी एवं संगठन पदाधिकारी और एसडीएम दिनेष कुमार नाग, डिप्टी कलेक्टर फागेष सिन्हा, धनराज मरकाम, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ए.सी. बर्मन, जिला षिक्षा अधिकारी जी.आर. मंडावी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी मोबिन अली, जिला प्रषासन के जिला स्तरीय अधिकारी, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
    कलेक्टर एवं मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष धर्मेष कुमार साहू ने अतिथियांे का स्वागत किया। उन्होंने स्वागत भाषण में कहा कि 5 दिवसीय मेले में आम जनता के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यकमों के आयोजन किये गये, जहां लोगों ने अबूझमाड़ की कला संस्कृति की झलक देखी। वहीं आम जनता की भलाई के लिए चलायी जा रही योजनाआंे पर आधरित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाये गये। इसके साथ ही स्थानीय प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मंच भी प्रदान किया गया।

    रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश के सभी अकाशवाणी केन्द्रों से रीले होने वाली मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मासिक वार्ता कार्यक्रम लोकवाणी को आज नगर निगम गार्डन में लोगों ने उत्साह के साथ सुना। मुख्यमंत्री श्री बघेल के लोकवाणी कार्यक्रम सुनने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए बैजनाथ पारा निवासी नईम रजा नम्मू ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश सरकार द्वारा प्रदेश की महिलाओं को सुरक्षा और रोजगार देने की पहल एक सराहनीय कदम है। भूपेश की सरकार ने ग्रामीणों और दूरस्थ वनांचलों की महिलाओं को बिहान और अन्य स्व-सहायता के समूहों के माध्यम से परम्परागत व्यवसाय से जोड़कर रोजगार देने का काम कर रही हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों तक बैंकिग सेवा पहुंचाने के लिए समूह की महिलाओं में से ही बैंक सखी का भी प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें बैंकिग सेवाओं से जोड़ने का प्रयास उल्लेखनीय कार्य है।
    बैजनाथ पारा के ही असरफ प्रधान ने लोकवाणी कार्यक्रम सुनने के बाद कहा कि प्रदेश में महिलाओं को सम्मान और अधिकार दिलाने का काम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार कर रही हैं। यह प्रशंसनीय है। असरफ ने कहा कि पंचायत और नगरीय निकाय निर्वाचनों में महिलाओं को अधिकार संपन्न बनने के लिए आरक्षण दिया जाना भी एक उल्लेखनीय पहल है, इससे निश्चित ही महिलाओं को आगे बढ़ने और तरक्की करने में सहायता मिलेगी। असरफ ने कहा कि लोकवाणी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से समूह की महिलाओं ने सुरक्षा की दृष्टिकोण से प्रदेश में परिवहन सेवा पुनः प्रारंभ करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने उन महिलाओं को लोकवाणी कार्यक्रम से ही उनकी सुरक्षा और व्यवस्था के लिए आश्वश्त किया। मुख्यमंत्री बघेल द्वारा नारी निकेतन में रह रही विवाह योग्य युवतियों का पिता बनकर विवाह कराना, कन्यादान करना उन्हें आर्शीवाद प्रदान करना अनुकरणीय पहल है। इससे समाज में लोगों को प्रेरणा मिलेगी और बेटियों की सुरक्षा के लिए लोग आगे आएंगे। मुख्यमंत्री की लोकवाणी वार्ता सुन रहे अन्य लोगों ने भी महिलाओं की विकास और सशक्तिकरण के लिए महिलाओं पर केन्द्रित इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। लोकवाणी कार्यक्रम को जोन क्रमांक-4 के कमिश्नर लोकेश चन्द्रवंशी सहित शिव भोयर, सर्वश्री विनय ओझा, मोईन बारी, नासीर भाई, शेखर सिंह तथा अन्य लोगों ने भी उत्साह के साथ लोकवाणी सुना।

    राज्यपाल ने श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल परिसर में मां एवं बाल देखभाल केन्द्र का भूमिपूजन किया

    रायपुर / शौर्यपथ / श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल मानवता की सच्ची सेवा कर रहा है। उनके कार्यों से कई लोग लाभान्वित हुए हैं। छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल राज्य है, बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों की गर्भवती माताओं और बच्चों के देखरेख तथा उनके इलाज में ‘मां एवं बाल देखभाल केन्द्र’ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। साथ ही वहां के बच्चों को कुपोषण जैसी समस्याओं से निजात दिलाने में सहायक सिद्ध होगी, निश्चित ही यह केन्द्र माताओं और बच्चों की सेवा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज नवा रायपुर में श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल परिसर में मां एवं बाल देखभाल केन्द्र ‘ममत्व’ के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने संस्था के मां और देखभाल केन्द्र का भूमिपूजन किया। राज्यपाल ने श्री सत्य साईं बाबा को स्मरण करते हुए नमन किया। उन्होंने इस अवसर पर सद्गुरू श्री मधुसुदन साईं जी को प्रणाम किया और प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी श्री सुनील गावस्कर का भी अभिनंदन किया।
    राज्यपाल ने कहा कि श्री सत्य साईं बाबा का आशीर्वाद है कि मुझे छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल बनने का अवसर मिला। यह दायित्व छत्तीसगढ़वासियों की सेवा करने के लिए दिया गया है। मेरी कामना है कि छत्तीसगढ़वासियों के कल्याण के लिए हरसंभव कार्य कर सकूं। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि मदर एंड चाईल्ड केयर सेंटर ‘स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे’ की अवधारणा पर प्रारंभ किया जा रहा है। निश्चित ही यह अपने उद्देश्यों में सफल होगा। गर्भवती माताओं का निःशुल्क इलाज होगा तथा डिलीवरी भी मुफ्त होगी। साथ ही बच्चों की देखरेख भी निःशुल्क किया जाएगा। यह बहुत बड़ी सेवा है।
    राज्यपाल ने कहा कि श्री सत्य साईं बाबा ने पूरे संसार को प्रेम, दया भावना तथा मानव की सेवा का संदेश दिया है। उनकी शिक्षा पूरे संसार के लिए सार्वभौमिक और प्रासंगिक है तथा समाज को सेवा कार्य करने की प्रेरणा देती है। श्री सत्य साईं बाबा की याद में अनेक संस्थाएं पूरे देश में काम कर रही हैं और मानवता की सेवा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें श्री सत्य साईं बाबा के संदेशों से प्रेरणा लेनी चाहिए और जीवन का कुछ समय सेवा कार्यों में लगानी चाहिए। यह निश्चित है कि जो व्यक्ति बिना अपेक्षा के निःस्वार्थ होकर मानवता की सेवा करता है, उसे पूरा समाज पूजता है और समाज में एक विशेष स्थान मिलता है। श्री सत्य साईं बाबा के पुण्य कार्यों से प्रभावित होकर अनेक महान व्यक्तित्व उनकी संस्थान से जुड़े हैं।
    सुश्री उइके ने कहा कि भारत की संपन्न आध्यात्मिक विरासत है, जहां श्री सत्य साईं बाबा सहित अनेकों संतों ने योगदान दिया है। हमारी नई युवा पीढ़ी को इस विरासत को बनाए रखना चाहिए। वास्तव में त्याग, सेवा, समर्पण ही हमारे देश की पहचान है। इन्हीं गुणों के कारण प्राचीन समय में भारत की एक विशिष्ट पहचान रही है।
    राज्यपाल ने इस अवसर पर श्री सत्य साईं स्वास्थ्य एवं शिक्षा ट्रस्ट रायपुर के कार्यों पर आधारित पोस्टर प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम को सद्गुरू श्री मधुसुदन साईं, प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी श्री सुनील गावस्कर एवं श्री सत्य साईं स्वास्थ्य एवं शिक्षा ट्रस्ट रायपुर के अध्यक्ष श्री सी. श्रीनिवास ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सद्गुरू श्री मधुसुदन साईं ने राज्यपाल को शाल भेंटकर सम्मानित किया। राज्यपाल ने भी सद्गुरू श्री साईं को प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

    रेडियोवार्ता लोकवाणी की 16वीं कड़ी में मुख्यमंत्री बघेल की नारी शक्ति के साथ बातचीत का प्रसारण
    महिलाओं के सहयोग से छत्तीसगढ़ में छोटी-छोटी पूंजी और थोड़ी-थोड़ी उद्यमिता को मिलाकर होगा एक नई आर्थिक क्रांति का जन्म
    मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से एक वर्ष में 1 लाख बच्चे कुपोषण से हुए मुक्त: 20 हजार महिलाओं को मिली एनीमिया से निजात
    हर जिले में कन्या महाविद्यालय तथा कन्या छात्रावास खोलने का लक्ष्य
    प्रदेश में 26 साल बाद शुरू हुई शिक्षकों की स्थायी भर्ती
    छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में एक ही दिन में 3229 बेटियों के विवाह का बना कीर्तिमान
    मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति से कोविड-19 टीकाकरण में किया सहयोग का आव्हान
    टीकाकरण के बाद भी मास्क, सुरक्षित दूरी तथा हाथों को साबुन से बार-बार धोने जैसे उपाय का करें पालन
    नये बजट में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क और सी-मार्ट स्टोर जैसी अवधारणा को किया गया है शामिल

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की आज प्रसारित रेडियावार्ता लोकवाणी की 16वीं कड़ी में मुख्यमंत्री बघेल की मातृ शक्ति से माताओं-बहनों और बेटियों के साथ बातचीत का प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, उनकी शिक्षा, सेहत, स्वावलम्बन और आत्मसम्मान के लिए ठोस काम किए हैं। उन्होंने इन क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों पर विस्तार से लोकवाणी में चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति की भागीदारी से छत्तीसगढ़ में छोटी-छोटी योजनाओं, छोटी-छोटी पूंजी और थोड़ी-थोड़ी उद्यमिता को मिलाकर एक नई आर्थिक क्रांति का जन्म होगा और यह आर्थिक क्रांति विकास का एक टिकाऊ मॉडल बनकर पूरी दुनिया में नाम कमाएगा। वनांचलों और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के स्वावलंबन के लिए प्रारंभ की गई योजनाओं से महिलाएं बड़ी संख्या में स्वावलंबी बन रही हैं। ग्राम सुराजी योजना, गोधन न्याय योजना, लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य पर खरीदी और गौठानों में संचालित योजनाओं को माता-बहनों की भागीदारी से ही सफलता मिल रही है। रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के सफल संचालन के पीछे वास्तव में नारी की शक्ति होगी। मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में नारी शक्ति से कोविड-19 टीकाकरण में सहयोग का आव्हान करते हुए कहा कि टीकाकरण के बाद भी मास्क, सुरक्षित दूरी तथा हाथों को साबुन से बार-बार धोने जैसे उपायों का पालन करते रहना होगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के अधिकार सुरक्षित रहें इसके लिए भर्ती, पदोन्नति, दस्तावेज की छान-बीन के लिए जो समिति बनाई जाएगी उनमें एक महिला प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से रखने का प्रावधान किया गया है। महिलाओं के लिए आरक्षण की सुविधा सुनिश्चित की गई है। 26 वर्षों बाद प्रदेश में शिक्षकों की स्थायी भर्ती इसके साथ ही साथ पुलिस कर्मियों की भर्ती की रूकी हुई प्रक्रिया शुरू की गई है। इनमें भी महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन क्लीन सिटी परियोजना में 10 हजार महिलाओं को जोड़ा गया है। महिला स्व-सहायता समूह में एक लाख 85 हजार महिलाओं को जोड़कर उन्हें स्वावलंबन की गतिविधियों से जोड़ा गया है। घरेलू हिंसा से संरक्षण के लिए प्रत्येक जिले में नवा बिहान योजना के तहत संरक्षण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। कन्या छात्रावास तथा आश्रमों में महिला होमगार्ड के 2200 नये पदों का सृजन किया गया है। नये बजट में 9 नवीन कन्या छात्रावासों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए 370 थानों में हेल्पडेस्क संचालित किए जा रहे हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य और सुपोषण के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, दाई-दीदी मोबाइल क्लीनिक, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, संजीवनी एक्सप्रेस, 102 महतारी एक्सप्रेस जैसी योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। जिनका लाभ महिलाओं को मिल रहा है।
    मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से एक वर्ष में 1 लाख बच्चे कुपोषण से हुए मुक्त साथ ही 20 हजार महिलाओं को एनीमिया से निजात मिली। हर जिले में कन्या महाविद्यालय तथा कन्या छात्रावास खोलने का लक्ष्य तय किया गया है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में एक ही दिन में 3229 बेटियों के विवाह का कीर्तिमान बना।
    मार्च माह का लोकवाणी कार्यक्रम मातृशक्ति को समर्पित
    मुख्यमंत्री ने मातृ शक्ति का अभिवादन करते हुए कहा कि दाई, दीदी, बेटी मन ला मोर डहर ले परनाम। लोकवाणी के सब्बो सुनइया मन ला मोर जय जोहार, नमस्कार, जय सियाराम। चंूकि 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पूरे देश में महिलाओं के प्रति आदर और उनके अधिकारों को लेकर विचार-विमर्श हुए। इसलिए मार्च माह का लोकवाणी कार्यक्रम मातृशक्ति को समर्पित किया गया।
    लोकवाणी की इस कड़ी में बहुत बड़ी संख्या में माताओं, बहनों और बेटियों ने अपने विचार, अपनी भावनाओं को रिकार्ड किए गए संदेशों के माध्यम से व्यक्त किया। हिन्दी के अलावा छत्तीसगढ़ी, हल्बी भाषाओं में भी बहनों ने अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने लोकवाणी में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के हित में किए जा रहे कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि हम छत्तीसगढ़ की कल्पना ही छत्तीसगढ़ महतारी के रूप में करते हैं। छत्तीसगढ़ को मां के रूप में, मातृशक्ति के रूप में, देखने और समझने का विचार हमें अपने पुरखों से विरासत में मिला है। राज्य गठन के बाद हमें लगता था कि यह भाव और अधिक सम्मान पाएगा, इसे सार्थक बनाया जाएगा। राज्य सरकार ने डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा द्वारा रचित छत्तीसगढ़ी गीत ‘अरपा, पइरी के धार, महानदी हे अपार, इंद्रावती ह पखारे तोर पइयां, महूँ पाँव परँव तोर भुइँया, जय हो-जय हो छत्तीसगढ़ मइया’ को राज्य गीत घोषित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह हमने महिलाओं के प्रति अपनी सरकार की प्राथमिकता को स्पष्टतः घोषित किया है। हमारे छत्तीसगढ़ में दंतेश्वरी- बम्लेश्वरी-महामाया- चंद्रहासिनी- दुर्गा- शीतला और देवी के हर स्वरूप को पूजा जाता है। इस तरह हमारे जनमानस में मातृशक्ति की आराधना का जो भाव है, उसे हमने नए ढंग से प्रतिष्ठित किया है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आदर देने का संस्कार जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उनके अधिकारों की रक्षा करना, उनकी शिक्षा, सेहत, स्वावलम्बन, आत्मसम्मान के लिए सतत् प्रयास करना। राज्य सरकार ने इस दिशा में ठोस काम किए हैं। लोकवाणी में महिलाओं ने राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के पोषण और सेहत को लेकर संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों पर उत्साहजनक प्रतिक्रिया दी। दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा ब्लॉक के टिकनपाल भठ्टीपारा की हिरमी बाई ने हल्बी भाषा में अपने विचार व्यक्त करते हुए महिला बाल विकास विभाग के संदर्भ मेला में उनके बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद डॉक्टरों ने दवाईयां दी। बच्चे की अस्पताल में 15 दिन देखभाल की गयी। आंगनबाड़ी केंन्द्र में पोषण आहार दिया गया। जिससे बच्चे का वजन बढ़ा और वह स्वस्थ है। उन्होंने इस योजना के संचालन के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। राजनांदगांव जिले की रेणुका सोनी और रितु सिन्हा ने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। सूरजपुर जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गोशिया बानो ने बताया कि लॉकडाउन की अवधि में रेडी-टू-ईट का वितरण कर हितग्राहियों की पोषण सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोकवाणी में इन महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद जब मुझे पता चला कि छत्तीसगढ़ में 37.5 प्रतिशत बच्चे कुपोषण और 47 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं तो मुझे बहुत दुःख हुआ। कुपोषण और एनीमिया अपने आप में एक गंभीर बीमारी की तरह है और इसके कारण बहुत सी बीमारियां हो जाती हैं। इसलिए हमने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान शुरू किया ताकि कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ एक निर्णायक जंग छेड़ी जा सके। इस लड़ाई में किसी भी तरह से संसाधनों की कमी न आए, इसके लिए एक ओर जहां विभागों को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए, वहीं दूसरी ओर डीएमएफ की राशि का उपयोग करने की रणनीति अपनाई। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषण आहार को बढ़ावा दिया ताकि लोगों को उनकी रुचि के अनुसार पोषक तत्व मिले। मुझे खुशी है कि एक वर्ष में 1 लाख बच्चे, जिसमें बेटियां अधिक हैं, कुपोषण से मुक्त हुए तथा 20 हजार महिलाओं को एनीमिया से निजात मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं चाहूंगा कि बहनें और बेटियां हमारी योजना के अनुसार पोषक तत्व और दवाई लेते रहंे। कोरोना काल में भी यह अभियान जारी रहा, जो इस बात का प्रतीक है कि अब कोई भी ताकत आपको कुपोषण और एनीमिया मुक्ति से रोक नहीं पाएगी। आपके सहयोग से हम छत्तीसगढ़ के प्रत्येक बच्चे और नारी को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त कराएंगे। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचलों में, शहरी बस्तियों में महिलाओं तक सरलता से स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, दाई-दीदी मोबाइल क्लीनिक, संजीवनी एक्सप्रेस, 102 महतारी एक्सप्रेस, ग्रामीण चलित चिकित्सा इकाई, हमर अस्पताल योजना, हमर लैब योजना, मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान, मितानिन प्रोत्साहन राशि भुगतान सॉफ्टवेयर आदि उपायों से महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच, उपचार तथा सहायक सेवाओं का काम किया जा रहा है।
    छत्तीसगढ़ में आंगनवाड़ी को नर्सरी-प्ले स्कूल के रूप में विकसित करने की शुरूआत
    मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नारी शिक्षा व सुरक्षा को आगे बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमने तो आंगनवाड़ी के स्तर से ही शिक्षा की बुनियाद रखने की पहल की है। आमतौर पर आंगनवाड़ी को शिशुओं के पोषण आहार प्रदाय का केन्द्र माना जाता है, लेकिन हमने आंगनवाड़ी को नर्सरी-प्ले स्कूल के रूप में विकसित करने का काम शुरू किया है। महात्मा गांधी नरेगा में कन्वरजेंस से आंगनवाड़ी केन्द्रों का निर्माण किया जा रहा है। हर जिले में कन्या महाविद्यालय तथा कन्या छात्रावास खोलने का लक्ष्य रखा है, जहां नहीं है, उसके लिए हमने अपने तीनों बजटों में प्रावधान रखा है।
    महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम हेतु 370 थानों में महिला हेल्प डेस्क संचालित
    एक हजार माध्यमिक विद्यालयों तथा 74 कन्या छात्रावासों में बालिकाओं को जूडो-कराटे का प्रशिक्षण
    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक हजार माध्यमिक विद्यालयों तथा 74 कन्या छात्रावासों में बालिकाओं को जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं तथा स्वच्छता दीदियों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। घरेलू हिंसा से संरक्षण के लिए प्रत्येक जिले में नवा बिहान योजना के तहत संरक्षण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। शिक्षा का अधिकार के तहत 12वीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की गई है, जिसका लाभ बालिकाओं को भी मिल रहा है। कन्या छात्रावास तथा आश्रमों में महिला होमगार्ड के 2 हजार 200 नए पदों का सृजन किया गया है। नए बजट में 9 नवीन कन्या छात्रावासों की स्थापना का प्रावधान किया गया है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की साक्षरता दर कम रही है। राष्ट्रीय स्तर पर साक्षरता अभियान नहीं चलाए जाने के कारण राज्य को होने वाले नुकसान की भरपाई हमारी नई ‘पढ़ाई-लिखाई योजना’ की जाएगी, जिसका लाभ महिलाओं को होगा। महिला पुलिस तथा स्वयंसेविका योजना के तहत महिला अधिकारों के संरक्षण के लिए दो जिलों में साढ़े चार हजार से अधिक स्वयंसेविकाएं काम कर रही हैं। यह प्रयोग सफल होने पर अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। बेटियों के जन्म को सकारात्मक रूप में लेने की प्रेरणा का संचार करने हेतु ‘कौशल्या मातृत्व योजना’ शुरू की जा रही है। योजना में दूसरी संतान के रूप में बेटी जन्म होने पर आर्थिक मदद की जाएगी। विभिन्न जिलों में कामकाजी महिला छात्रावास की स्थापना की जा रही है। हमने 2023 तक सभी 45 लाख ग्रामीण घरों में नलों से शुद्ध पानी पहंुचाने का लक्ष्य रखा है। मेरा मानना है कि इस सुविधा से महिलाओं को बहुत लाभ मिलेगा। महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए 370 थानों में महिला हेल्प डेस्क संचालित है।
    शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि और शिक्षकों के भविष्य की सुरक्षा के लिए शुरू की गयी स्थायी भर्ती
    लोकवाणी में राजिम की एकता राजानी ने अपने रिकार्डेड संदेश में कहा कि मुझे शिक्षा विभाग में सेवा का अवसर मिला है, 26 साल बाद स्थायी भर्ती शुरू हुई। पहले बैच में उनका चयन हुआ है। उन्हें स्थायी नियुक्ति पत्र भी मिल गया है। झरना धु्रव ने बताया कि वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवपुर में भृत्य के पद पर कार्य कर रहें हैं। उन्हें अनुकंपा नियुक्ति मिली है। एकता और झरना ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
    शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि और शिक्षकों के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रारंभ की गई स्थायी भर्ती
    मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार हमने स्थायी शिक्षक, शिक्षिकाओं की भर्ती के बारे में कहा था, जिसके दो प्रमुख कारण थे। एक तो शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि और दूसरा नौकरी कर रहे शिक्षकों के भविष्य की सुरक्षा। हमने लगभग 15 हजार पदों के विरुद्ध नियमित भर्ती की प्रक्रिया शुरू की तो कोर्ट से स्टे जैसी अनेक समस्याएं आ र्गइं। मुझे खुशी है कि अंततः सारी समस्याओं को हल करते हुए अब चयनित शिक्षक-शिक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र मिलना शुरू हो गया है। जिन लोगों को नियुक्ति पत्र मिल गया है, उन सबको मैं बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। हमने दो वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मियों के नियमितीकरण का वादा निभाया है, जिसका लाभ हमारी बहनों को मिला है। मिशन क्लीन सिटी परियोजना में 10 हजार महिलाओं को जोड़ा गया है। पुलिसकर्मियों की भर्ती की रुकी हुई प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसी तरह से विभिन्न विभागों में विभिन्न पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। मैं बताना चाहता हूं कि सरकारी सेवाओं में महिलाओं के अधिकार सुरक्षित रहें, इसके लिए हमने यह व्यवस्था की है कि भर्ती, पदोन्नति, दस्तावेजों की छानबीन आदि कार्यों के लिए जो भी समितियां बनाई जाएंगी, उनमें एक महिला प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से रहंेगी। महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की सुविधा सुनिश्चित की गई है।
    लोकवाणी में अनेक ग्रामीण महिलाओं ने ग्रामीण और वनांचलों के महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के लिए संचालित की जा रही योजनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। खिलेश्वरी सतनामी ने अपने संदेश में बताया कि वे बिहान योजना के एमयूसी नारी में हथकरघा का कार्य करती हैं और इस कार्य से आत्मनिर्भर और सक्षम बन चुकी हैं। धमतरी जिले के कुरूद के ग्राम मरौद की सुनीता साहू ने बताया कि वे बिहान योजना के तहत संजीवनी स्व-सहायता समूह में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक में बैंक सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें 20 से 25 हजार रूपए मंथली आय हो रही है। ग्राम नारी की बसंती चक्रधारी बिहान योजना के इम्यूसी नारी में माटीकला का कार्य करती हैं। अब वे भी आत्मनिर्भर हो चुकी हैं। ग्राम हंचलपुर की सुषमा मेश्राम महामाया कृषि समूह में सचिव हैं और वे वर्मी खाद का उत्पादन कर रहे हैं। अभी हम लोग वर्मी खाद बनाकर बेचते भी हैं। गांव के किसान भी लेकर जाते हैं और बाहर के किसान भी आते हैं। अभी तक उनका समूह 286 क्विंटल वर्मी खाद बेच चुका है, जिसकी राशि 2 लाख 50 हजार 600 रूपए है। उन्होंने बताया कि हम लोग वर्मी केंचुआ का भी उत्पादन कर रहे हैं, उसको भी बेच चुके हैं। हम लोग 25 क्विंटल वर्मी केंचुआ बेच चुके हैं और उसका राशि है 5 लाख 900 रुपए। वर्मी वाश भी बन रहा है, उसको भी 30 रुपए प्रति लीटर की दर से बेचेंगे।
    प्रदेश में 20 लाख 2 हजार गरीब परिवारों की एक लाख 85 हजार महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी
    मुख्यमंत्री ने इन महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि जब मैं गांव-गांव का दौरा करता हूं तो आपका यह उद्बोधन मुझे बहुत रोमांचित करता है, बहुत उत्साह जगाता है। मुझे खुशी है कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत प्रदेश में 20 लाख 2 हजार गरीब परिवारों की एक लाख 85 हजार महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ गई हैं। आप लोगों के द्वारा एक से बढ़कर एक कार्य किए जा रहे हैं। अपनी मौलिकता, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कौशल और संसाधनों का उपयोग आप लोग जिस खूबसूरती से कर रहे हैं, उसकी जितनी तारीफ की जाए, वह कम है। वास्तव में आप लोगों ने मातृशक्ति शब्द को सार्थक करके दिखाया है। आप में से साढ़े तीन हजार बहनें बीसी सखी के रूप में चलता-फिरता बैंक बन गई है। हमारी ग्रामीण महिलाओं का यह कायाकल्प और उनकी सूझबूझ का विस्तार बहुत उम्मीद जगाने वाला है। आपकी प्रतिभा, लगन और मेहनत को देखते हुए नए बजट में मैंने रूरल इंडस्ट्रियल पार्क और सी-मार्ट स्टोर जैसी नई अवधारणा को शामिल किया है। शहरों में पौनी-पसारी योजना और गांवों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के सफल संचालन के पीछे वास्तव में नारी की शक्ति होगी। मुझे विश्वास है कि आप सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ में छोटी-छोटी पूंजी और थोड़ी-थोड़ी उद्यमिता को मिलाकर एक नई आर्थिक क्रांति का जन्म होगा। यह आर्थिक क्रांति विकास का एक टिकाऊ मॉडल बनकर पूरी दुनिया में नाम कमाएगी।
    लोकवाणी में अनेक महिलाओं ने सुराजी ग्राम योजना से उन्हें मिल रहे फायदे के बारे में किरण लता साहू ने बताया कि उनका जय भवानी महिला स्व-सहायता समूह सुराजी ग्राम योजना में बंजर पड़ी जमीन पर लेमनग्रास, एलोविरा, पोदीना की खेती के साथ सब्जी उगा रहे हैं। इससे समूह की 10 महिलाओं को हर माह पांच से छह हजार रूपए की आमदनी होती है। ग्राम पंचायत भटगांव के जय भवानी महिला स्व-सहायता समूह की महिला सदस्य ने बताया कि उनके समूह लेमनग्रास के साथ गेंदा के फूल और सब्जी की खेती कर रहें हैं। इससे उसे अच्छे फायदे हो रहा है। दंतेवाड़ा की फुलमावा बाई ने बताया कि उनके पति का देहांत वर्ष 2014 में हो गया था। उन्हें सक्षम योजना में एक लाख रूपए की सहायता मिली जिससे उन्हें नास्ते की एक छोटी दुकान खोली है। दुकान से उन्हें प्रतिदिन 700 से 800 रूपए की आमदनी होती है। इससे परिवार का पालन पोषण अच्छे से हो पाता है। ग्राम भूतहा की कमलेश्वरी यादव ने बताया कि उनका जय दुर्गा महिला स्वसहायता समूह खेती बाड़ी करता है। उद्यानिकी विभाग से मिर्ची, प्याज, बीज के मिनीकिट मिले हैं। इससे उन्हें थोड़ी बहुत आमदनी होती है और वे लोग रोजगार गारंटी योजना में भी काम करते हैं।
    योजनाओं में माताओं-बहनों की भागीदारी से ही मिल रही है सफलता
    मुख्यमंत्री ने इन महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि किरण जी, फुलमावा बाई जी, कमलेश्वरी जी, आप लोगों की सफलता की कहानी सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा। चाहे सुराजी ग्राम योजना हो, मल्टीयूटीलिटी सेंटर की योजना हो, सक्षम योजना हो, छत्तीसगढ़ महिला कोष हो, स्वावलम्बन योजना हो या दिशा-दर्शन योजना हो। ऐसी तमाम योजनाओं का उद्देश्य है कि आप अपनी परिस्थिति तथा अवसर के अनुसार आजीविका का साधन चुनें। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत कुल विक्रेताओं में लगभग 45 प्रतिशत की भागीदारी महिलाओं की है। इस तरह मुझे यह कहते हुए खुशी है कि हमारी योजनाओं में माताओं-बहनों की भागीदारी से ही सफलता मिल रही है, इसके लिए मैं आप सबको धन्यवाद देता हूं।
    छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में एक ही दिन में 3229 बेटियों के विवाह का बना कीर्तिमान
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत शासकीय नारी निकेतन की बहन सुशीला कंवर दीदी के विवाह पर प्रसन्नता प्रकट करते हुए कहा कि निश्चित तौर पर यह मेरे लिए सौभाग्य और प्रसन्नता का विषय है। हर मां-बाप का सपना होता है कि उसकी बेटी का विवाह अच्छे से हो और यदि कोई बेटी संकट में है तो सरकार और समाज की जिम्मेदारी है कि वह माता-पिता की भूमिका निभाए। मुझे यह कहते हुए संतोष होता है कि हमने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सामान्य जोड़े के लिए सहायता राशि 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार और दिव्यांगजन के लिए 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपए की है। मैं चाहूंगा कि सभी बेटियां अपने नए घर-संसार में सुखी रहें। उल्लेखनीय है कि 27 फरवरी 2021 को इस योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह में 3 हजार 229 बेटियों के हाथ पीले किए गए। गोल्डन बुक ऑफ रिकार्ड में छत्तीसगढ़ के नाम यह कीर्तिमान दर्ज किया गया।
    बिलासपुर कोटा की एकता गुप्ता ने राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान प्रारंभ की गयी योजनाओं शिक्षा के क्षेत्र में पढ़ाई तुंहर दुआर, जड़ी बूटियों का संग्रहण, पारंपरिक वैद्यों के ज्ञान को बढ़ावा, छत्तीसगढ़ लोक स्वास्थ्य परंपरा के पुनरुद्धार के साथ हर्बल औषधियों का निःशुल्क वितरण जैसी योजनाओं और महिलाओं के लिए चलाई जा रही दाई बेटी योजना जैसी योजनाएं को सराहनीय बताया। उन्होंने अपने रिकार्ड किए गए संदेश में कहा कि बहुत सारी जगहों पर ट्रेन और बस के साधन आज भी संचालित नहीं हो रहे हैं, कोरोना के कारण ट्रेन और बस अभी छोटे शहरों और अंचलों में जो बंद हैं, उसे थोड़ा जल्दी चालू किया जाए।
    महिलाओं ने कोविड-19 में घर गृहस्थी के साथ आजीविका संभालने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई
    मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कहा कि निश्चित तौर पर कोरोना-कोविड-19 देश और दुनिया के लिए एक नए तरह का संकट था। इस संकट से निपटने में हमें जो सफलता मिली है, उसमें नारी शक्ति का बड़ा योगदान है। अपने परिवार को संभालने, घर-गृहस्थी के साथ आजीविका संभालने की जिम्मेदारी आप लोगों ने बखूबी निभाई है। इस दौरान हमारे गांवों में खेती-किसानी का काम भी हुआ, जंगलों में वनोपज संग्रह, महात्मा गांधी नरेगा के तहत रोजगार, आंगनबाड़ी तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में महिलाओं का योगदान अभूतपूर्व रहा है। जहां तक ट्रेन व बस सुविधाएं शुरू करने का सवाल है तो मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि हम अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहे हैं कि भारत सरकार जितनी जल्दी रेल परिवहन को सामान्य करें। राज्य सरकार के स्तर पर हम पूरा सहयोग करेंगे, वहीं प्रदेश में बस सेवाएं सामान्य करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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