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कर्णेस्वर मेला महोत्सव ट्रस्ट के प्रतिनिधि मंडल ने सिहावा विधायक डॉ लक्ष्मी ध्रुव के नेतृत्व में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर माँघी पूर्णिमा के अवसर पर नगरी के सिहावा कर्णेश्वर धाम में आयोजित पांच दिवसीय मेला महोत्सव के लिये आमन्त्रित किया।
मुख्य मंत्री ने कर्णेस्वर महादेव के दर्शन के लिये आने की सहमति जताई।
ट्रस्ट की मांग पर मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने पांच दिवसीय मेला महोत्सव के संचालन के लिये पांच लाख रुपये अनुदान की स्वीकृति भी प्रदान की।
प्रतिनिधि मंडल में विधायक डॉ लक्ष्मी ध्रुव के साथ ट्रस्ट अध्यक्ष विकल गुप्ता,लखन लाल ध्रुव, रवि दुबे,कमलेश मिश्रा, शिव कुमार परिहार,रुद्रप्रताप नाग,नागेन्द्र शुक्ला,निकेश ठाकुर,प्रकाश बैस, योगेश साहू, भरत निर्मलकर, रामप्रसाद मरकाम ,पंकज ध्रुव,मिलेश्वर साहू शामिल थे।
दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / दंतेवाड़ा जिले के नकुलनार थाना क्षेत्र अंतर्गत आज हुए सड़क हादसे में मृत दो व्यक्तियों के परिजनों को जिला प्रशासन की ओर से 2-2 लाख रूपए की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा रही है। इसमें से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बड़े बचेली द्वारा 50-50 हजार रूपए की तत्कालिक सहायता मृतकों के परिजनों को प्रदान कर दी गई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है साथ ही उन्होंने इस घटना में घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश जिला प्रशासन के अधिकारियों को दिए हैं।
गौरतलब है कि दंतेवाड़ा जिले के नकुलनार थाना क्षेत्र में आज दो ट्रकों की आपस में भिडं़त होने से उसमें सवार दो लोगों की मृत्यु और कुछ ग्रामीण घायल हो गए थे। घायलों को उपचार के लिए बचेली और किरंदुल के अस्पतालों में भर्ती किया गया है, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
दंतेवाडा / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दंतेवाड़ा स्थित हाईस्कूल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में जिले को 614 करोड़ रूपए से अधिक राशि के विकास कार्यों की सौगात दी। आम सभा में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने 514 करोड़ 14 लाख रूपए लागत के एक हजार 296 विकास कार्यों का शिलान्यास किया तथा लगभग 100 करोड़ की लागत से 275 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने जिन विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया उनमें मुख्य रूप से वन विभाग दन्तेवाड़ा के 2 करोड़ 74 लाख रूपए की लागत से स्वीकृत 4 कार्य, स्वच्छ भारत मिशन जिला पंचायत के 2 करोड़ 24 लाख लागत के 80 विकास कार्य, मनरेगा, डीएमएफ तथा अन्य योजनाओं के अभिसरण अन्तर्गत कुल 30 करोड़ 91 लाख रूपए लागत के 692 विकास कार्य, ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के कुल 35 करोड़ 04 लाख रूपए के 18 विकास कार्य, जल संसाधन विभाग के कुल 8 करोड़ 83 लाख रूपए के 03 विकास कार्य, स्वास्थ्य विभाग के 06 कार्य लागत 03 करोड़ 32 लाख रूपए, समस्त नगर पालिका किरन्दुल, गीदम, बारसूर बचेली में 1 करोड 67 लाख रूपए की लागत से 13 विकास कार्य, आदिवासी विकास विभाग के 7 करोड़ 69 लाख रूपए की लागत से 04 विकास कार्य, कार्यालय जनपद पंचायत दन्तेवाड़ा के 6 करोड़ 73 लाख की लागत के 08 विकास कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 100 करोड़ रूपए की लागत के 275 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इन कार्यों में वन विभाग दन्तेवाड़ा के 03 करोड़ 97 लाख रूपए की लागत के स्वीकृत 43 कार्य, ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के 9 करोड़ 46 लाख रूपए की लागत के स्वीकृत 05 कार्य, महात्मा गांधी मनरेगा, देवगुड़ी के स्वीकृत 01 कार्य कुल राशि 10 करोड़ 29 लाख, समाज कल्याण विभाग में स्वीकृत 01 कार्य कुल राशि 48 करोड़, समस्त नगर पालिका परिषद दन्तेवाड़ा, किरन्दुल, में स्वीकृत कार्य 08 कार्य कुल राशि 3 करोड़ 3 लाख, कार्यालय जनपद पंचायत गीदम में स्वीकृत 10 कार्य कुल राशि 4 करोड़ 9 लाख, स्वास्थ्य विभाग के 04 स्वीकृत कार्य कुल राशि 4 करोड़ 29 लाख, अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग दन्तेवाड़ा के स्वीकृत 28 कार्य कुल राशि 7 करोड़ 57 लाख रूपए, जनपद पंचायत कुआकोण्डा में 5 करोड़ 39 लाख रूपए की लागत के स्वीकृत 70 कार्य, जनपद पंचायत कटेकल्याण में स्वीकृत 3 करोड़ 29 लाख रूपए लागत के 32 कार्य, जनपद पंचायत दन्तेवाड़ा में 20 करोड़ रूपए की लागत का स्वीकृत एक कार्य शामिल हैं।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राजस्व व जिला प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल, लोकसभा सांसद दीपक बैज, बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम मंड़ावी, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, संसदीय सचिव रेखचन्द जैन, विधायक श्रीमती देवती कर्मा, विधायक चित्रकोट राजमन बेंजाम क्रेडा के अध्यक्ष मिथलेश स्वर्णकार, कमिश्नर जी.आर. चुरेन्द्र, आईजी सुन्दरराज पी., कलेक्टर दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दंतेवाड़ा में सड़क मार्ग से करीब 50 किलोमीटर का सफर तय कर लिया विकास कार्यों का जायजा
बस्तर / शौर्यपथ / बस्तर संभाग के अति संवेदनशील क्षेत्रों में आज विकास की नई बयार बह रही है। अति संवेदनशील जिलों में से एक दंतेवाड़ा जिले की बदलती तस्वीर देखने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज करीब 50 किलोमीटर का रास्ता सड़क मार्ग से तय कर विभिन्न विकास कार्यों व नवाचार का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री बघेल अपने 2 दिवसीय दन्तेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान आज पहले दिन दंतेवाड़ा जिले के गीदम स्थित हेलीपेड से उतरकर हारम स्थित डेनेक्स (दन्तेवाड़ा नेक्स्ट) का शुभारंभ किया और रेडीमेड गारमेंट फैक्ट्री में महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे रेडीमेड वस्त्रों की सिलाई सहित फैक्ट्री में उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। इसके उपरांत वे सड़क मार्ग से होते हुए ग्राम गामावाड़ा के देवगुड़ी में सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोंद्धार का शुभारंभ किया। उन्होंने वहां समाज प्रमुखों के साथ भोज में शामिल हुए। इसके बाद वे सड़क मार्ग से वे पातररास पहुँचे जहाँ सर्व छत्तीसगढिया समाज एकता परिसर का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री बघेल पातररास के उपरांत जिला मुख्यालय के हाईस्कूल मैदान में आयोजित आमसभा में शामिल हुए।
बस्तर संभाग के सातों जिलों में होगा देवगुड़ियों का कायाकल्प: विकास के साथ-साथ संस्कृति से जुड़ना भी जरूरी , दन्तेवाड़ा हाई स्कूल मैदान में आमसभा सम्पन्न
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि नवा छत्तीसगढ़ और नवा-दंतेवाड़ा गढ़ने में दंतेवाड़ा जिले की माताएं और बहनें आगे बढ़कर काम कर रही हैं। अब जिले को मां दन्तेश्वरी के नाम से ही नहीं यहां की माताओं और बहनों के नाम से भी जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाया है। जिले को नयी पहचान दिलाने के लिए डैनेक्स नाम से गारमेंट तैयार कर रही है। दंतेवाड़ा को गारमेंट हब के रूप में विकसित करने 04 नवा दंतेवाड़ा गारमेंट फैक्ट्री तैयार की जा रही है। डैनेक्स (दंतेवाड़ा नेक्स्ट) में तैयार गारमेंट की सप्लाई पूरे देश में होगी। श्री बघेल आज जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा में आम सभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास जितना जरूरी है, अपनी संस्कृति को बचाए रखना भी उतना ही जरूरी है। देवगुड़ियों के कायाकल्प की शुरुआत गमावाड़ा से हुई है, बस्तर संभाग के सातों जिलों में देवगुड़ियों का कायाकल्प किया जाएगा। उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों और बच्चों को कुपोषण और एनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए सुपोषण अभियान की शुरूआत दंतेवाड़ा जिले से की गई थी। केवल 10 माह में कुपोषण की दर घटाने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। सुपोषण अभियान से छत्तीसगढ़ में एक वर्ष में 99 हजार बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए हैं तथा 20 हजार महिलाएं एनीमिया से मुक्त हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 40 सालों से लंबित बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना को फिर से शुरु करने की पहल सरकार ने की है। इस योजना के पूरी होने से न सिर्फ दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले के किसानों का जीवन पूरी तरह बदल जाएगा, बल्कि इसका लाभ नारायणपुर और कोण्डागांव जिले तक मिलेगा। वनांचल क्षेत्र के किसानों और वनवासियों की आय बढ़ाने शासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रुपया मानक बोरा किया गया। वनांचल क्षेत्रों में 52 तरह के लघु वनोपज समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे हैं। कोरोना-काल में वनवासियों की आय प्रभावित न हो, इसलिए लॉकडाउन के दिनों में भी छत्तीसगढ़ में वनोपज इकट्ठा करने का काम बंद नहीं होने दिया गया। जिसके फलस्वरूप लॉकडाउन के समय छत्तीसगढ़ में देश का सबसे ज्यादा लघु-वनोपज संग्रह किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन-भूमि पर वर्षों से काबिज किसान जमीनों के पट्टे बांटने का काम तत्परता से किया है। व्यक्तिगत पट्टों के साथ-साथ, सामुदायिक पट्टे और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार भी दिया है। वनभूमि के पट्टे देने के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में अव्वल है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति को भूमिहीन नहीं रहने दिया जाएगा, जिन लोगों के पास जमीन नहीं है, उन्हें भी जमीन दी जाएगी। साथ ही सरकार द्वारा जल्द ही कोदो-कुटकी का भी समर्थन मूल्य घोषित किया जाएगा। कोदो-कुटकी प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव-गांव में गोठानों का निर्माण किया जा रहा, ताकि पशुओं की देखभाल अच्छी तरह हो, फसलों को चराई से होने वाला नुकसान रुके और दूध का उत्पादन भी बढ़े। इन गोठानों का विकास आजीविका केंद्रों के रूप में भी किया जा रहा है, जहां स्व सहायता समूह की हजारों माताएं-बहनें तरह-तरह की गतिविधियों से आय प्राप्त कर रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार दुनिया की पहली सरकार है, जो दो रुपए किलो में गोबर खरीद रही है। जिन लोगों के पास न पशुधन है, न जमीन, वे भी आज गोबर इकट्ठा कर आय प्राप्त कर रहे हैं। पहले लोग धान बेचकर मोटरसाइकिल खरीदते थे, अब तो गोबर बेचकर ही मोटरसाइकिल और जेवर खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम में पढ़ सकें इसके लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना शुरु की गई है। इस योजना के तहत अभी 52 स्कूल संचालित हो रहे हैं। अगले साल से 100 और स्कूल शुरु किया जाएगा।
कार्यक्रम को उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल, सांसद दीपक बैज, स्थानीय विधायक श्रीमती देवती कर्मा, विधायक मोहन मरकाम ने भी संबोधित किया और प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं, जनहितैषी निर्णय एवं फैसलों की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जन प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
बेमेतरा / शौर्यपथ / रविवार को भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ महिला मोर्चा कार्यकारणी की घोषणा हुआ जिसमें प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने बेमेतरा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जोशी की अनुशंसा पर 4 लोगों को स्थान दिया। लता वर्मा को महिला मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया तो वही दुर्गा सोनी, मधु राजपूत एवं सजनी यादव को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं सुनीता साहू को प्रदेश विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया। ज्ञात हो कि अभीतक महिला मोर्चा को मिलाकर भाजपा के 5 मोर्चाओं की घोषणा हो चुकी है, अब पिछड़ा वर्ग मोर्चा एवं युवा मोर्चा की घोषणा पर सभी की नजरें टिकी हुई है, देखना होगा की इनकी कमान किसे सौंपी जाती है। देखने को मिल रहा है कि इसबार की नियुक्तियों में पुराने चेहरों के साथ साथ युवाओं को भी नेतृत्व दिया गया है। नवनियुक्त प्रदेश कार्यकारणी सदस्य दुर्गा सोनी लंबे समय से भाजपा के लिए काम कर रही है। नवागढ़ विधानसभा में महिलाओं को एकत्रित करने की जवाबदारी को उन्होंने बखूबी निभाया है। आला कमान ने उनके अनुभव के आधार पर बढ़ी जवाबदारी सौपी है।
घोषणा पर जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जोशी ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश नेतृत्व में मत्वपूर्ण दायित्व इन्हें दिया है। हम उम्मीद करते है कि इनका प्रदर्शन बेहतर होगा और जिले में महिलाओं को अधिक से अधिक संख्या में पार्टी की विधारधारा से जोड़ने में हम सफल होंगे। इन सभी मे नेतृव क्षमता भरपूर है अब समय है जवाबदेही के निर्वहन का । भाजपा जिला महामंत्री विकास धर दीवान ने कहा कि इन सभी बीते समय मे पार्टी के लिए निश्वार्थ काम किया है, जिसके चलते इन्हें दायित्व मिला है, निश्चित ही बेमेतरा जिला में महिला मोर्चा मजबूती से कार्य करेगी।
दुर्गा सोनी ने प्रदेश अध्यक्ष राजपूत, जिलाध्यक्ष जोशी एवं जिला महामंत्री विकास दीवान को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने मुझे इस दायित्व के लायक समझा है,जिसके लिए मैं आभारी हूँ। हम सभी एकजुटता से महिला शक्ति को आगे लाने के लिए कार्य करेंगे।
जिले के शहरी क्षेत्रों में मंत्री,विधायक, कलेक्टर, वजन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने बच्चों को संरक्षित करने सक्रिय भागीदारी की। जिला अस्पताल में आज ही जन्में 11 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई।
.पल्स पोलियो की दवा पिलाने में पालकों ने दिखाया उत्साह
दुर्ग / शौर्यपथ / 31 जनवरी राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान के प्रथम चक्र के प्रथम दिवस पर आज मंत्री ताम्रध्वज साहू, नगर निगम दुर्ग धीरज बाकलीवाल, एवं अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती शालिनी यादव , विधायक दुर्ग शहर एवं अध्यक्ष वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन अरूण वोरा द्वारा जिला चिकित्सालय दुर्ग में, तथा डॉ एस के ईशर प्रभारी निर्देशक सेक्टर 09 एवं के के सिंग ईडीपीएण्डए भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा सिनियर सेकेण्डरी स्कूल सेक्टर 10 में पोलियो ड्रॉप पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया गया।
मुख्यालय के विकासखंड पाटन अंतर्गत ग्राम भनसुली के पोलियो बुथ में म अशोक साहू उपाध्यक्ष जिला पंचायत दुर्ग व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाटन में भूपेन्द्र कश्यप,अध्यक्ष नगर पंचायत पाटन द्वारा एवं धमधा में श्रीमती सुनिता गुप्ता नगर पंचायत अध्यक्ष धमधा तथा विकासखंड निकुम दुर्ग अंतर्गतदेवेन्द्र देशमुख, अध्यक्ष जनपद पंचायत दुर्ग द्वारा टीकाकरण बूथों में उपस्थित होकर पोलियो ड्रॉप पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया गया।
पल्स पोलियो अभियान के प्रथम चरण में कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं अधिकारी डॉ गभीर सिंह ठाकुर व जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ सुदामा चन्द्राकर के मार्गदर्शन में जिले में निर्धारित आयु वर्ग के लगभग 73 प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर प्रतिरक्षित किया गया। कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे द्वारा समय.समय पर अभियान की जानकारी एवं उपलब्धि के विषय में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जानकारी लेते हुए सम्पूर्ण सफलता हेतु आवश्यक निर्देश देते रहे।
जिला स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रम अधिकारियों द्वारा प्रात: से शहरी क्षेत्र नगर निगम दुर्गध्भिलाई एवं विभिन्न विकासखण्डों के ग्रामों के टीकाकरण बुथों में मॉनिटरिेंग की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ गंभीर सिंह ठाकुर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ एस आर चंद्राकर, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ सी बी एस बंजारे ने भिलाई टाउनशिप क्षेत्र, डॉ सुगम सावंत ने नगर निगम क्षेत्र भिलाई, डॉ आर के खंडेलवाल ने दुर्ग नगर निगम क्षेत्र, डॉ अनिल शुक्ला ने विकासखण्ड धमधा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम सुश्री पी मजुमदार एवं डॉ प्रज्ञा सोनटेके ने जामुल एवं चरोदा क्षेत्र डॉ रश्मि भोसलेने विकासखंड पाटनमें एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं द्वारा भ्रमण कर मॉनिटरिंग की।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ एस आर चन्द्राकर ने बताया कि अभियान के द्वितीय व तृतीय दिवस 01 व 02 फरवरी 2021 को टीकाकरण दल जिनमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आंगनबाडी कार्यकर्ता, मितानिन, कोटवार आदि द्वारा जिले के कुल 3.24 लाख घरों का भ्रमण कर अभियान के प्रथम दिवस को निर्धारित बुथ में न आने वाले छुटे हुए बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाया जायेगा। साथ ही 31 जनवरी को जिला अस्पताल दुर्ग मेंआज ही जन्म लिए 11नवजात शिशुओं में श्रीमती अंजली यादव डोंगरगढ ने पुत्र, श्रीमती सरिता डोंगरे गंजपारा दुर्ग ने पुत्री, श्रीमती मनीषा कसारीडीह दुर्ग ने पुत्री,श्रीमती प्रिया ग्राम डुंडेरा दुर्ग ने पुत्र, श्रीमती हेमकुमारी देवकर साजा ने पुत्री, श्रीमती पिंकी गंजपारा दुर्ग ने पुत्र, श्रीमती सोनम सेन बोरसी दुर्ग ने पुत्र, श्रीमती बबीता सेक्टर 9 भिलाई ने पुत्र, श्रीमती पूनम कैम्प 1 भिलाई ने पुत्री, श्रीमती संतोषी नाग भिलाई 3 ने पुत्र, श्रीमती मनीषा कैम्प 2 की पुत्र को पोलियो ड्राप पिलाया गया तथा सेक्टर 9 बी एस पी अस्पताल, निजि नर्सिंग होम में नवजात बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाया गया। इसके अलावा शहरी क्षेत्र दुर्ग व भिलाई के रेल्वे स्टेशन व ओवर ब्रिज के आसपास के झुग्गी झोपड़्ी में मोबाईल टीम विशेष रूप से भ्रमण की। ग्रामीण क्षेत्रों के मेलें एवं मड़ई स्थलोंए ईट भट्टी व फैक्ट्री क्षेत्र के आसपास, बाडी, नदी के किनारे की बसाहट में टीकाकरण दल द्वारा भ्रमण कर पोलियो खुराक पिलाई गई तथा 01 एवं 02 फरवरी को इन क्षेत्रों में पिलाई जायेगी।
भिलाई / शौर्यपथ / कब्रिस्तान हैदरगंज कैम्प-1 में इन दिनों ठेकेदार द्वारा आधा-अधूरा काम छोड़ दिए जाने के कारण ईंट, रेती-गिट्टी और टाइल्स यहां वहां बिखरा हुआ है। यहां हर रोज मैय्यत लेकर आने वाले शोकाकुल परिजन इसके चलते चोटिल हो रहे हैं। आगामी दिनों में शब-ए-बराअत का त्यौहार है और इसके पहले कब्रिस्तान में अव्यवस्था का आलम है। इस अधूरे काम के कारण मुस्लिम समाज में बेहद आक्रोश है। कब्रिस्तान इंतेजामिया कमेटी ने इस संदर्भ में नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात की और उन्हें समस्या से रूबरू कराया तथा तत्काल काम शुरू करवाने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि जोन क्रमांक-2 के अंतर्गत वार्ड-19 स्थित कब्रिस्तान में बाऊंड्री वाल, वुजू खाना और कब्र खोदने वाले गोरकुन का आवास निर्माण करने के अलावा कब्रों तक पहुंच मार्ग में पेवर ब्लॉक लगाने और कब्रिस्तान के भीतर उचित प्रकाश व्यवस्था करने छत्तीसगढ़ शासन ने राशि 92.62 लाख रूपए की स्वीकृति दी थी। जिसमें 18 नवंबर 2019 को प्रथम किस्त की राशि 39.10 लाख जारी होने पर कमेटी ने जरूरी औपचारिकताओं के बाद 26 जनवरी 2020 को संगे बुनियाद (आधारशिला) रखवाई और इसके साथ ही निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य प्रारंभ किया गया। इसमें पेवर ब्लॉक कार्य व आवास निर्माण शुरू भी कर दिया गया। परंतु सड़कों पर पेवर ब्लाक व आवास का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ कर विगत 2 माह से कार्य बंद है।
कमेटी के ओहदेदारों ने आयुक्त को बताया कि निगम के ठेकेदार ने मनमाफिक काम कर लापरवाही दिखाते हुए मटेरियल वैसे ही छोड़ कर चले गया है और जोन क्रमांक-2 इंजीनियरों ने यहां आकर कभी मौका-मुआयना भी नहीं किया है। पेवर ब्लाक बिछाने के बाद किनारे को सीमेंट-रेत के मसाले से अच्छी तरह लॉक किया जाना था, जिससे कि पेवर न उखड़े। ठेकेदार ने महज कुछ जगह पर इसे लॉक किया है लेकिन ज्यादातर जगह ऐसे ही छोड़ दिया है। जिससे पेवर ब्लॉक उखड़ रहे हैं।
कमेटी के ओहदेदारों ने बताया कि यहां रोजाना मैय्यत होने की हालत में सैकड़ों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। जगह-जगह बिल्डिंग मटेरियल गिरा होने और निर्माण कार्य अधूरा होने से लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शोकाकुल परिजन कई बार इन आधे-अधूरे निर्माण की वजह से हादसों का शिकार होकर चोटिल हो चुके हैं।
कमेटी ने आयुक्त से मांग की है कि मुस्लिम कब्रिस्तान में अपने दिवंगत परिजनों की याद में मनाए जाने वाले त्यौहार शब-ए-बराअत के पहले विकास कार्य फिर से शुरू किया जाए। हर साल शब-ए-बराअत पर दुर्ग-भिलाई से 50 हजार से ज्यादा लोग इस कब्रिस्तान में अपने दिवंगत परिजनों की कब्र पर दुआएं करने पहुंचते हैं। इस साल यह त्यौहार 19 मार्च को है।
आयुक्त से चर्चा करने व ज्ञापन सौंपने गए प्रतिनिधिमंडल में कब्रिस्तान इंतेजामिया कमेटी के प्रतिनिधि मंडल में सदर शमशीर कुरैशी, अब्दुल वहीद, मोहम्मद रशीद खान, मुन्ना खान, शम्मी अशरफी, सलीम, मोहम्मद जफर, नासिर, सादिक कादरी, शादाब, सईद, शरफुद्दीन, कदीर रजा, अब्दुल हाफिज और वसीम रवानी सहित अन्य शामिल थे। कमेटी ने तय किया है कि इस लापरवाहीपूर्ण कार्य की शिकायत जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया और राज्य शहरी अभिकरण (सूडा) से भी की जाएगी।
दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाई से अलग होकर अस्तित्व में आये रिसाली नगर निगम के चलते कई समीकरण बदल गए हैं। इसी के चलते भिलाई नगर निगम के महापौर पद का आरक्षण बदलने की चर्चा है। ऐसा होने के पीछे भिलाई निगम के महापौर आरक्षण प्रक्रिया के बाद हुए विभाजन को कारण बताया जा रहा है। भिलाई निगम के महापौर का पद इससे अलग होकर बने रिसाली नगर निगम के अस्तित्व में आने से पहले प्रदेश के सभी निगमों के साथ कर दिया गया था। उस प्रक्रिया में भिलाई महापौर का पद अनारक्षित घोषित किया गया है लेकिन भिलाई नगर निगम में रिसाली निगम का विभाजन होने के बाद नियमत: भिलाई नगर निगम के महापौर पद का आरक्षण बदल सकता है। आरक्षण प्रक्रिया के बाद हुए निगम के विभाजन को आधार मानकर ऐसा किए जाने की जानकारी मिली है।
जिले के ही भिलाई-चरोदा नगर निगम के साथ भिलाई निगम के भावी महापौर पद के लिए ओबीसी की लाटरी निकाले जाने की संभावना जताई जा रही है। बताया जाता है कि रिसाली के रूप में प्रदेश का 14 वां नगर निगम गठन होने से ओबीसी अर्थात अन्य पिछड़ा वर्ग का कोटा बढ़ गया है। लिहाजा अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति के आरक्षण से मुक्त किसी एक नगर निगम के महापौर का पद ओबीसी को दिया जाना नियमों के तहत बंधनकारी है। अभी प्रदेश में चार नगर निगम का चुनाव होना शेष है। इसमें भिलाई के साथ रिसाली, बीरगांव तथा भिलाई-चरोदा नगर निगम शामिल है। भिलाई की तरह ही बीरगांव का महापौर पद आगामी चुनाव के लिए अनारक्षित घोषित है। जबकि भिलाई-चरोदा के महापौर पद को रिसाली निगम के गठन से पहले ही अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। लेकिन अब परिस्थितियां जातिगत आंकड़े के लिहाज से बदल गई है।
प्रदेश के 14 नगर निगम में से रिसाली निगम 17.52 प्रतिशत के साथ अनुसूचित जाति वर्ग के टॉप पर आ गया है। इस स्थिति में 15.73 प्रतिशत अनुसूचित जाति आबादी वाली भिलाई-चरोदा जातिगत आरक्षण से मुक्त हो जाएगी। लिहाजा अब भिलाई-चरोदा के महापौर पद का आरक्षण नये सिरे से करना जरुरी हो गया है। यही स्थिति विभाजन के चलते भिलाई निगम के साथ भी आन पड़ी है।
एक चौथाई ओबीसी घोषित करना जरुरी
नगर निगम आरक्षण नियमों के तहत प्रदेश के कुल 14 में से एक चौथाई को अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया जाना जरुरी है। पहले जब आरक्षण किया गया था, तब प्रदेश में 13 नगर निगम थे। इसमें से एक चौथाई का प्रतिशत 3.25 था। जिसके चलते धमतरी, राजनांदगांव और कोरबा नगर निगम को अन्य पिछड़ा वर्ग क लिए आरक्षित किया गया। जिसमें से राजनांदगांव को एक तिहाई नियम का पालन करते हुए लॉटरी निकालकर अन्य पिछड़ा वर्ग महिला घोषित किया गया। अब प्रदेश में रिसाली को मिलाकर 14 नगर निगम होने से अन्य पिछड़ा वर्ग की भागीदारी एक चौथाई के लिहाज से 3.50 प्रतिशत हो गया है। नियमों के तहत दशमलव के बाद 50 या उससे अधिक होने की स्थिति में उसे पूरा एक मानकर गणना की जाती है। इसके चलते अन्य पिछड़ा वर्ग के महापौर की एक सीट बढ़ाना पड़ेगा। इस बढ़ोतरी को जिन निगमों के चुनाव अभी शेष है उन्हीं में से अंजाम दिया जा सकता है। बीरगांव नगर निगम की सीमा में कोई बदलाव नहीं होने से वहां के महापौर का आरक्षण फिर से किया जाना जरूरी नहीं है। ऐसे में किसी एक निगम को अन्य पिछड़ा वर्ग घोषित किए जाने का फैसला भिलाई सहित भिलाई-चरोदा और रिसाली निगम के बीच ही लिए जाने का विकल्प नजर आता है। लेकिन अनुसूचित जाति की आबादी का औसत पूर्व से इस वर्ग के लिए आरक्षित रायगढ़ और भिलाई-चरोदा निगम से अधिक होने से रिसाली का महापौर पद जातिगत आरक्षण में जाना तय दिख रहा है। इस स्थिति में भिलाई-चरोदा का महापौर अनुसूचित जाति से मुक्त हो जाने से भिलाई निगम के साथ अन्य पिछड़ा वर्ग की लाटरी निकालकर महापौर पद को आरक्षित किये जाने का संकेत मिल रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
