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-राजस्व, खाद्य एवं सहकारिता विभाग की टीम धान खरीदी के दौरान स्टैकिंग कर रखे हुए बोरे का भौतिक सत्यापन करे : कलेक्टर
- शासकीय योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनसामान्य की आय में वृद्धि करें सभी विभाग
- नक्सल पीडि़तों के पुनर्वास के लिए भूमि आरक्षित रखें एसडीएम
- साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्न
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि जिले में 95 प्रतिशत किसानों से 760559.16 टन धान का विक्रय किया गया है। राजस्व, खाद्य एवं सहकारिता विभाग की एक टीम रहेगी, जो धान खरीदी के दौरान स्टैकिंग कर रखे हुए बोरे का भौतिक सत्यापन करेगी। यह टीम गंभीरता से यह कार्य करें और इसके साथ ही यह भी अवलोकन करे कि शेष बारदानों में कितने बारदाने उपयोग के लायक हैं। उन्होंने कहा कि एसडीएम यह सुनिश्चित करें कि अब तक कितनी मात्रा में धान की खरीदी की गई है, मिलर्स की जानकारी, मार्कफेड को कितना धान भेजा गया है, धान की गुणवत्ता, कितने धान की स्टैकिंग हुई है एवं डीओ कटने के बाद कितना धान समितियों में शेष रहेगा। निरीक्षण अधिकारी के लिए यह बेस लाईन रहेगा कि कितना धान शेष है, उस आधार पर मिलान किया जाएगा।
धान खरीदी के बाद धान को सुरक्षित रखने का कार्य धान उपार्जन केन्द्रों का है। चबूतरे मेें सिंगल लेयर और जहां चबूतरा नहीं है, वहां डबल लेयर बनाकर ड्रेनेज की व्यवस्था करें और धान की सुरक्षा के लिए कैप कव्हर लगाए। उक्त बातें कलेक्टर वर्मा ने साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कही। उन्होंने इस दौरान साप्ताहिक समय-सीमा में लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि कोविड-19 की जांच के लिए सैम्पल की संख्या बढ़ाए। विशेषकर गर्भवती महिलाओं का सैम्पल प्राथमिकता से करें। वैक्सीनेशन का कार्य गति पर है, जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या में कमी आई है और सभी कोरोना प्रोटोकाल का पालन करें। भारत शासन द्वारा खेल कार्यक्रम, सिनेमा घर एवं थियेटर, व्यापार मेला, प्रदर्शनी, ट्रेड फेयर, स्वीमिंग पुल के के संचालन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिसे ध्यान में रखते हुए कार्य करें।
उन्होंने जनपद सीईओ एवं पीओ मनरेगा से कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में नरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों में श्रमिकों की संख्या बढ़ाएं। ग्रामीणों को पर्याप्त रोजगार मिलना चाहिए। श्रमिकों को विशेषकर 100 दिन के रोजगार की संख्या में वृद्धि करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लापरवाही नहीं चलेगी और कार्य नहीं होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि श्रमिकों को होने वाले भुगतान की निरंतरता बनी रहे। उन्होंने कहा कि नक्सल पीडि़तों के पुनर्वास के लिए सभी एसडीएम एवं तहसीलदार भूमि आरक्षित कर रखें। नक्सल पीडि़तों के पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए यह कार्य प्राथमिकता से करें।
उन्होंने कहा कि शासन की यह मंशा है कि शासकीय योजनाओं के माध्यम से लोगों की आय में वृद्धि हो, इसके लिए सभी विभाग सहयोग एवं समन्वय से कार्य करें। गोधन न्याय योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी विभागों को वर्मी कम्पोस्ट विक्रय करने के लिए कहा।
कलेक्टर वर्मा ने कार्यपालन अभियंता खैरागढ़ सीएसईबी से ग्राम ठेलकाडीह में केबल, क्वाईल एवं तेल की चोरी होने के संबंध में जानकारी ली। कार्यपालन अभियंता ने बताया कि इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराया गया है। उन्होंंने सभी एसडीएम से चना की फसल के लिए मुआवजा वितरण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शेष राशि शीघ्र ही सरेंडर करें। उन्होंने लघु वनोपज खरीदी हर्रा, बहेरा, चिरायता, ईमली एवं अन्य लघु वनोपज संग्रहण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंंने खनिज अधिकारी को बंद बड़ी खदानों में जलाशय निर्माण के लिए सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध प्लाटिंग के प्रकरण का शीघ्र ही निराकरण करने के लिए एसडीएम से कहा। आकांक्षी जिला के संकेतक एवं एसडीजी के पैरामीटर के छत्तीसगढ़ स्टेट इंडिकेटर के लिए डाटा की एण्ट्री समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम मुकेश रावटे एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान विडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए एसडीएम एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी जुड़े रहे।
जिला पंचायत सीइओ ने किया निरीक्षण, लापरवाह दो सचिव, एक कृषि अधिकारी को नोटिस
बैकुण्ठपुर / शौर्यपथ / कलेक्टर कोरिया एस एन राठौर के मार्गदर्षन में गौठानों में वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। जिले में प्रथम व द्वितीय चरण में बन चुके सभी 135 गौठानों में गोबर खरीदी के साथ ही वर्मी टांको में कंपोस्ट बनाने का कार्य प्रगतिरत है। इस कार्य में गौठानांे में संलग्न स्व सहायता समूह की महिलाएं निरंतर कार्य कर रही हैं। कलेक्टर कोरिया राठौर द्वारा गोधन न्याय योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सतत निरीक्षण के निर्देष पर जिला पंचायत सीइओ ने गत दिवस बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत आधा दर्जन से ज्यादा ग्राम पंचायतों का आकस्मिक निरीक्षण किया।
इस दौरान कार्य के प्रति लापरवाह पाए जाने वाले दो ग्राम पंचायतों के सचिव और एक ग्रामीण कृषि विकास विस्तार अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देष दिए। अपने आकस्मिक निरीक्षण भ्रमण के दौरान के जिला पंचायत सीइओ ने ग्राम पंचायत जूनापारा के गौठान का निरीक्षण किया। जूनापारा गौठान में महिलाओं के स्व सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा के दौरान यहां उन्होेने खरीदे गए गोबर और उससे बनाए जा रहे वर्मी कंपोस्ट की प्रगति की जानकारी ली। यहां उन्होने महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं से बातचीत करते हुए कहा कि गोधन न्याय योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए महिलाओं की भागीदारी सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। समूह के माध्यम से जो महिलाएं योजना से जुड़ी हुई हैं उन्हे वर्मी कंपोस्ट का उठाव षुरू होते ही अच्छा आर्थिक लाभ मिलने लगेगा। वर्मी कपंोस्ट जल्द बनाकर बेचने से समूह को अच्छा आर्थिक लाभ प्राप्त होगा और आप सब आर्थिक संबल पा सकेंगे।
अब तक खरीदे जा चुके गोबर को जल्द से जल्द वर्मी खाद बनाने के लिए उन्होने यहां उपस्थित तकनीकी अमले को वैकल्पिक वर्मी बेड बनाए जाने के बारे में विस्तार से बताया। कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देषित करते हुए उन्होने कहा कि गोबर को वर्मी बेड में डालने से पहले डीकंपोज जरूर कर लें। साथ ही जमीन में बनाए जा रहे बेड में चीटिंयों आदि से सुरक्षा के साथ छाया की व्यवस्था जरूर कर लें। निरीक्षण भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत उमझर में बन रहे एसएचजी षेड कार्य का निरीक्षण करते हुए उन्होने इसे जल्द पूरा करने के निर्देष दिए। उन्होने कहा कि वर्मी बेड के साथ ही कंपोस्ट बनाने के लिए केंचुए की मात्रा का आंकलन करें ताकि जल्द ही खाद बनाने का काम प्रारंभ हो सके।
जिला पंचायत सीइओ ग्राम पंचायत नगर में बन रहे सार्वजनिक षौचालय निर्माण कार्य का निरीक्षण कर कार्य को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देष दिए। उन्होने कहा कि हाइवे के किनारे बन रहे षौचालय के निर्माण के साथ ही सड़क के किनारे इसके सूचना बोर्ड और अच्छे रंग-रोगन करें ताकि राजमार्ग से गुजरने वालों को इसकी जानकारी हो सके और वह इसका उपयोग कर सकें। विदित हो कि जिले मे ंमुख्य मार्गों के किनारे पांच जगहों पर सार्वजनिक षौचालय बनाए जा रहे हैं। इसके बाद उन्होने ग्राम पंचायत कार्यालय में दस्तावेजों का परीक्षण किया। ग्राम पंचायत सचिव से ग्राम सभा के कोरम, परिसंपत्ति रजिस्टर सहित विभिन्न पंजियों के बारे में जानकारी लेने के बाद उन्होने सभी दस्तावेजों को अद्यतन रखने के निर्देष दिए।
यहां उपस्थित ग्राम पंचायत सरपंच से भी चर्चा कर ग्राम स्तर की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। ग्राम पंचायत सलबा पहुंचकर जिला पंचायत सीइओ ने धान खरीदी के लिए बनाए जा रहे चबूतरे का अवलोकन किया। खाली पड़े भवन को उन्होने आवष्यक सुधार कार्य कराकर उसे बिहान के क्लस्टर कार्यालय हेतु देने के निर्देष दिए। ग्राम गौठान करहियाखांड में कार्य के प्रति लापरवाह पाते हुए ग्राम पंचायत सचिव साहिद खान और ग्रामीण कृषि विकास विस्तार अधिकारी मनीष माइकल को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देष दिए।
ग्राम पंचायत कटकोना के निरीक्षण के बाद यहां भी संरचनाओं के निर्माण में लापरवाही करने व निर्देषांे का सही पालन न करने पर उन्होने ग्राम पंचायत सचिव श्री रामसकल कुषवाहा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देष दिए। ग्राम पंचायत छिंदिया में चारागाह विकास योजना के तहत पूर्व में बने षेड को सुधार कर उसे भी उपयोग में लेने के निर्देष दिए। जिला पंचायत सीइओ के निरीक्षण भ्रमण के दौरान जनपद पंचायत सीइओ श्री संजय राय, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा, तकनीकी समन्वयक और कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा श्री प्रतीक सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस को सम्मानित किया गया है। उक्त सम्मान कोविड 19 लॉकडाउन के द्वारा कोविड पीड़ितों एवं प्रवासी कामगारों की मदद करने के लिए प्रदान किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस की प्रतिनिधि श्रीमती पूजा अग्रवाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस मुख्यालय को स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया गया। डीजीपी डी.एम. अवस्थी ने उक्त सम्मान मिलने पर सभी पुलिसकर्मियों को बधाई दी है।
दुर्ग / शौर्यपथ / कोविड के संकट के बीच मनरेगा योजना जिले के ग्रामीणों के लिए संजीवनी की तरह साबित हुई। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर कोरोना काल में मनरेगा के काम छत्तीसगढ़ के गाँवों में सबसे पहले शुरू हुए। दुर्ग जिले में देखें तो 66 करोड़ रुपए के श्रम दिवस का भुगतान मजदूरों को किया गया। फिलहाल 48 हजार मजदूर मनरेगा के लिए कार्य कर रहे हैं। ब्लाक वार इनकी संख्या देखें तो जनपद पंचायत दुर्ग में 12 हजार से अधिक मजदूर, धमधा ब्लाक में 23 हजार से अधिक मजदूर तथा पाटन जनपद में 13 हजार से अधिक मजदूर कार्य कर रहे हैं।
जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक ने बताया कि कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के मार्गदर्शन में पंचायतों में उपयोगी कार्यों का चिन्हांकन कर मनरेगा के कार्य कराए जा रहे हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत को सबसे उपयोगी कार्यों के चिन्हांकन के लिए कहा गया है। मनरेगा कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जलसंचय से संबंधित संरचनाओं पर ठोस कार्य हो रहा है। साथ ही ग्रामीण जरूरतों के मुताबिक उपयोगी संरचनाएं भी बनाई जा रही हैं।
3845 परिवारों को 100 दिन से अधिक का रोजगार- सीईओ ने बताया कि मनरेगा योजना के माध्यम से इस बार 3845 परिवारों को सौ दिनों से अधिक का रोजगार मिला है। साथ ही 40 परिवारों को एक सौ पचास दिनों का रोजगार भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि मनरेगा अंतर्गत जल संचय के लिए तालाब गहरीकरण कार्य, डबरी निर्माण, नया तालाब निर्माण, सोक पीट आदि के काम तो कराये जा रहे हैं। साथ ही पशुपालन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए भी विशेष कार्य कराये जा रहे हैं। इनमें बकरी शेड, मुर्गी शेड निर्माण जैसे कार्य प्रमुख हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हुई मनरेगा योजना- कोविड काल में मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था की गतिविधि चलती रही। यह कार्य उन लोगों के लिए विशेष तौर पर उपयोगी रहा जो लाकडाउन के चलते महानगरों को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में वापस लौट आए थे। क्वारंटीन पीरिएड काटने के बाद इन्होंने मनरेगा में मजदूरी की और इनकी आजीविका का आधार बना रहा।
सैनेटाइजेशन तथा सोशल डिस्टेंसिंग के साथ चलाई गई योजना- उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में सोशल डिस्टेसिंग तथा सैनेटाइजेशन जैसी गतिविधियों के साथ ही कार्य चलाया गया। सभी कार्यस्थलों में सैनिटाइजेशन का प्रयोग अनिवार्य था। इसके चलते मनरेगा से जुड़े कार्य भी बखूबी होते रहे। साथ ही लोगों को संक्रमण से दूर रखने में भी मदद मिली।
दुर्ग / शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षा के दौरान अनुपस्थित रहे अभ्यार्थी को चयन सूची में स्थान देकर चयनित करने के संबंधी पीएससी घोटाले तथा छत्तीसगढ़ सरकार में युवाओं के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा दुर्ग द्वारा 3 फरवरी 2021 को दिन बुधवार 1:00 बजे दुर्ग जिलाधीश को ज्ञापन सौंपेगी तथा 4 फरवरी को पीएससी का पुतला दहन करेगी
आम जनता से मिलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड राज्यपाल सुश्री उइके के नाम
डेढ़ साल में दस हजार लोगों से मिलकर सुनी समस्या
राज्यपाल छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के स्थापना दिवस समारोह में हुई शामिल
रायपुर / शौर्यपथ / निजी विश्वविद्यालय ऐसी शिक्षा प्रदान करे कि यहां से निकलने वाले विद्यार्थी देश के बाहर जाकर भी यह कहें कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा प्राप्त की है। कोरोनाकाल में निजी विश्वविद्यालयों ने ऑनलाइन शिक्षा तथा अन्य माध्यमों से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने का प्रयास किया है, यह सराहनीय है। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने कल राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के 16वें स्थापना दिवस समारोह में कही। राज्यपाल सुश्री उइके का नाम आम जनता से मुलाकात करने के लिए वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया। इस समारोह में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड संस्था द्वारा राज्यपाल को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया। यह सम्मान उन्हें 29 जुलाई 2019 से 06 जनवरी 2021 तक एक राज्यपाल के रूप में 10 हजार 849 लोगों से मुलाकात करने एवं उनकी समस्या सुनने के लिए दिया गया। राज्यपाल को उपस्थित सभी निजी विश्वविद्यालयों ने अभिनंदन पत्र प्रदान कर सम्मान किया। छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ने भी राज्यपाल को विशेष अभिनंदन पत्र प्रदान किया। सभी निजी विश्वविद्यालयों ने राज्यपाल के समक्ष उनके द्वारा कोरोना काल में किए गए कार्यों से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र गुणवत्ता बनाएं रखें। पहले की अपेक्षा विश्वविद्यालयों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है परन्तु आवश्यकता है कि मानकों के अनुरूप अपने आप को ढालें तथा यह प्रयास करें कि सभी वर्गों तक उच्च शिक्षा की पहुंच हो। मेरा मानना है कि शिक्षा प्रदान करने का काम सबसे पुण्य का कार्य है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होना चाहिए। शिक्षण संस्थाओं को किसी भी प्रकार की राजनीति से मुक्त रखना चाहिए ताकि विद्यार्थियों की संस्थाओं के प्रति विश्वसनीयता बनी रहे। राज्यपाल ने निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग और सभी निजी विश्वविद्यालयों को स्थापना दिवस की बधाई दी। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल द्वारा पहली बार राजभवन में सभी निजी विश्वविद्यालयों की बैठक ली गई और समीक्षा की गई। इस बैठक में कुलाधिपति, कुलपति एवं कुल सचिव उपस्थित थे। इस अवसर पर सभी निजी विश्वविद्यालयों ने कहा कि यह पहला अवसर है जब राज्यपाल द्वारा उन्हें राजभवन बुलाकर बैठक ली गई और हमें अपनी बात रखने का मौका दिया। इसके लिए हम सब उन्हें धन्यवाद देते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि आप लोगों ने जो मुझे यह सम्मान दिया उसके लिए मैं आपको धन्यवाद देती हूं। मुझे जो गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड संस्था ने सम्मानित किया, उनके प्रति मैं आभारी हूं। मैं जब भी किसी व्यक्ति से मिलती हूं तो मेरे मन में यह विचार रहता है कि उसके लिए मैं क्या कर सकती हूं और उसकी समस्याओं का कैसे समाधान कर सकती हूं। मैंने जीवन में कोई भी कार्य या किसी की मदद बिना किसी अपेक्षा के की। यदि जीवन में कोई भी व्यक्ति बिना किसी अपेक्षा के किसी की मदद करता है तो उसे जो संतुष्टि मिलती है वह किसी भी अन्य कार्य में नहीं मिलती। ऐसे कार्यों से भी उन्हें सबसे बड़ा पुण्य मिलता है। छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. शिववरण शुक्ल को इस कार्यक्रम के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी और कहा कि इस उम्र में भी इतने ऊर्जावान है और कार्य करते हैं, यह तारिफ के काबिल है। इससे यह प्रदर्शित होता है कि यदि किसी व्यक्ति के मन में काम करने की प्रबल इच्छा हो तो कभी भी बुढ़ापा या उम्र बाधा नहीं बनता और वह अवश्य लक्ष्य की प्राप्ति करता है।
डॉ. शिववरण शुक्ल ने कहा कि राजभवन के दरबार हॉल में इस कार्यक्रम के आयोजन से ऐसा महसूस हो रहा है कि हम सब परिवार के लोग एक साथ एकत्रित हुए हैं। सभी निजी विश्वविद्यालय प्रयास करें कि छत्तीसगढ़ को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सबसे सर्वोत्तम बनाएं। श्री शुक्ल ने बताया कि इस अवसर पर दरबार हॉल घोषणा पत्र जारी कर रहे हैं, जिसके अनुसार सभी निजी विश्वविद्यालय अपने पाठ्यक्रम में नैतिक मूल्य से संबंधित 100 नंबर का एक विषय प्रारंभ करें और उसमें उत्तीर्ण होना अनिवार्य करें। इसके नंबर को श्रेणी निर्धारण में शामिल न करें। साथ ही हर विश्वविद्यालय संस्कृत से जुड़ा पाठ्यक्रम प्रारंभ करें क्योंकि संस्कृत हमारे देश की प्राचीन संस्कृति की पहचान है। विश्वविद्यालयों में छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति से जुड़े पाठ्यक्रम भी प्रारंभ करें।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के द्वारा आयोजित वेबिनार के स्मारिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो, डॉ. सी.व्ही. रमन विश्वविद्यालय, मैट्स विश्वविद्यालय, कलिंगा विश्वविद्यालय, आई.सी.एफ.ए.आई. विश्वविद्यालय, आई.टी.एम. विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय, ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, आई.एस.बी.एम. विश्वविद्यालय, ए.ए.एफ.टी. यूनिवर्सिटी ऑफ मीडिया आर्टस, श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय, महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, के.के. मोदी यूनिवर्सिटी, देव संस्कृति विश्वविद्यालय, श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भारती विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, कुलपति एवं कुल सचिव उपस्थित थे।
स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रतिमा पर अर्पित किए श्रद्धासुमन
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज भिलाई 3 बाजार चौक में स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर जी के पुण्यतिथि कार्यक्रम के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। यहां आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर का अहम योगदान है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के लिए आंदोलन किए, बैठकें की और व्यापक जन जागृति का निर्माण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय श्री चंद्राकर के पास छत्तीसगढ़ राज्य के विकास के लिए एक विशेष दृष्टि थी। वे यहां हॉर्टिकल्चर की संभावनाओं के संबंध में हमेशा बात करते थे। आज दुर्ग जिला जो छत्तीसगढ़ राज्य में सब्जी एवं फलों के उत्पादन में शीर्ष स्थान पर है उसके पीछे स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर जी की सोच का महत्वपूर्ण योगदान है। भिलाई के औद्योगिक विकास में भी उनकी अहम भूमिका रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल पत्रकार के रूप में उन्होंने दुनिया का कोना-कोना देखा। जहां भी गए अपनी छत्तीसगढ़िया अस्मिता को साथ लेकर गए। विदेश यात्राओं में भी अपने साथ हमेशा ठेठरी, खुरमी साथ रखते। साथ ही दातुन ले जाना कभी नहीं भूलते। जहां भी गए अपने पिता का दिया हुआ लोहे का संदूक लेकर गए। वह देश के शीर्षस्थ पत्रकारों में शामिल थे, लेकिन कभी इसका अहंकार नहीं किया। गांधी जी के साथ बिरला हाउस के दिनों में उन्होंने काफी वक्त बिताया। देश सेवा में स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर का योगदान अहम है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि संबंधी योजनाओं से किसान का खेती में भरोसा लौटा है। इस साल 92 लाख मीट्रिक धान की खरीदी हुई जो अब तक का रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना के माध्यम से किसानों को अतिरिक्त आय अर्जित हो रही है। पहले किसान धान बेचकर मोटरसाइकिल खरीदते थे अब किसान गोबर बेचकर भी मोटरसाइकिल खरीद रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय श्री चन्द्राकर के बताए हुए रास्ते पर छत्तीसगढ़ विकास कर रहा है। उन्होंने जो कृषि संबंधी और उद्योग संबंधी विजन हमें दिया, उस मिशन को आगे लेकर हम चल रहे हैं। इस मौके पर पीएचई मंत्री गुरु रुद्र कुमार ने कहा कि स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर का छत्तीसगढ़ की राजनीति में अहम योगदान है। उनका छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में अहम योगदान रहा। स्वर्गीय मिनी माता जी के साथ में उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए अतुलनीय योगदान दिया।
*- कैबिनेट में जल्द ही होगी कार्रवाई*
*-मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणा*
दुर्ग / शौर्यपथ / स्वर्गीय चंदूलाल चंद्राकर की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मेडिकल कॉलेज को शासकीय मेडिकल कॉलेज बनाने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। इसके लिए कैबिनेट में जल्द ही प्रस्ताव लाया जाएगा तथा अन्य प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। उल्लेखनीय है कि चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के संचालन में दिक्कत होने के चलते प्रबंधन ने सरकार से आग्रह किया था कि प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन की बेहतरी को देखते हुए सरकार इस कॉलेज का अधिग्रहण कर ले। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर कहा कि दुर्ग जिले में मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने के लिए स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर का सपना था कि यहां मेडिकल कॉलेज खुले, इस पर डॉ. एपी चन्द्राकर से उनकी लंबी चर्चा हुई थी और इसके पश्चात क्षेत्र का पहला मेडिकल कॉलेज खुला था। अभी इस मेडिकल कॉलेज के संचालन में कुछ दिक्कतें आ रही थी और प्रबंधन ने अपनी दिक्कतें शासन से साझा की थी। स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर का देखा गया यह सपना फले फुले इसे आगे बढाए रखना है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर से जुड़ी हुई स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर हमेशा जमीन से जुड़े रहे। उन्होंने लगातार विदेश यात्राएं की लेकिन अपना छत्तीसगढ़िया स्वभाव नहीं छोड़ा। जब भी विदेश जाते, अपने साथ दातुन लेकर जाते अपने साथ ठेठरी खुरमी लेकर जाते। वे विशाल व्यक्तित्व के धनी थे। उनकी रूचि का दायरा काफी व्यापक था। उन्हें फोटोग्राफी का बहुत शौक था और देश-विदेश में रिपोर्टिंग के साथ ही उनकी फोटोग्राफी भी काफी मशहूर थी। इस मौके पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर जी का योगदान बहुत अहम है, उन्होंने राजनीति के साथ ही पत्रकारिता के क्षेत्र में भी अहम योगदान दिया। इस मौके पर अपने संबोधन में जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर के दिखाए रास्ते पर छत्तीसगढ़ शासन कार्य कर रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य को लेकर जो सपना देखा था। उसे पूरा करने के लिए सरकार कृत संकल्पित है। इस मौके पर अपने संबोधन में पीएचई मंत्री गुरु रूद्र कुमार ने कहा कि उनकी दादी स्वर्गीय श्रीमती मिनीमाता एवं स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर एक साथ सांसद रहे और दोनों का छत्तीसगढ़ के विकास में बहुत अहम योगदान रहा। इस मौके पर स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर की प्रतिमा का अनवारण किया गया। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद, माइनिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शालिनी यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
परिक्षेत्र फरसियां साहू समाज महिला सम्मेलन 31 जनवरी आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में महिलाओं को कपड़ा प्रदान करने , विधवाओं के साथ सामाजिक स्तर पर होने वाले ब्यवहार , महिलाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य , रोटी-बेटी व अन्य विषयों पर विचार मंथन किया गया।
सभा को बबीता साहू अध्यक्ष म.प्र. तहसील नगरी, श्रीमति कौशल देवी साहू उपाध्यक्ष तहसील नगरी, श्रीमती धनेश्वरी साहू, दुर्गा देवी साहू अध्यक्ष फरसियां, सविता सोन, अनुसुइया साहू, ग़ौरी साहू, एकता साहू,ओम साहू, ललीता देवी साहू,मनहरण साहू अध्यक्ष फरसियां टिकेश कुमार साहु सचिव,लिलमबर साहु, बिरेंद्र साहू संरक्षक, नरोत्तम साहु, महेश्वर साहू, उपेन्द्र साहु, विनोद कुमार साहु,सरजू साहू ने
संबोधित किया गया
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
