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खून की कमी से महिला बिस्तर पर, घर पहुंचकर टीम ने ईलाज शुरू की
मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना में दस हजार हुए लाभान्वित
रिसाली / शौर्यपथ / मौहारी भाठा वार्ड 15 में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की टीम गंभीर रूप से बीमार महिला का स्वास्थ्य परीक्षण कर ईलाज शुरू किया। दरअसल महिला चल नहीं पा रही थी। इस बात की जानकारी मिलते ही टीम के सदस्य घर पहुंचे और जांच के बाद दवाईयां दी।
मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत सेवाए देने वाले टीम में शामिल सद्स्यों ने बताया कि, उन्हे सूचना मिली थी कि 25 वर्षीय महिला बिस्तर पर है। वह चल नहीं पा रही है। जानकारी मिलते ही टीम महिला के घर पहुंची और घर पर ही जांच की। शरीर में खून की कमी होने पर तत्काल ईलाज शुरू किया गया। परिवार के सद्स्यों को आवश्यक निर्देश दिए। मंगलवार को रिसाली निगम क्षेत्र में लगाए शिविर में 177 ने जांच कराकर 127 लोगों ने दवा ली।
फायदा हुआ तो दोबारा आई
बजरंग पारा निवासी पुष्पा जांगड़े ने बताया कि खून की कमी होने का आभास उसे नहीं था। मोबाइल हेल्प यूनिट में आने से जानकारी हुई। वर्तमान में वह दवाई लेने के बाद बिल्कुल ठीक है। अब वह अपने बेटे का ईलाज करा रही है। उसे चर्म रोग की शिकायत है।
एक खुराक में ठीक लगा।
क्षेत्र की मितानीन सावित्री निर्मलकर बताती है कि उसे खासी की शिकायत थी। घरेलू उपचार में ठीक नहीं होने पर वह शिविर में आई। डाॅक्टर को तकलीफ बताने पर उसे दवाई दी। एक खुराक लेने के बाद उसकी खांसी बंद हो गई।
एक नजर
योजना शुरू - 2 नवंबर 2020
अबतक पहुंचे - 9962
रेफर - 356
पैथालाॅजी जांच कराया - 2509
दवा ली - 7143
वर्जन
नगर पालिक निगम रिसाली क्षेत्र की आबादी 1 लाख से अधिक है। यहां स्लम एरिया भी है। जहां पर शासन की योजना के तहत शिविर के लिए कार्यक्रम तैयार कर उसका क्रियान्वयन किया जा रहा है। शिविर स्थल पर श्रम विभाग में पंजीयन कराने हितग्राहिों को पे्ररित किया जा रहा है। वर्तमान स्थिति में 1049 पंजीकृत है वहीं 1216 लोगों ने पंजीयन के लिए आवेदन दिया है।
प्रकाश कुमार सर्वे, आयुक्त नगर पालिक निगम रिसाली
बिलासपुर / शौर्यपथ / मस्तूरी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की आपसी लड़ाई का एक अच्छा प्रभाव यह हुआ कि सामान्य जनता बिलासपुर कलेक्ट्रेट आकर ग्रामीण क्षेत्रों में हुए बेजा कब्जे की जानकारी स्वत: दे रही है। इसी क्रम में ग्राम केंवतरा के निवासियों ने बिलासपुर कलेक्ट्रेट में एक शिकायत करते हुए कहा कि ग्राम की खसरा नंबर 634 /1 तथा 630 शासकीय मध्य की जमीनें हैं इन्हीं में से 1 एकड़ 17 डिसमिल भूमि पर आईटीआई बना है आईटीआई की कुल जमीन में से कुछ पर 40 से 50 परिवारों ने कब्जा कर लिया है। आम जनता ने कहा कि शैक्षणिक परिसर में बेजा कब्जा धारी को हटाए असल में कुछ दिन पूर्व इसी गांव में मस्तूरी जनपद के पूर्व जनप्रतिनिधि पृथ्वी पाल राय ने एक लगानी जमीन खरीदी थी जिस पर जाने का रास्ता शासकीय जमीन पर से था।
ऐसा बताया जाता है कि उन्होंने अपनी जमीन पर जाने के लिए विधिवत एसडीएम से मार्ग आवंटन न करा कर सरपंच की सेहमति भर ली और अतिक्रमणकारियों को हटाने का प्रयास किया वह जब कभी भी शासकीय जमीन पर मुरम गिराते थे तो रात के समय मजदूर काम करते थे आम जनता को इस मामले में लुका छुपी समझ आती है इसी कारण अब पूरे गांव के बेजे कब्जे का खेल उजागर हो गया है। बताने वाले तो यहां तक कहते हैं कि इस गांव के 3 किलोमीटर पहले की ग्राम पंचायत में 1996 में 3 एकड़ जमीन पुलिस विभाग को आवास बनाने के लिए आवंटित की गई थी किंतु अब इस जमीन पर एक जनप्रतिनिधि ने कब्जा कर रखा है । चर्चा यहाँ तक चल रही है कि मस्तूरी का एक नायब तहसीलदार बेजा कब्जे को ना हटाकर भेदभाव पूर्ण तरीके से अपना निजी आर्थिक हित साधते हुए कार्यवाही करता है।
अजीत सिंह की रिपोर्ट बिलासपुर से
बिलासपुर / शौर्यपथ / एक समय था जब न्यायालय के आदेश के बाद ऐसा माना जाता था कि अब आदेश के पालन में सरकारी अधिकारी कहीं कोई भूल चूक नहीं करेगा किंतु अब ऐसा नहीं है मस्तूरी क्षेत्र के थाना क्षेत्र पंचपड़ी के निवासी भूषण प्रसाद मधुकर जो स्वयं निर्वाचित जनप्रतिनिधि रहे हैं को मस्तूरी तहसीलदार शायद राजनैतिक दबाववश कब्जा नहीं दिला पा रहे है। पूरा मामला यह है कि भूषण प्रसाद मधुकर को पैतृक संपत्ति के बंटवारे में खसरा नंबर 262/7 रकबा 0.24 एकड़ भूमि प्राप्त हुई है। आवेदक की इस भूमि पर झड़ीराम और 12 अन्य लोग व्यवसाय संचालित करते हैं यह जमीन मुख्य मार्ग पर है भूषण प्रसाद मधुकर एसडीएम न्यायालय से लेकर व्यवहार न्यायालय, जिला सत्र न्यायालय और उसके बाद उच्च न्यायालय तक से प्रकरण जीत चुके हैं। आरंभ से लेकर उच्च न्यायालय तक झड़ीराम पिता समय लाल व अन्य 12 लोगों को मुंह की खानी पड़ी किंतु व्यवस्था है कि मधुकर को कब्जा नहीं मिल पाया .
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद तहसीलदार मस्तूरी ने काफी टालमटोल के बाद 22-07-2019 को बेदखली वारंट जारी किया वारंट के आधार पर जामदार तहसील कार्यालय मस्तूरी , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, बिलासपुर को ज्ञापन देकर पुलिस बल निवेदन किया गया तय तिथि पर पुलिस बल प्राप्त हुआ किंतु तहसीलदार किसी अन्य जगह चले गए और कब्जा दिलाने नहीं आए। माननीय उच्च न्यायालय ने 15-10-2019 को भूषण प्रसाद मधुकर के पक्ष में आदेश पारित किया था जिसमें स्पष्ट निर्देश था कि आदेश दिए जाने के 60 दिन के भीतर आवेदक को भूमि का कब्जा दिला दिया जाए किंतु तहसीलदार ने ज्ञापन तो जारी किया बेदखली वारंट जारी किया पर तय तिथि पर कब्जा दिलाने नहीं पहुंचे यह बात समझ के परे है कि एक तहसीलदार उच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी कैसे कर सकते है .
ऐसा भी नहीं है कि खसरा नंबर 262/ 7 का कोई प्रकरण न्यायालय में लंबित हो और उस पर स्थगन प्राप्त हो बिलासपुर जिले में नायब तहसीलदारों की मनमानी हद से ज्यादा बढ़ती जा रही है शायद इसके पीछे उन्हें प्राप्त राजनीतिक संरक्षण ही एकमात्र कारण है अब देखने लायक होगा कि मस्तूरी के इस नायब तहसीलदार के खिलाफ मस्तूरी के एसडीएम और जिला कलेक्टर बिलासपुर क्या रुख अख्तियार करते हैं । इसके पूर्व सरकारी जमीन को निजी खाते में डाल देना के कारण बिल्हा के नायब तहसीलदार को निलंबित किया जा चुका है ऐसा लगता है कि मस्तूरी में कोई अन्य कानून काम करता है तभी तो नायाब तहसीलदार पिछले 3 वर्ष से सरकारी नियमों को मनमर्जी लागू करते हैं या अनदेखा कर देते हैं किंतु उनके विरुद्ध कभी कोई कार्यवाही नहीं होती।
भिलाई नगर/ शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई के सभागार में निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने मोबाइल मेडिकल यूनिट के बेहतर संचालन के लिए निगम अधिकारियों एवं एम.एम.यू. से जुड़े चिकित्सक ए.पी.एम. की बैठक ली! बैठक में उन्होंने शिविर में आने वाली समस्याओं के बारे में सभी से जानकारी ली! बैठक मे कुछ क्षेत्रों में असामाजिक तत्व एवं नशाखोरो से बचाव के लिए सुरक्षाकर्मी लगाए जाने की बात सामने आई, जिस पर निगमायुक्त ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से दाई-दीदी क्लीनिक में तत्काल सुरक्षा कर्मी नियुक्त किए जाने के निर्देश दिए है! शिविर में अधिक से अधिक लोग अपना इलाज कराने आए इसके लिए जिस क्षेत्र में शिविर लगाया जाना है उस क्षेत्र में 1 दिन पूर्व मुनादी कराने के निर्देश दिए गए है! शिविर लगने वाले स्थल के समीप स्थित शौचालय की व्यापक सफाई कराने के निर्देश बैठक में दिए गए!
निगमायुक्त ने स्पष्ट कहा कि जिन क्षेत्रों में शिविर लगाए जाने हैं वहां पर की शौचालय की सफाई नहीं होने पर उन जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी! मोबाइल मेडिकल यूनिट के किसी डॉक्टर के अवकाश में जाने के पूर्व उन्हें सूचना देना होगा, ताकि अवकाश दिन के लिए दूसरे चिकित्सक को नियुक्त किया जा सके! संबंधित एजेंसी को इस कार्य के लिए निगम आयुक्त ने निर्देश दिए हैं! मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट का व्यापक प्रचार-प्रसार जोन क्षेत्रों में करने निर्देशित किया गया है! जिस एम.एम.यू. में और फार्मासिस्ट की आवश्यकता है उसकी मांग के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के संज्ञान में लाया जाएगा! निगम क्षेत्र के सभी एम.एम.यू. में एंटी रेबीज एवं टिटनेस का डोज भी पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए बैठक में दिए गए हैं! इसके अतिरिक्त संगठित, असंगठित एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार के पंजीयन की जानकारी लेते हुए आयुक्त श्री रघुवंशी ने लगातार इस कार्य पर प्रगति लाने के निर्देश दिए!
बैठक में उपायुक्त नरेंद्र कुमार बंजारे, कार्यपालन अभियंता बीके देवांगन, सहायक अभियंता तपन अग्रवाल, अजय शुक्ला, तीरथ यादव, एपीएम अश्विनी जांगड़े, कुलेश्वर चंद्राकर एवं इशान शर्मा, कोऑर्डिनेटर अतुल कुमार शुक्ला, अमित कुमार चतुर्वेदी सहित अन्य मौजूद रहे!
भिलाई नगर/ शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई की मतदाता सूची तैयार करने सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन एंट्री का कार्य किया जा रहा है! ऑनलाइन एंट्री में भाग, अनुभाग, मतदाता शिफ्टिंग कार्य, मतदाता यथावत रखना इत्यादि सारे कार्य किए जा रहे हैं! निगम के सहायक राजस्व अधिकारियों को एंट्री के दौरान उपस्थित रहने कहा गया है! क्योंकि ऑनलाइन एंट्री के दौरान मतदाता संख्या अधिक होने पर नए भाग एवं अनुभाग बनाने की आवश्यकता हो सकती है! बीएलओ और प्राधिकृत अधिकारी भी कंप्यूटर ऑपरेटर के संपर्क में रहेंगे! ऑपरेटर को कोई समस्या आने पर प्राधिकृत अधिकारी एवं बूथ लेवल ऑफिसर इसका समाधान करेंगे!
चंद्रपाल हरमुख बताया कि ऑनलाइन एंट्री करने के लिए जनगणना कक्ष, डाटा सेंटर, अधीक्षण अभियंता कक्ष, सिटी बस कक्ष, शिक्षा विभाग, आजीविका मिशन एवं जनगणना कक्ष से लगे हुए भवन में कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा मतदाता सूची तैयार करने से संबंधित कार्य किया जा रहा है! राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्वाचक नामावली तैयार करने, पुनरीक्षित करने के लिए प्रेक्षक की नियुक्ति भी कर दी है! प्रेक्षक जल्द ही निर्वाचक नामावली तैयार करने के कार्य का निरीक्षण करने भिलाई निगम का दौरा कर सकते हैं! निगम उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने ऑनलाइन एंट्री कार्य समय पर करने के निर्देश दिए हैं!
नवागढ़ / शौर्यपथ / ग्राम पंचायत खेड़ा सम्बलपुर में 18 से 27 फरवरी तक श्रीराम चरित मानस परायण महायज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें मंगलवार को प्रवचनकर्ता ओमप्रकाश ठाकुर झिलियापुर वाले ने लंका दहन, लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ वध और रावण वध की लीला सुनाई। कथावाचक श्री ठाकुर ने राम भक्त हनुमान के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान से भक्त बड़ा होता है। हनुमानजी महान योद्धा के साथ-साथ ज्ञानी भी थे और अपनी चतुराई के साथ रावण की लंका दहन कर यह अवगत करा दिया था कि जिनका वक्त इतना बलशाली है तो उनसे आप किसी तरीके से पार नहीं पा सकते हैं और आप सीता माता को वापस कर अपनी गलती की माफी मांग लें, लेकिन अपनी राक्षसी प्रवृत्ति के कारण उसने माफी मांगने से इनकार कर दिया।
भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम ने समुद्र पर पुल बांधकर लंका में प्रवेश किया। उधर रावण के भाई विभीषण ने भी समझाने का प्रयास किया तो लात मारकर घर से निकाल दिया और विभीषण राम की शरण में पहुंच जाता है। राम विभीषण का राजतिलक कर लंका का राजा बना देते हैं। यह बात जब रावण को पता चलती है तो वह बहुत क्रोधित होता है और बदला लेने को ठान लेता है। रावण, शंकरजी का अपार भक्त था उसने अपने शीश काट कर शंकर जी पर चढ़ाए और प्रसन्न कर वरदान प्राप्त किया था। रावण राम के युद्ध वर्णन बहुत ही मार्मिक ढंग से सुना कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि अत्याचारी का अंत बुरा होता है। रावण के एकलाख पुत्र और सवा लाख नाती थे, उनका भी अंत अत्याचारी की वजह से हुआ। इसलिए संकल्प लें और घर में रामचरितमानस की कम से कम पांच चौपाई जरूर पढ़े। जीवन में बुराई को त्याग कर सच्चाई की तरफ बढ़ने की प्रेरणा लें। साथ ही उन्होंने ने गायत्री परिवार द्वारा संचालित हर हर गंगे,घर घर गंगे कार्यक्रम से भी लोगो को जुड़ने का आह्वान किया। ततपश्चात पं आलोक मिश्रा कानपुर उत्तरप्रदेश ने भी प्रवचन दिया।
पंडाल में पं नारायण तिवारी, सुरेश शास्त्री, गुलाबधर तिवारी,कौशलेंद्र तिवारी,बीके वर्मा, मिलाप राम साहू, ओमप्रकाश वर्मा, नागेंद्र शर्मा, कंवल प्रसाद वर्मा, प्रह्लाद राजपूत, जोहितराम साहू, सरपंच सन्तोषी भूषण वर्मा, भिनेश्वरी देवेंद्र वर्मा, मधुबन सिंह वर्मा, सुरेंद्र सिंह राजपूत, सालिकराम सहित भक्तजन उपस्थित रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महाराष्ट्र में कोविड-19 के बढ़ते प्रकरणों को देखते हुए राजधानी रायपुर के एयरपोर्ट और महाराष्ट्र बॉर्डर में कोरोना की थर्मल स्क्रीनिंग करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कोरोना के बढ़ते प्रकरण को देखते हुए प्रदेशवासियों से कोरोना संक्रमण से बचने हेतु पूर्व में जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जब तक हम कोरोना पर विजय प्राप्त नही कर लेते तब तक इससे बचने के लिए मास्क पहने, सोशल और फिजिकल डिस्टेंस का पालन करें, थोड़ी-थोड़ी देर में हाथों को धोते रहने से ही हम कोरोना को रोकने में काफी हद तक सफल हुए हैं ओर आगे भी इसका पालन करते हुए इसकी रोकथाम कर सकेंगे।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / कलेक्टर यशवंत कुमार ने आकस्मिक आपदा में मृत्यु के 04 प्रकरणों में राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत कुल 16 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृति दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की तहसील अकलतरा के ग्राम लटिया के श्री शशिभुषण मरकाम की पानी में डुबने से मृत्यु होने पर उनके निकटतम वारिस पत्नि श्रीमती पार्वती मरकाम, तहसील बलौदा के ग्राम डोंगरी के श्री विनोद केंवट की सर्पदंश से मृत्यु होने पर उनके निकटतम वारिस मां फुदाना बाई, तहसील जैजैपुर के ग्राम भातमाहुल निवासी श्रीमती श्यामबाई की सर्पदंश से मृत्यु होने पर उनके निकटतम वारिस पति श्री राजेन्द्र रात्रे और ग्राम गुजियाबोड़ के श्री अजीत कुमार साहू की पानी में डुबने से मृत्यु होने पर उनके निकटतम वारिस पत्नि श्रीमती रामेश्वरी को राजस्व पुस्तक 6-4 के तहत चार-चार लाख रूपये की सहायता राशि की स्वीकृति दी है।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम -2016 के तहत निःशक्त व्यक्तियों की पहचान, शत-प्रतिशत प्रमाणीकरण तथा यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए जनपद पंचायतवार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर यशवंत कुमार ने सभी नगरीय निकाय के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर शिविर आयोजन के संबंध में निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर द्वारा जारी पत्र के अनुसार जिले में अब तक यूडीआईडी पंजीयन का कार्य 79 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। शत-प्रतिशत प्रमाणीकरण एवं यूडीआईडी पंजीयन हेतु जिले के समस्त विकासखंड में यूडीआईडी पंजीयन शिविर 24 फरवरी से शुरू होगा। शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग, सर्व शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, स्वास्थ्य विभाग, जनपद एवं नगरीय निकाय से समन्वय स्थापित कर दिव्यांगजनों का यूडीआईडी कार्ड बनाया जाएगा।
शिविर के लिए तिथि निर्धारित -
शिविर के लिए निर्धारित तिथि के अनुसार जनपद पंचायत डभरा में 24 फरवरी को डीपीआरसी भवन में और जनपद पंचायत मालखरौदा में 27 फरवरी को सद्भावना भवन में शिविर का आयोजन होगा। इसी प्रकार जनपद पंचायत जैजैपुर के सद्भावना भवन में 3 मार्च को, जनपद पंचायत सक्ती के सामुदायिक भवन में 6 मार्च को, जनपद पंचायत बम्हनीडीह के कार्यालय भवन में 10 मार्च को, नवागढ़ के जनपद पंचायत भवन में 15 मार्च को, पामगढ़ जनपद पंचायत के सद्भावना भवन में 17 मार्च को, जनपद पंचायत अकलतरा के स्वर्गीय योगेंद्र सिंह स्मृति भवन में 22 मार्च को और बलौदा के जनपद पंचायत भवन में 24 मार्च को शिविर का आयोजन होगा।
प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे और प्रमाण पत्रों का होगा नवीनीकरण -
शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला मेडिकल बोर्ड की टीम उपस्थित रहेगी। ऐसे दिव्यांग जिनके प्रमाण पत्र नहीं है उनके, प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे। साथ ही प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण भी किया जाएगा। निःशक्तजनों को अपने साथ पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र के साथ उपस्थित होने कहा गया है।
यूडीआईडी रजिस्ट्रेशन हेतु हितग्राहियों को लाने की दी गई जिम्मेदारी-
दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड रजिस्ट्रेशन हेतु सभी दिव्यांगजनों को मूल चिकित्सा प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, आय, जाति, निवास एवं शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र की छाया प्रति के साथ उपस्थित कराने कहा गया है। आंगनबाड़ी केंद्र में दर्ज दिव्यांग बच्चों के प्रमाणीकरण एवं यूडीआईडी पंजीयन हेतु शिविर स्थल तक लाने व सकुशल वापस पहुंचाने की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास को दी गई है। प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक स्तर पर अध्यनरत छात्र-छात्राओं को लाने व वापस पहुंचाने की जिम्मेदारी खंड स्रोत समन्वयक को सौंपी गई है। 18 वर्ष से अधिक या ऐसे निःशक्तजन को स्कूल में दर्ज नहीं है उनको जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के दिशा निर्देश में शिविर स्थल पर पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित गांव के पंचायत सचिव को दी गई है।
शिविर का आयोजन-
कोरोनावायरस के संक्रमण की रोकथाम हेतु जारी निर्देश का पालन करते हुए किया जाएगा। जिन दिव्यांगजनों का यूडीआईडी कार्ड बनाया जा चुका है, उन्हें शिविर में लाने की आवश्यकता नही है। स्थानीय स्तर पर शिविर का अधिक से अधिक प्रचार करने कहा गया है। शिविर स्थल पर भोजन, पेयजल इत्यादि की व्यवस्था मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा किया जाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
